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मॉडल टाउन में शुक्रवार को हल्दीराम वाली बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई. दोपहर में शॉर्ट सर्किट के चलते भड़की इस आग ने कई मंजिलों को चपेट में ले लिया. पुलिस और दमकल की 23 गाड़ियों ने मोर्चा संभालकर करीब 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. समय रहते रेस्क्यू होने से कोई हताहत नहीं हुआ और शाम चार बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया.
दिल्ली: मॉडल टाउन की बहुमंजिला इमारत में आग लगी, 30 लोगों को बाहर निकाला गया. (PTI Photo)
नई दिल्ली: राजधानी के उत्तर पश्चिमी इलाके मॉडल टाउन में शुक्रवार दोपहर उस समय अफरातफरी मच गई जब एक बहुमंजिला इमारत में अचानक भीषण आग लग गई. इस इमारत के ग्राउंड और पहले फ्लोर पर मशहूर हल्दीराम की दुकान मौजूद है. आग लगते ही पूरी बिल्डिंग और आसपास के इलाके में काले धुएं का गुबार फैल गया. घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग ने मोर्चा संभाला और कुल 23 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. पुलिस और फायर टीम की मुस्तैदी से करीब 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. राहत की बात यह रही कि समय रहते रेस्क्यू पूरा होने से कोई जनहानि नहीं हुई. दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया और बड़ा हादसा टल गया.
दोपहर दो बजे मॉडल टाउन की इमारत में अचानक क्या हुआ था?
मॉडल टाउन इलाके में यह हादसा दोपहर करीब दो बजे हुआ. उस समय इमारत में लोग रोजमर्रा के काम में व्यस्त थे. सबसे पहले मॉडल टाउन थाने के हेड कांस्टेबल पवन ने बिल्डिंग से धुआं निकलते देखा. उन्होंने बिना देर किए तुरंत अपने सीनियर अधिकारियों को अलर्ट किया. इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लोगों को सतर्क करने का काम शुरू हुआ. पुलिसकर्मियों ने इमारत के साथ आसपास के ढांचों से भी लोगों को बाहर निकालना शुरू कर दिया. शुरुआती स्तर पर ही रेस्क्यू शुरू होने से लोगों को संभलने का मौका मिल गया.
दमकल विभाग ने 23 गाड़ियों के साथ रेस्क्यू कैसे पूरा किया?
दिल्ली फायर सर्विस को दोपहर दो बजकर 40 मिनट पर हल्दीराम की दुकान में आग लगने की काल मिली. पहले हालात को देखते हुए तुरंत चार दमकल गाड़ियां रवाना की गईं. मौके पर मौजूद टीम ने दोपहर साढ़े तीन बजे आग की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त मदद मांगी. इसके तुरंत बाद 19 और दमकल वाहनों को भेजा गया. इस तरह कुल 23 गाड़ियों ने ग्राउंड पर मोर्चा संभाला. दमकल कर्मियों ने दोपहर तीन बजकर 55 मिनट तक आग को नियंत्रित कर लिया. शाम चार बजे तक आग को पूरी तरह बुझा दिया गया था. फायर सर्विस के अधिकारियों ने पुष्टि की कि पूरी इमारत की तलाशी में कोई फंसा नहीं मिला.
क्या शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ था यह अग्निकांड?
शुरुआती जांच में आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है. इस बहुमंजिला इमारत में बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और तीन ऊपरी मंजिलें मौजूद हैं. ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर हल्दीराम की दुकान थी. वहीं दूसरी और तीसरी मंजिल पर एक अन्य रेस्तरां संचालित हो रहा था. आग धीरे-धीरे सभी मंजिलों में फैल गई थी. पास के एक निजी बैंक के असिस्टेंट मैनेजर मोहम्मद साजिद ने घटना के बारे में बताया. साजिद ने कहा, ‘गार्ड ने हमें सूचना दी कि आग लग गई है और इमारत खाली कर दें.’ बैंक कर्मचारियों ने अपने ऑफिस के फायर सेफ्टी उपकरणों से भी आग बुझाने की कोशिश की थी.
व्यावसायिक इमारतों में आग से बचाव के लिए क्या सबक जरूरी हैं?
इस तरह के हादसे कमर्शियल इमारतों में फायर सेफ्टी ऑडिट की अहमियत को रेखांकित करते हैं. किसी भी भीड़भाड़ वाले बाजार में इलेक्ट्रिक वायरिंग की समय-समय पर जांच बेहद जरूरी है. रेस्तरां और दुकानों में काम करने वाले स्टाफ को आपातकालीन स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग मिलनी चाहिए. इस घटना में पुलिस और स्थानीय लोगों की सजगता से 30 लोगों की जान बच गई. यदि समय पर लोगों को बाहर नहीं निकाला जाता तो बड़ा नुकसान हो सकता था.
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दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…
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