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Ghaziabad Student Death Case: गाजियाबाद के मोहन नगर स्थित गुलमोहर ग्रीन सोसाइटी में शनिवार की शाम सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 वर्षीय बच्ची की दसवीं मंजिल से गिरने से मौत हो गई. पहली नजर में यह हादसा लग रहा था, लेकिन बच्ची की डायरी खुलने के बाद परिजनों ने स्कूल की एक महिला टीचर पर मानसिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस अब हर पहलू से मामले की छानबीन कर रही है.
दसवीं मंजिल से गिरकर छात्रा की मौत, अपार्टमेंट की सांकेतिक तस्वीर
गाजियाबादः गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने हर माता-पिता को झकझोर कर रख दिया है. मोहन नगर स्थित गुलमोहर ग्रीन सोसाइटी में शनिवार की शाम सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 वर्षीय बच्ची की दसवीं मंजिल से गिरने से मौत हो गई. पहली नजर में यह हादसा लग रहा था, लेकिन बच्ची की डायरी खुलने के बाद परिजनों ने स्कूल की एक महिला टीचर पर मानसिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस अब हर पहलू से मामले की छानबीन कर रही है.
दसवीं मंजिल से गिरने के बाद मची अफरा-तफरी
मृतका गुलमोहर ग्रीन सोसाइटी में अपने परिवार के साथ रहती थी. उसकी बड़ी बहन 15 साल की है और दसवीं कक्षा में पढ़ती है, जबकि वह खुद राजेंद्र नगर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में सातवीं की छात्रा थी. परिवार के करीबी रिश्तेदार के मुताबिक, शनिवार शाम करीब सात बजे बच्ची ने घर में खेलने के लिए नीचे जाने की बात कही और फ्लैट से बाहर निकली. थोड़ी देर बाद सोसाइटी में अफरा-तफरी मच गई. पता चला कि बच्ची टावर की दसवीं मंजिल से नीचे गिर गई है. आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
डायरी ने खोला राज, सहपाठी नें बताई कुछ ऐसी बात
इस घटना के बाद जब बच्ची की सहपाठी घर पर सांत्वना देने आई, तो उसने एक ऐसी बात बताई जिसने परिवार के होश उड़ा दिए. सहपाठी के अनुसार, हाल ही में स्कूल में आंतरिक परीक्षाएं हुई थीं और शुक्रवार को उत्तर पुस्तिकाएं बांटी गई थीं. बच्ची के गणित में मात्र 30 अंक आए थे. वह काफी डरी हुई थी और उसने दोस्त से कहा था कि सोमवार को स्कूल जाने पर मैम उसे बहुत डांटेंगी और उसकी हालत खराब कर देंगी. इसके बाद परिजनों ने बच्ची की निजी डायरी को खंगाला. डायरी में जुलाई महीने से लेकर पिछले शनिवार तक कई पन्नों पर टीचर के व्यवहार को लेकर दर्द भरी बातें लिखी थीं. परिजनों का दावा है कि बच्ची ने लिखा था कि टीचर उसे कक्षा में बार-बार अपमानित करती है, अन्य बच्चों के सामने डांटती है और छोटी-छोटी गलतियों पर ज्यादा सजा देती है.
फोरेंसिक लैब भेजी गई बच्ची की डायरी
फूफा ने बताया कि बच्ची डायरी तो रोज लिखती थी, लेकिन किसी को छूने नहीं देती थी. परिवार का यह भी आरोप है कि उन्होंने जुलाई में हुई अभिभावक-शिक्षक बैठक में स्कूल प्रबंधन से उस टीचर की लिखित शिकायत की थी. लेकिन शिकायत के बाद हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ गए. रिश्तेदारों का कहना है कि इसके बाद टीचर बच्ची को और निशाना बनाने लगी. कुछ दिनों पहले बच्ची ने अपने दोस्तों से आत्महत्या के तरीकों पर भी चर्चा की थी, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह गहरे मानसिक दबाव में थी. उधर, इस पूरे मामले पर गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. डायरी को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच कराई जाएगी. स्कूल प्रबंधन, संबंधित टीचर और सहपाठियों से भी पूछताछ की जाएगी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह आत्महत्या है या हादसा, और इसमें टीचर की भूमिका क्या थी.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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