दिल्ली-एनसीआर में हर सीजन में आने वाली जहरीली हवा और आसमान पर स्मोक को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कड़ा एक्शन प्लान तैयार कर लिया है. नए संशोधनों के तहत अब प्रदूषण नियंत्रण के कई कड़े प्रतिबंध जो पहले स्टेज-2 में लागू होते थे, उन्हें अब सीधे ‘स्टेज-1’ से ही लागू कर दिया गया है. इसके तहत डीजल जनरेटर के इस्तेमाल और बीएस-IV या उससे नीचे की पुरानी बसों के एनसीआर में प्रवेश पर शुरुआती चरण से ही रोक लगा दी गई है. साथ ही, पुराने वाहनों पर शिकंजा कसते हुए बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल गाड़ियों पर प्रतिबंध का दायरा गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर के बाद अब सोनीपत तक बढ़ा दिया गया है. आयोग के इन सख्त फैसलों का मकसद सर्दियों से पहले ही वायु गुणवत्ता को बिगड़ने से रोकना है.
स्टेज-1 में ही कड़े किए गए नियम
• स्टेज-1 में शामिल हुए कड़े प्रतिबंध: सीएक्यूएम द्वारा किए गए संशोधनों के तहत डीजल जनरेटर (DG Sets) के इस्तेमाल और बीएस-IV (BS-IV) या उससे नीचे की बसों के एनसीआर एवं पड़ोसी राज्यों से प्रवेश पर रोक अब स्टेज-2 की बजाय सीधे स्टेज-1 से ही लागू कर दी जाएगी.
• सोनीपत तक बढ़ा दायरा: पुराने वाहनों पर शिकंजा कसते हुए बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल या उससे नीचे की हल्की मोटर गाड़ियों (LMVs) पर प्रतिबंध का दायरा बढ़ाकर अब सोनीपत तक कर दिया गया है. इससे पहले यह नियम गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर (HVD जिलों) में लागू था.
• जरूरी सामान ढोने वाले वाहनों की छूट खत्म: स्टेज-III और IV में आवश्यक वस्तुओं (essential commodities) को ढोने वाले बीएस-IV और उससे नीचे के कमर्शियल वाहनों (LGVs, MGVs और ट्रकों/HGVs) को मिलने वाली छूट को अब पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है.
• बाहरी वाहनों पर नजर: दिल्ली के बाहर पंजीकृत डीजल चालित बीएस-IV और उससे नीचे के एलजीवी (LGVs) तथा एमजीवी (MGVs) के दिल्ली में प्रवेश पर रोक को स्टेज-III के तहत और अधिक स्पष्ट रूप से परिभाषित कर दिया गया है.
अन्य प्रमुख बदलाव और पोर्टल मॉनिटरिंग
• पोर्टल आधारित निगरानी का विस्तार: सीएक्यूएम ने निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) साइटों पर धूल नियंत्रण उपायों की निगरानी के लिए दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है. अब 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक के प्लॉट क्षेत्र के नियमों को बरकरार रखते हुए इस वेब-पोर्टल पंजीकरण और निगरानी तंत्र को नगर निगम की सीमाओं से बाहर शहरी क्षेत्रों, विकास क्षेत्रों और राजमार्ग कॉरिडोर जोन तक बढ़ा दिया गया है.
• खेल प्रतियोगिताओं पर परामर्श: आयोग ने नवंबर-दिसंबर के दौरान होने वाली शारीरिक खेल प्रतियोगिताओं को वायु गुणवत्ता के रुझान को ध्यान में रखते हुए और छात्रों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उचित रूप से पुनर्निर्धारित करने के अपने परामर्श का भी संज्ञान लिया है.
• पौधारोपण के लक्ष्य: वर्ष 2026-27 के लिए तय किए गए 4,60,54,740 पौधों के कुल लक्ष्य के मुकाबले, 22 सितंबर 2026 तक 4,13,68,929 पौधों का रोपण सफलतापूर्वक किया जा चुका है.
