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Newborn Gold Ring Scheme: नवजात शिशुओं को 22 कैरेट की सोने की अंगूठी पहनान कितना सेफ है? बच्चों की संवेदनशील त्वचा पर इसके असर को लेकर सवाल उठ रहे हैं. स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. गौरव गर्ग के अनुसार 18 से 24 कैरेट का सोना आमतौर पर त्वचा के लिए ज्यादा नुकसानदायक नहीं माना जाता. हालांकि, लंबे समय तक अंगूठी पहनने से रैशेज हो सकते हैं. नवजात के अंगूठी को मुंह में डालने और अंगूठी के कारण सुरक्षा संबंधी जोखिम भी हो सकते हैं.
नई दिल्ली: मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अगुवाई वाली तमिलनाडु सरकार ने एक नई कल्याणकारी योजना शुरू की है. इस योजना के तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जन्म लेने वाले पात्र नवजात शिशुओं को 22 कैरेट की एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी. इस योजना का नाम ‘थाई मामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ यानी मामा की सोने की अंगूठी वाली योजना है.
यह योजना कितनी सुरक्षित
नवजात शिशु की सेहत और उसकी संवेदनशील त्वचा के लिए यह योजना कितनी सुरक्षित है? इसके क्या नुकसान हो सकते हैं? इन्हीं सवालों को लेकर दिल्ली-एनसीआर के जाने-माने डॉक्टर डॉ. गौरव गर्ग से खास बातचीत की गई. उन्हें सेलिब्रिटी डॉक्टर भी कहा जाता है. वह स्किन और हेयर ट्रांसप्लांट के लिए काफी चर्चित हैं. बातचीत में उन्होंने बच्चों की त्वचा और उसकी संवेदनशीलता को लेकर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने यह भी बताया कि क्या 24 कैरेट सोना बच्चों की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है या नहीं.
बच्चों की त्वचा के लिए सोना सुरक्षित या नहीं?
स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. गौरव गर्ग ने बताया कि 18 कैरेट से लेकर 24 कैरेट तक के गोल्ड को शुद्ध माना जाता है. इसमें मिलावट की मात्रा काफी कम या नहीं के बराबर मानी जाती है. ऐसे में अगर बच्चों को 24 कैरेट या 18 से 24 कैरेट के बीच की ज्वेलरी पहनाई जाती है, तो आमतौर पर इससे त्वचा को नुकसान नहीं होता है.
100 फीसदी कोई नुकसान नहीं
हालांकि, ऐसा भी नहीं कहा जा सकता कि इससे 100 फीसदी कोई नुकसान नहीं होगा. लंबे समय तक सोने की अंगूठी पहनने से बड़े लोगों और बुजुर्गों की त्वचा पर भी रैशेज हो सकते हैं. ऐसे में अगर जन्म के तुरंत बाद नवजात शिशु को एक ग्राम की अंगूठी पहना दी जाए, तो एक खतरा यह भी रहेगा कि बच्चा उसे मुंह के अंदर डालने की कोशिश कर सकता है. दूसरा खतरा यह है कि कोई व्यक्ति नवजात शिशु से सोने की अंगूठी छीनने की कोशिश कर सकता है. ऐसी स्थिति में बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है. हालांकि, त्वचा के लिहाज से 18 से 24 कैरेट का सोना बहुत ज्यादा हानिकारक नहीं माना जाता है.
अंगूठी से बेहतर चेन या कड़ा पहनाना
डॉ. गौरव गर्ग ने यह भी बताया कि बच्चों को अंगूठी पहनाने के बजाय उनके गले में चेन या हाथ में कड़ा पहनाना बेहतर विकल्प हो सकता है. आमतौर पर नवजात शिशुओं को चांदी की कोई चीज पहनाई जाती है, तो लोग माला या कड़े का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में अंगूठी की तुलना में नवजात शिशुओं की संवेदनशील त्वचा के लिए कड़ा या चेन बेहतर विकल्प हो सकता है. इससे अंगूठी को मुंह में डालने का खतरा भी कम हो सकता है. डॉ. गौरव गर्ग ने यह भी स्पष्ट किया कि यह तमिलनाडु सरकार का फैसला है. इसलिए वह सरकार के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं. वह सिर्फ बच्चों की त्वचा के लिए सोना कितना सुरक्षित या नुकसानदायक हो सकता है, इसी विषय पर एक एक्सपर्ट ओपिनियन के तौर पर अपनी बात रख रहे हैं.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…
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