₹50 में नॉवेल, ₹120 kg बुक्स… पुरानी किताबों के लिए फेमस है दिल्ली की यह मार्केट, इससे सस्ता कहीं नहीं

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₹50 में नॉवेल, ₹120 kg बुक्स… दिल्ली में यहां मिलती हैं पुरानी किताबें

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दिल्ली का दरियागंज बाजार पुरानी किताबों के लिए काफी प्रसिद्ध है. यहां ₹50 से नॉवेल्स मिलने लगती हैं. कुछ किताबें और कॉपियां ₹120 प्रति किलो के हिसाब से मिलती हैं. छात्रों के लिए सस्ती स्टेशनरी भी यहां उपलब्ध है. कम बजट में पढ़ाई की तैयारी के लिए यह सबसे अच्छी जगह है.

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नई दिल्लीः दिल्ली में अगर किताबों की बात हो तो दरियागंज का नाम सबसे पहले याद आता है. यहां आपको अलग-अलग तरह की किताबें एक ही जगह पर देखने को मिल जाएंगी. खास बात ये है कि किताब खरीदने के लिए हमेशा बड़ा बजट होना जरूरी नहीं है. यहां पुरानी, सेकंड हैंड और इस्तेमाल की हुई किताबें भी मिल जाती हैं, जिनकी कीमत नई किताबों के मुकाबले काफी कम हो सकती है.

कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षा की किताबें भी मिलती हैं
अगर आप कॉलेज में पढ़ते हैं या किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यहां पढ़ाई से जुड़ी कई तरह की किताबें तलाश सकते हैं. अलग-अलग विषयों की किताबों के साथ गाइड, रेफरेंस बुक और दूसरी स्टडी मटेरियल भी दुकानों पर मिल जाता है. किताब की कीमत उसके टाइटल, एडिशन, हालत और मांग के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है.

50 रुपये से शुरू हो जाती है नॉवेल
दरियागंज में सिर्फ पढ़ाई की किताबें ही नहीं मिलतीं. अगर आपको कहानी और नॉवेल पढ़ना पसंद है, तो यहां 50 रुपये से नॉवेल मिलना शुरू हो जाती हैं. पुराने उपन्यास और अलग-अलग तरह की किताबें कम बजट में तलाशने वालों के लिए ये जगह काम की हो सकती है.

120 रुपये किलो तक में कॉपी-किताबें
यहां कुछ कॉपी-किताबें करीब 120 रुपये किलो के हिसाब से भी मिल जाती हैं. वहीं रोजमर्रा की पढ़ाई के लिए इस्तेमाल होने वाली रफ कॉपी 20 रुपये से शुरू हो जाती है.पेन जैसी छोटी स्टेशनरी भी 2, 3 और 4 रुपये से मिल जाती है.यानी अगर आप छात्र हैं और किताबों के साथ कॉपी, रफ कॉपी और पेन जैसी चीजें भी खरीदनी हैं, तो एक ही जगह पर कम बजट में कई सामान मिल सकते हैं.

सेकंड हैंड किताब लेते समय ये जरूर देखें
हालांकि सस्ती किताब देखकर तुरंत खरीदने से पहले कुछ चीजें चेक कर लेना जरूरी है. किताब का एडिशन और पब्लिशिंग ईयर जरूर देखें. प्रतियोगी परीक्षा की किताब है तो सिलेबस और उसमें दी गई जानकारी अपडेटेड है या नहीं, यह जरूर जांच लें. साथ ही पन्ने फटे तो नहीं हैं, कोई जरूरी पेज गायब तो नहीं है और किताब में बहुत ज्यादा लिखावट तो नहीं है, ये भी देख लें.

About the Author

Prashun Singh

प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.

इसके बाद ETV Bharat (बिहार)…

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