दिल्ली के 9 इंडस्ट्रियल एरिया में 170 करोड़ का काम शुरू: 15 किमी लंबी नई सड़कें और 33 KM लंबा ड्रेनेज नेटवर्क

होमताजा खबरDelhi

170 करोड़ का प्लान, दिल्ली के 9 इंडस्ट्रियल एरिया से गड्ढों और जाम की छुट्टी

Last Updated:

दिल्ली सरकार ने राजधानी के 9 प्रमुख इंडस्ट्रियल इलाकों की सूरत बदलने के लिए 170 करोड़ रुपये का मेगा प्रोजेक्ट शुरू किया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजस्थानी उद्योग नगर से इस मिशन की शुरुआत की. इसके तहत 15 किलोमीटर नई सड़कें और 33 किलोमीटर लंबा ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया जाएगा. अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट बनने से बार-बार सड़क खोदने का झंझट खत्म होगा. कारोबारियों को जलभराव और टूटी सड़कों से राहत मिलेगी.

अब नहीं खुदेंगी बार-बार सड़कें, दिल्ली में 170 करोड़ के प्रोजेक्ट से उद्योगों की सूरत बदलने की तैयारी. (AI Generated Image)

राजधानी के पुराने और उपेक्षित पड़े इंडस्ट्रियल एरिया की हालत सुधारने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजस्थानी उद्योग नगर में 170 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की आधिकारिक शुरुआत की. इस भारी भरकम बजट से दिल्ली के 9 बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में 15 किलोमीटर लंबी नई सड़कें बनेंगी. इसके साथ ही करीब 33 किलोमीटर लंबा स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क भी बिछाया जाएगा. इस पहल का सीधा मकसद दिल्ली के कारोबारियों को टूटी सड़कों और जलभराव से मुक्ति दिलाना है. सरकार ने साफ कर दिया है कि इन इलाकों के विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं होगी. उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी दावा किया कि पिछले 25 वर्षों से उपेक्षित पड़े इन जरूरी प्रोजेक्ट्स को अब तय समय में पूरा किया जाएगा.

170 करोड़ के इस बजट से कौन सी 9 जगहें बदलेंगी?

इस योजना के तहत दिल्ली के सबसे व्यस्त औद्योगिक क्लस्टर्स को शामिल किया गया है. इसमें राजस्थानी उद्योग नगर, जीटीके उद्योग नगर और नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया प्रमुख हैं. इसके अलावा लॉरेंस रोड, नजफगढ़ रामा रोड, डीएलएफ मोती नगर, नांगलोई जाट और ओखला फेज-2 के एस-ब्लॉक में काम शुरू हुआ है. इन सभी इलाकों में लंबे समय से भारी ट्रकों के आवागमन के कारण सड़कें खस्ताहाल थीं. बारिश होते ही फैक्ट्रियों के आगे पानी भर जाता था. अब मजबूत कंक्रीट सड़कें और चौड़ी नालियां बनने से व्यापारियों के लिए माल ढुलाई काफी आसान हो जाएगी.

क्या बार-बार सड़कें खोदने की पुरानी बीमारी पर अब लगाम

इस बार सरकार केवल डामर बिछाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक आधुनिक इंजीनियरिंग मॉडल अपना रही है. इसके तहत सड़कों के किनारे विशेष अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट तैयार किए जाएंगे. बिजली की केबल, पानी की पाइपलाइन और टेलीकॉम तारों को इन्हीं डक्ट्स के अंदर रखा जाएगा.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इससे भविष्य में किसी भी नई लाइन के लिए सड़क खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी. साथ ही स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम से मॉनसून में फैक्ट्रियों के अंदर पानी घुसने का खतरा खत्म हो जाएगा. बेहतर ट्रैफिक फ्लो से गाड़ियों का ईंधन बचेगा और प्रदूषण भी कम होगा.

उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, ‘बीते 25 सालों में औद्योगिक क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे पर पर्याप्त काम नहीं हुआ’. उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब फोकस सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़कों के नियमित मेंटेनेंस पर भी जोर दिया जाएगा. निर्माण की गुणवत्ता जांचने के लिए सख्त निगरानी तंत्र बनाया गया है.

बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से दिल्ली में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बड़ा बूस्ट मिलेगा. जब उद्योगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, तब दिल्ली की आर्थिक ग्रोथ बढ़ेगी और युवाओं के लिए नए रोजगार भी पैदा होंगे.

About the Author

दीपक वर्माDeputy News Editor

दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…

और पढ़ें

खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *