बिजली की डिमांड बढ़ी, बचत कैसे हो, एक्सपर्ट बोले- कंडक्टर की क्वालिटी सुधारो

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बिजली की डिमांड बढ़ी, बचत कैसे हो, एक्सपर्ट बोले- कंडक्टर की क्वालिटी सुधारो

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Power Saving Tips: निर्मल ग्रुप के एमडी निर्मल सराफ ने बताया कि भारत में अब लगातार तेजी से रिन्यूएबल बिजली की डिमांड भी बढ़ रही है. यह एक ऐसी बिजली है जो अपने समय से पैदा होती और अपने समय से खर्च होती है. उपभोक्ताओं को यह उपलब्ध कैसे कराई जाए इस पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए ताकि रिन्यूएबल बिजली खराब ना हो. उन्होंने बताया कि रिन्यूएबल बिजली का मतलब है ऐसी बिजली से जो प्रकृति से मिलने वाले और बार-बार उपलब्ध होने वाले स्रोतों से बनाई जाती है. जिसमें पवन ऊर्जा, जल विद्युत, बायोमास ऊर्जा और सौर ऊर्जा और दूसरे जैविक ऊर्जा से बनाए जाने वाली बिजली आती है.

नई दिल्लीः भारत में बिजली की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है. ऐसे में बिजली की बचत कैसे करें. इस पर एक्सपर्ट लगातार मंथन कर रहे है. ऐसे में आखिर बिजली की बचत करने का सही तरीका क्या है. यही जानने के लिए देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित किया गया भारत सरकार की ओर से ट्रांसटेक 2026 नाम का एक बहुत बड़ा कार्यक्रम. जिसको मिनिस्ट्री ऑफ पावर भारत सरकार की ओर से आयोजित किया गया था.

इस दौरान निर्मल वायर के मैनेजिंग डायरेक्टर निर्मल सराफ से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अगर बिजली की बचत करनी है तो सरकार को सबसे पहले बिजली में कंडक्टर पर ध्यान देना होगा और इसे और बेहतर बनाना होगा. उन्होंने बताया कि बिजली में कंडक्टर वह चीज होती है जिसके अंदर से बिजली का करंट आसानी से गुजर सकता है. इसे विद्युत चालक कहते हैं. इसकी बेहतरीन क्वालिटी पर ध्यान देना होगा.

रिन्यूएबल बिजली खराब होने से बचाना होगा
निर्मल ग्रुप के एमडी निर्मल सराफ ने बताया कि भारत में अब लगातार तेजी से रिन्यूएबल बिजली की डिमांड भी बढ़ रही है. यह एक ऐसी बिजली है जो अपने समय से पैदा होती और अपने समय से खर्च होती है. उपभोक्ताओं को यह उपलब्ध कैसे कराई जाए इस पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए ताकि रिन्यूएबल बिजली खराब ना हो. उन्होंने बताया कि रिन्यूएबल बिजली का मतलब है ऐसी बिजली से जो प्रकृति से मिलने वाले और बार-बार उपलब्ध होने वाले स्रोतों से बनाई जाती है. जिसमें पवन ऊर्जा, जल विद्युत, बायोमास ऊर्जा और सौर ऊर्जा और दूसरे जैविक ऊर्जा से बनाए जाने वाली बिजली आती है.

इलेक्ट्रिक ग्रिड अब बदल रही है
इस दौरान खास बातचीत में एचटीएसई रेस्टोरेशन्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अर्जुन अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार अगर बिजली की बचत पर ध्यान देना चाहे तो सबसे ज्यादा जरूरी है. हमें यह देखना होगा कि अब इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड बदल रही है. ग्रिड एक ऐसा बड़ा नेटवर्क होता है. जिसके जरिए बिजली घरों, फैक्ट्रियों, दफ्तरों और दूसरे स्थानों तक पहुंचाई जाती है.

इसे विद्युत जाल या बिजली का नेटवर्क कह सकते है. यह आप तेजी से बदल रहा है इसे और बेहतर बनाने पर हमें फोकस करना होगा. इसके अलावा एक्सेस एनर्जी स्टोरेज भी देखना होगा ताकि जो बिजली का लोड होता है उसे और कम किया जा सके. शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे कदम उठाने बहुत जरूरी है.

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