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पाकिस्तान वनडे ट्राई-सीरीज 2026 के तीसरे मैच में श्रीलंका ने इंग्लैंड को 2 विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत हासिल की. रावलपिंडी में खेले गए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने कप्तान हैरी ब्रूक के शानदार दोहरा शतक (नाबाद 202 रन) और विल जैक्स की तेजतर्रार पारी की मदद से 429/4 का विशाल स्कोर बनाया. जवाब में श्रीलंका ने पावन रथनायाके (130), अविष्का फर्नांडो (97) और दसुन शंका (97) के विस्फोटक प्रदर्शन की बदौलत 49.5 ओवर में 430/8 बनाकर वनडे इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा रन चेज पूरा किया.
श्रीलंका बनाम इंग्लैंड मैच में बने 859 रन.
नई दिल्ली. रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम एक ऐतिहासिक महामुकाबले का गवाह बना, जहां पाकिस्तान वनडे ट्राई-सीरीज 2026 के तीसरे मैच में श्रीलंका ने इंग्लैंड को 2 विकेट से हराकर वनडे इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया. यह मैच क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी रोमांचक थ्रिलर से कम नहीं था, जिसमें दोनों टीमों ने रनों का ऐसा अंबार लगाया कि रिकॉर्ड बुक के कई पन्ने पलट गए. दोनों टीमों ने मिलकर 859 रन बनाए जो किसी वनडे मैच में दूसरा सबसे ज्यादा टोटल है. श्रीलंका की वनडे में यह अब तक की सबसे बड़ी जीत है;.
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत सधी हुई रही. सलामी बल्लेबाज टॉम बैंटन ने 51 गेंदों पर 50 रन बनाए, जबकि बेन डकेट ने 29 रनों का योगदान दिया. इसके बाद क्रीज पर आए अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने 66 गेंदों पर 69 रनों की शानदार पारी खेली. लेकिन इस पारी का असली आकर्षण कप्तान हैरी ब्रूक का तूफानी बल्ला रहा. ब्रूक ने मैदान के चारों तरफ चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए मात्र 116 गेंदों पर 202 रनों की ऐतिहासिक नाबाद पारी खेली. उनकी इस पारी में 21 चौके और 10 गगनचुंबी छक्के शामिल थे. विल जैक्स ने भी अंत में तेज गति से रन बनाते हुए 30 गेंदों पर नाबाद 66 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली. इन बेहतरीन पारियों की बदौलत इंग्लैंड ने निर्धारित 50 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 429 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. श्रीलंका की ओर से गेंदबाजी में दुनिथ वेलालागे ने सबसे किफायती और असरदार गेंदबाजी करते हुए 10 ओवरों में 56 रन देकर 2 विकेट झटके.
श्रीलंका की शानदार वापसी और लक्ष्य का पीछा
इंग्लैंड के 430 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और कामिंडु मेंडिस 18 रन तथा कप्तान कुसल मेंडिस बिना खाता खोले आउट हो गए. यहाँ से अविष्का फर्नांडो ने पारी को संभाला और 83 गेंदों पर 11 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 97 रनों की शानदार पारी खेली. इसके बाद मैदान पर उतरे पावन रथनायाके और दसुन शंका ने मैच का नक्शा ही बदल दिया. पावन रथनायाके ने सूझबूझ और आक्रामकता का बेहतरीन नमूना पेश करते हुए 106 गेंदों पर 15 चौकों और 3 छक्कों की बदौलत 130 रनों की मैच जिताऊ शतकीय पारी खेली. वहीं, दसुन शंका ने महज 50 गेंदों पर 6 चौकों और 8 छक्कों की मदद से 97 रनों की विस्फोटक पारी खेल डाली. अंत में जानिथ लियानागे ने नाबाद 61 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर श्रीलंका को मंजिल के पार पहुँचा दिया. श्रीलंका ने रोमांच की पराकाष्ठा पार करते हुए 49.5 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 430 रन बनाकर यह लक्ष्य हासिल कर लिया. इंग्लैंड के लिए जोश टोंग ने 3 विकेट चटकाए, लेकिन वे अपनी टीम को हार से नहीं बचा सके.
रिकॉर्ड्स की बारिश और ऐतिहासिक आंकड़े
इस मुकाबले ने कई रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया. वनडे इतिहास के सबसे सफल रन चेज की लिस्ट में यह मैच दूसरे स्थान पर आ गया है, जिसमें दक्षिण अफ्रीका के नाम 2006 में जोहान्सबर्ग में 435 रन बनाने का रिकॉर्ड शीर्ष पर है, जबकि अब श्रीलंका का यह चेज दूसरे पायदान पर है. वहीं, इस मैच में बने कुल 859 रन वनडे इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा मैच एग्रीगेट बन गया है. इससे पहले 2006 में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच कुल 872 रन बने थे. इसके अलावा, हैरी ब्रूक की 202 रनों की पारी वनडे क्रिकेट में किसी हारने वाली टीम की तरफ से बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गया है. रावलपिंडी का यह मुकाबला क्रिकेट जगत में लंबे समय तक एक क्लासिक मैच के रूप में याद रखा जाएगा.
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कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
