पिता थे पुलिस कॉन्स्टेबल, बेटी ने जीता गोल्ड मेडल, 22 की उम्र में बनीं IPS, अब नोएडा की DCP

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UPSC Success Story: पिता ने पुलिस विभाग में कॉन्स्टेबल के पद से नौकरी शुरू की थी लेकिन बेटी ने बचपन में ही IPS अधिकारी बनने का सपना देख लिया था. हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली प्रीति यादव ने 12वीं में 96.2 प्रतिशत अंक हासिल किए और फिर जियोग्राफी से BA ऑनर्स की पढ़ाई में यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल जीता. UPSC की तैयारी के लिए उन्होंने मास्टर्स की पढ़ाई बीच में छोड़ दी और 2019 में भारतीय पुलिस सेवा में जगह बना ली. अब उत्तर प्रदेश कैडर की यह अधिकारी एक बार फिर सुर्खियों में हैं. उन्हें नोएडा जोन-1 का DCP बनाया गया है. वह इस जोन की कमान संभालने वाली पहली महिला पुलिस अधिकारी बताई जा रही हैं. जानिए प्रीति यादव की पूरी कहानी…

IPS Story, UPSC, UPSC Success Story, IPS Preeti Yadav Biography: आईपीएस प्रीति यादव की स्‍टोरी.

IPS Preeti Yadav Success Story: हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली प्रीति यादव ने बचपन में अपने पिता को पुलिस की वर्दी में देखा तो खुद भी बड़ा अधिकारी बनने का सपना संजो लिया. उनके पिता चंडीगढ़ पुलिस में कॉन्स्टेबल थे लेकिन बेटी ने तय किया कि वह सिविल सेवा में जाकर बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगी. पढ़ाई में शुरू से होनहार प्रीति ने 12वीं में 96.2 प्रतिशत अंक हासिल किए और फिर जियोग्राफी से ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडल जीता. इसके बाद UPSC की तैयारी के लिए मास्टर्स की पढ़ाई बीच में छोड़ दी. महज 22 साल की उम्र में वह IPS अधिकारी बन गईं. अब प्रीति यादव एक बार फिर चर्चा में हैं. उन्हें गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में नोएडा जोन-1 का DCP बनाया गया है. वह इस जोन की जिम्मेदारी संभालने वाली पहली महिला पुलिस अधिकारी हैं.

कौन हैं IPS प्रीति यादव, कहां की रहने वाली हैं?

प्रीति यादव उत्तर प्रदेश कैडर की 2019 बैच की IPS अधिकारी हैं. उनका जन्म 10 अप्रैल 1996 को हरियाणा के रेवाड़ी जिले में हुआ था. उनके पिता मुकेश यादव ने चंडीगढ़ पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद से नौकरी शुरू की थी. बाद में वह हेड कॉन्स्टेबल और असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) बने. प्रीति ने अपने पिता को पुलिस विभाग में काम करते देखा था. इसी से उन्हें सिविल सेवा में जाने की प्रेरणा मिली. संसद टीवी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि बचपन से उनका सपना सिविल सेवा अधिकारी बनने का था. इस सफर में माता-पिता और शिक्षकों ने उनका पूरा सहयोग किया.

12वीं में 96.2% अंक, जियोग्राफी में गोल्ड मेडल

प्रीति यादव बचपन से ही पढ़ाई में अच्छी थीं. उन्होंने ह्यूमैनिटीज यानी आर्ट्स विषय से 12वीं की परीक्षा पास की और 96.2 प्रतिशत अंक हासिल किए. इसके बाद उन्होंने भूगोल यानी Geography विषय से BA ऑनर्स की पढ़ाई की. ग्रेजुएशन में उन्होंने यूनिवर्सिटी टॉप किया और गोल्ड मेडल हासिल किया. इसके बाद उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन में दाखिला लिया लेकिन उनका लक्ष्य UPSC परीक्षा पास करना था इसलिए उन्होंने मास्टर्स की पढ़ाई बीच में छोड़कर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी.

22 साल की उम्र में UPSC पास कर बनीं IPS

प्रीति यादव ने UPSC की तैयारी के दौरान अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि पहली ही कोशिश में उनकी प्रारंभिक परीक्षा यानी Prelims पास हो गई थी. इसके बाद उन्होंने मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू का चरण भी पार किया.वर्ष 2019 में उनका भारतीय पुलिस सेवा के लिए चयन हुआ. आधिकारिक सेवा रिकॉर्ड के अनुसार उनकी भर्ती की तारीख 26 अगस्त 2019 है. उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला. इस तरह पुलिस कॉन्स्टेबल की बेटी ने IPS अधिकारी बनने का अपना सपना पूरा किया.

सहारनपुर से शुरू हुआ पुलिस सेवा का सफर

IPS बनने के बाद प्रीति यादव की शुरुआती पोस्टिंग सहारनपुर में ASP के रूप में हुई. यहां उन्होंने पुलिस विभाग के कामकाज और कानून-व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं.इसके बाद उनकी तैनाती गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में हुई. वह नोएडा में एडिशनल DCP के रूप में महिला सुरक्षा और साइबर क्राइम से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं.पुलिस सेवा में उनके काम को देखते हुए 26 जनवरी 2023 को उन्हें डीजी कमांडेशन डिस्‍क (DG’s Commendation Disc Silver) से सम्मानित किया गया था. वर्ष 2025 में नोएडा लोक मंच ने उन्हें महिला श्री सम्मान भी दिया था.

अब नोएडा जोन की पहली महिला DCP बनने से चर्चा में

गौतमबुद्ध नगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत प्रीति यादव को नोएडा जोन-1 का DCP बनाया है. इस नियुक्ति के साथ वह नोएडा जोन की कमान संभालने वाली पहली महिला DCP बन गई हैं.नोएडा जोन कानून-व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है. इससे पहले इस पद पर IPS साद मियां खान तैनात थे जिन्हें गौतमबुद्ध नगर से कार्यमुक्त किया गया है. नई जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रीति यादव की पढ़ाई और UPSC में सफलता की कहानी भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है.

पुलिस की वर्दी के साथ चित्रकारी का भी शौक

प्रीति यादव की पहचान केवल पुलिस अधिकारी के रूप में नहीं है. उन्हें चित्रकारी का भी शौक है. वह अपनी बनाई पेंटिंग और कलाकृतियां सोशल मीडिया पर साझा करती रहती हैं. इसके अलावा उन्हें नई जगहों पर घूमना भी पसंद है.उनके पति मनोज मिश्रा अभिनेता हैं. दोनों ने प्रेम विवाह किया था.प्रीति यादव की कहानी में पढ़ाई, परिवार का सहयोग और अपने लक्ष्य के लिए लिया गया फैसला अहम है. कॉन्स्टेबल पिता की बेटी ने पहले पढ़ाई में गोल्ड मेडल हासिल किया, फिर UPSC पास करके IPS बनीं और अब नोएडा जैसे महत्वपूर्ण पुलिस जोन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं.

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Dhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर

वर्तमान में न्यूज़18 हिंदी (Network18 Digital)में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पिछले 16 वर्षों से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इस दौरान प्रिंट, डिजिटल और टेलीविजन मीडिया में काम कर…

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