1 करोड़ में हुई थी नोएडा हिंसा की डील? डॉलर, पाउंड, यूरो… आरोपी सत्यम ने कैसे खर्च किए इतने पैसे

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नोएडा श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन की जांच कर रही पुलिस को इस बात का शक है कि इस 1 करोड़ रुपये का इस्तेमाल आंदोलन से जुड़े लोगों की मदद और हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया गया. बता दें कि गिरफ्तार किए गए सत्यम और आकृति वर्मा पर पुलिस ने एनएसए लगा दी.

नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन से पहले सत्यम वर्मा के खाते में आए थे 1 करोड़ रुपये.

नोएडाः उत्तर प्रदेश के गौमबुद्धनगर जिले के नोएडा के अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में 13 अप्रैल को हुए श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन की जांच कर रही पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने दावा किया है कि गिरफ्तार आरोपी सत्यम वर्मा के निजी बैंक खाते में विदेश से करीब 1 करोड़ रुपये भेजे गए थे. यह पैसे अलग-अलग देशों से डॉलर, पाउंड और यूरो जैसी फॉरेन करेंसी में आई थी. जिसे सत्यम वर्मा ने अपने दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिए थे.

1 करोड़ रुपये का कहां हुआ इस्तेमाल
पुलिस को इस बात का शक है कि इस 1 करोड़ रुपये का इस्तेमाल आंदोलन से जुड़े लोगों की मदद और हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया गया. बता दें कि गिरफ्तार किए गए सत्यम और आकृति वर्मा पर पुलिस ने एनएसए लगा दी. एडिशनल कमिश्नल (लॉ एंड ऑर्डर) डॉ.राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि श्रमिक आंदोलन के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शन, आगजनी और अराजकता फैलाने के मामले में अलग-अलग थानों में कुल 13 से अधिक केस दर्ज हुए थे.

क्यों सत्यम और आकृति पर लगाया गया NSA
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी सत्यम वर्मा और आकृति चौहान की भूमिका को गंभीर पाया था. इसके बाद दोनों को खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की गई है. उन्होंने बताया कि अब जांच में सामने आया है कि आरोपी सत्यम वर्मा के खाते में विदेश से बड़ी रकम आई थी. यह पैसे अलग-अलग देशों की करेंसी में आई थी. बाद में इस रकम को आरोपी सत्यम ने अपने अन्य निजी खातों में ट्रांसफर कर लिया.

कई अलग-अलग संगठनों से जुड़ा है सत्यम वर्मा
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अब इन ट्रांजेक्शनों की जांच कर रही है. इस मामले में गिरफ्तारी और हिरासत को गैरकानूनी बताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की गई है. इसके अलावा पुलिस और जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि आरोपी सत्यम वर्मा कई संगठनों से जुड़ा हुआ है. पुलिस अब इन सभी संगठनों की गतिविधियों और उनके फंडिंग नेटवर्क की जांच कर रही है. अधिकारियों ने बताया कि यह पता लगाया जा रहा है कि इस एक करोड़ रुपये का कहां-कहां इस्तेमाल हुआ है.

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