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Good News: जेवर एयरपोर्ट जाने के लिए अब मेरठ, बुलंदशहर और हापुड़ के लोगों को दिल्ली-नोएडा के ट्रैफिक में फंसने की परेशानी कम हो सकती है. यूपी कैबिनेट ने 74.5 किलोमीटर लंबे गंगा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी दे दी है. यह सड़क गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगी और करीब 56 गांवों से होकर गुजरेगी. इससे जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान होने के साथ पश्चिमी यूपी में कारोबार और माल ढुलाई को भी नई राह मिलेगी.
जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा 74.5 KM का लिंक रोड.
नोएडा: जेवर एयरपोर्ट जाने वाले लोगों के लिए आने वाले समय में सफर आसान हो सकता है. अब मेरठ, बुलंदशहर और हापुड़ जैसे शहरों से एयरपोर्ट पहुंचने के लिए दिल्ली और नोएडा के भारी ट्रैफिक से गुजरने की जरूरत कम होगी. उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने गंगा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी दे दी है. करीब 74.5 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा. इससे जेवर एयरपोर्ट और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच सीधा रास्ता तैयार होगा.
कहां से कहां तक बनेगा एक्सप्रेसवे?
यह लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र के पास गंगा एक्सप्रेसवे से शुरू होगा और यमुना एक्सप्रेसवे के पास सेक्टर-21 स्थित प्रस्तावित फिल्म सिटी के नजदीक जुड़ेगा. इसका रास्ता बुलंदशहर के स्याना, शिकारपुर और खुर्जा के साथ गौतम बुद्ध नगर की जेवर तहसील के करीब 56 गांवों से होकर गुजरेगा. इसकी मुख्य सड़क करीब 80 मीटर चौड़ी होगी. सर्विस रोड को मिलाकर कुल चौड़ाई करीब 130 मीटर तक होगी. एक्सप्रेसवे को शुरुआत में छह लेन का बनाया जाएगा, जिसे जरूरत पड़ने पर आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा.
दो चरणों में होगा निर्माण
गंगा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण दो पैकेज में किया जाएगा.
पहला पैकेज: गौतम बुद्ध नगर के भैंपुर ब्राह्मण से बुलंदशहर के बिचौला तक करीब 24.5 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी.
दूसरा पैकेज: बुलंदशहर की स्याना तहसील में बिचौला से बहापुर तक करीब 50 किलोमीटर का हिस्सा बनेगा.
परियोजना को ईपीसी मोड पर तैयार करने की योजना है. यानी निर्माण एजेंसी को सड़क बनाने की जिम्मेदारी दी जाएगी. यमुना प्राधिकरण के मुताबिक, उसके क्षेत्र में करीब 92 प्रतिशत और बुलंदशहर में करीब 70 प्रतिशत जरूरी जमीन खरीदी जा चुकी है. बाकी जमीन के लिए किसानों को कानून के अनुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
जेवर एयरपोर्ट पहुंचना होगा आसान
इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा जेवर एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को मिल सकता है. मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर से आने वाले लोगों को एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए दिल्ली-नोएडा के व्यस्त रास्तों पर निर्भरता कम होगी. इससे यात्रा का समय भी घट सकता है. इसके अलावा यमुना सिटी के औद्योगिक सेक्टरों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे फैक्ट्रियों में तैयार होने वाले सामान को दिल्ली-एनसीआर, एयरपोर्ट और दूसरे शहरों तक पहुंचाना आसान हो सकता है.
यूपी के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मिलेगी नई कड़ी
गंगा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे बनने से गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ जाएंगे. इसके साथ ही प्रदेश में बन रहे दूसरे लिंक एक्सप्रेसवे भी अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ने में मदद करेंगे. इसका असर आम यात्रियों के साथ कारोबार, माल ढुलाई और औद्योगिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है. आसान शब्दों में समझें तो यह सड़क जेवर एयरपोर्ट को पश्चिमी यूपी के शहरों से सीधे जोड़ने का रास्ता तैयार करेगी. इससे लोगों का सफर आसान होने के साथ ही इलाके में कारोबार और उद्योगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.
