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बीते गुरुवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कथित तौर पर दो पैन कार्ड रखने के मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत दे दी थी. शनिवार को पिता-पुत्र जैसे ही जेल से बाहर आए, उन्हें ईडी की टीम ने गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान समर्थकों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई थी.
खान को हिरासत में लिए जाने के दौरान केंद्रीय एजेंसी के लखनऊ जोन के अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवान मौजूद थे।
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को ईडी ने अपने हिरासत में लिया.
गाजियाबादः समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम खान जेल से रिहा होते ही फिर जेल पहुंच गए. इस दौरान सड़क पर समर्थकों का भारी जमावड़ा देखने को मिला. केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को बहुत मशक्कत करनी पड़ी, आजम खान को गाड़ी में बैठाने के दौरान. ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद अब्दुल्लाह आजम काफी नाराज नजर आए. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम जानवर हैं, जो इतनी जिल्लत के बाद भी जिंदा है. वहीं आजम खान ने कहा कि उन्हें मुस्लिम होने की सजा मिल रही है.
‘मेरा नाम अब्दुल्ला है, इसलिए…’
अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि उनके परिवार के साथ लगातार अन्याय और जुल्म हो रहा है. उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा कसूर केवल उनका नाम है. इसी वजह से उन्हें सजा दी जाती है और सालों तक जेल में रखा जाता है. अब्दुल्ला आजम ने सवाल उठाया कि आखिर उनके साथ कानून कहां है. उन्होंने कहा कि आजम साहब को दस साल की सजा टीवी, फ्रिज चोरी करवाने में हो गई और उस जगह पर हो गई, जहां पर कभी घर-मकान ही नहीं थे. अगर मेरा नाम अब्दुल्ला नहीं होता तो शायद मैं सच को साबित कर सकता. हमारे पास कोई अधिकार नहीं है. हम इंसान नहीं हैं, हम जानवर हैं, जो इतनी बेइज्जती और जिल्लत की जिंदगी के बाद भी जिंदा है.
इधर रिहा हुए, उधर लेकर चली गई ईडी
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाने के मामले में सजा निलंबित होने के बाद शनिवार को रामपुर जेल से रिहा कर दिया गया. हालांकि उनकी रिहाई से पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम धन शोधन के कथित मामले में आजम खान से पूछताछ करने के लिये रामपुर पहुंच गई और रिहाई होने के तुरंत बाद उन्हें हिरासत में ले लिया. जेल प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक आजम और अब्दुल्ला को शाम को भारी गहमागहमी के बीच जेल से रिहा किया गया.
आजम ने कहा- उन्हें मुसलमान होने की मिल रही सजा
इस दौरान जेल के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे जो आजम के समर्थन और ईडी के विरोध में नारे लगाते देखे गए. अधिकारियों के मुताबिक जेल से बाहर निकलने के बाद ईडी की टीम ने आजम को जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित कथित धन शोधन के मामले में पूछताछ के लिये हिरासत में ले लिया. आजम ने कहा कि उन्हें मुसलमान होने की सजा मिल रही है. उन्होंने कहा, ”गलती यह है कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी (जौहर विश्वविद्यालय) बनाई, बच्चों के लिये कॉलेज बनाए.” रिहाई के बाद आजम के बेटे अब्दुल्ला ने मीडिया के सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया.
अखिलेश यादव ने भी सरकार पर बोला हमला
इस बीच, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आजम को जेल से रिहा होते ही ईडी द्वारा हिरासत में लिये जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए संवाददाताओं से कहा, ”भाजपा से न्याय की उम्मीद नहीं कर सकते.” आजम के इस बयान पर कि उन्हें मुसलमान होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, यादव ने कहा, ”उन्होंने जो कहा वह सच है लेकिन इसके साथ-साथ आप भाजपा से न्याय की उम्मीद नहीं कर सकते.”
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Prashant Rai is a digital journalist with over 9 years of experience in Hindi journalism, specializing in politics, crime, hyper-local reporting, and viral news. He currently serves as Chief Sub Editor at News1…
