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चुनाव आयोग में आईटी हेड सीमा खन्ना की फाइलों के मूवमेंट को लेकर चले 3 महीने लंबे विवाद के बाद आयोग ने 4 नवंबर को नया वर्क एलोकेशन ऑर्डर जारी कर दिया है. 28 जुलाई के विवादित आदेश को रद्द करते हुए अब आईटी डीजी को सीनियर डीईसी पवन कुमार शर्मा के जरिए फाइलें आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया है. दो चुनाव आयुक्तों के कड़े विरोध के बाद यह फैसला आया है.
विवाद के बाद पहली बार 4 नवंबर को चुनाव आयोग ने नया वर्क ऑर्डर जारी किया है. (फाइल फोटो)
मुख्य चुनाव आयुक्त और इलेक्शन कमीशन के भीतर जारी तनातनी के बीच चुनाव आयोग ने 4 नवंबर को एक बड़ा और नया वर्क एलोकेशन ऑर्डर जारी कर दिया है. 28 जुलाई के विवादित आदेश के बाद आयोग का यह पहला आधिकारिक वर्क ऑर्डर है. News18 के पास मौजूद इस एक्सक्लूसिव वर्क ऑर्डर की कॉपी के मुताबिक, आईटी विभाग पर प्रशासनिक निगरानी की पुरानी व्यवस्था को बहाल कर दिया गया है. नए वर्क ऑर्डर में लिखित रूप से यह अनिवार्य किया गया है कि आयोग की डायरेक्टर जनरल (IT) सीमा खन्ना को आईटी, आईसीटी और ग्रीवांस (PGRS) से जुड़ी सभी फाइलें सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर (Senior DEC) पवन कुमार शर्मा के माध्यम से ही आयोग के पास भेजनी होंगी. 28 जुलाई को जारी आदेश में उन्हें सीधे आयोग को रिपोर्ट करने की छूट दी गई थी, जिसे अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है.
28 जुलाई का आदेश में क्या थी दिक्कत?
दरअसल, 28 जुलाई को जारी आदेश में तत्कालीन डीईसी संजय कुमार से आईटी विभाग का प्रभार छीनकर सीमा खन्ना को फ्री-हैंड दे दिया गया था. इस अचानक हुए बदलाव पर चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी ने कड़ा एतराज जताया था. दोनों आयुक्तों ने कैबिनेट सचिव को लेटर लिखकर शिकायत दर्ज कराई थी कि सीनियर डीईसी मनीष गर्ग ने बिना आयोग की मंजूरी और चर्चा के यह आदेश जारी कर दिया था.
RTI से खुली थी आंतरिक कलह की पोल
ट्रांसपेरेंसी एक्टिविस्ट कमोडोर लोकेश बत्रा (रि.) द्वारा हासिल आरटीआई दस्तावेजों से पता चला था कि 28 जुलाई को डीईसी भानू प्रकाश येतुरु के लीव पर जाते ही मनीष गर्ग को एडमिनिस्ट्रेशन विंग दिया गया था, जिसके कुछ ही घंटों में उन्होंने काम का बंटवारा बदल दिया. चुनाव आयुक्त जोशी ने अपनी चिट्ठी में यह भी लिखा था कि जब उन्होंने एडमिनिस्ट्रेशन डिवीजन से संबंधित फाइल मांगी, तो उन्हें फाइल तक नहीं दी गई थी.
पहले भी लागू नहीं हुआ था आदेश
इलेक्शन कमीशन के सूत्रों का कहना है कि 4 नवंबर का वर्क ऑर्डर आयोग के सर्वसम्मति से लिए गए फैसलों के आधार पर जारी किया गया है. चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में भी स्पष्ट किया था कि 28 जुलाई का विवादित वर्क ऑर्डर कभी व्यावहारिक रूप से लागू ही नहीं हुआ था क्योंकि आयुक्तों के विरोध के चलते सीमा खन्ना पहले से ही डीईसी स्तर के अधिकारी के जरिए फाइलें रूट कर रही थीं.
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Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …
