नई दिल्ली/गोवा. आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गोवा के कारापुर-श्रवण गांव में अपनी जमीन, गांव और पर्यावरण बचाने के लिए धरने पर बैठे ग्रामीणों को समर्थन दिया है. रविवार को वह पार्टी की गोवा प्रभारी आतिशी के साथ धरने में भी शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि गोवा में भाजपा सरकार बिल्डरों के लिए काम कर रही है और जनता अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रही है. आम आदमी पार्टी की सरकार धारा 39(ए) और इसके तहत दी गई सभी अनुमतियों को रद्द करेगी. उन्होंने कहा कि गोवा बिकने के लिए नहीं है. ‘आप’ की सरकार बनते ही सारे हाउसिंग प्रोजेक्ट खत्म किए जाएंगे और गोवा के लोगों और ग्राम सभाओं से पूछ कर विकास कार्य किए जाएंगे.
कारापुर-श्रवण गांव में चल रहे धरने में शामिल होने के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं दिल्ली से विशेष रूप से इन लोगों के धरने का समर्थन करने के लिए पहुंचा हूं. गोवा धरती की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है. टीसीपी एक्ट के सेक्शन 39ए के तहत लैंड यूज बदलने की जो परमिशन दी गई है, उसमें हितों का गंभीर टकराव है. इसलिए जमीन के इस कन्वर्जन की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के महज एक महीने के अंदर इस हाउसिंग प्रोजेक्ट को खत्म कर दिया जाएगा. हमारी सरकार पूर्वव्यापी प्रभाव से कानून लाएगी और इसके तहत पास किए गए सभी प्रोजेक्ट को रद्द किया जाएगा. गोवा में जो भी विकास कार्य होगा, वह यहां के लोगों और गांव की ग्राम सभाओं से पूछकर ही होना चाहिए.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जनता को खुद मिलकर एक ईमानदार सरकार के लिए प्रचार करना चाहिए. आम आदमी पार्टी दिल्ली में शानदार सरकार चला चुकी है और अब पंजाब में भी चला रही है और वहां के अच्छे कामों से यह साबित होता है कि यह एक ईमानदार पार्टी है. जब यहां आम आदमी पार्टी की सरकार आएगी, तो वह सारे प्रोजेक्ट कैंसिल करेगी और गांव वालों को उनकी जमीन वापस दिलाएगी.
अरविंद केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर कहा कि गोवा की भाजपा सरकार बिल्डर्स और कॉलोनाइजर्स के लिए काम करती है, जबकि गोवा के लोगों को अपनी जमीन, गांवों और पर्यावरण की लड़ाई लड़ने के लिए उनके हाल पर छोड़ दिया गया है. आज कारापुर-श्रवण में, मैंने गांव वालों को भरोसा दिलाया कि ‘आप’ सरकार सेक्शन 39ए को रद्द करेगी और इसके तहत दी गई सभी परमिशन वापस लेगी. गोवा बिकाऊ नहीं है.
वहीं, मीडिया से बातचीत के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कारापुर गांव के लोग उस प्रोजेक्ट के खिलाफ धरने पर बैठे हैं, जो इस इलाके में चल रहा है. गांव के लोग चाहते हैं कि यह प्रोजेक्ट नहीं होना चाहिए क्योंकि यहां का जो पठार है, वह गांव के लोगों की खेती और उनके जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. उसी पठार से सारा ग्राउंड वाटर रिचार्ज होता है, जिसकी वजह से यहां खेती होती है. इसके अलावा यह पूरा इलाका इकोलॉजिकली सेंसिटिव है और पर्यावरण के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है.
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि यहां 5.5 लाख वर्ग मीटर जमीन पर एक बिल्डर दो हजार से ज्यादा ड्वेलिंग यूनिट बनाएगा, जिन्हें देश-विदेश से आकर लोग खरीदेंगे. यहां एक तरह से नई टाउनशिप बनाई जाएगी. गोवा अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है, लेकिन इस प्रोजेक्ट से यहां की पूरी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण खराब हो जाएगा. यहां के लोगों की खेती खत्म हो जाएगी. लोगों के इस जमीन पर टिनेंसी राइट हैं, उसका भी ख्याल नहीं रखा गया. लोग यहां काजू उगाते हैं और तरह-तरह की खेती करते हैं, वह सब भी खत्म हो जाएगी.
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि यहां लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि यह जमीन किसी मंत्री की है. मैं मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से पूछना चाहता हूं कि यह किस मंत्री की जमीन है? इस जमीन को बेचने से उस मंत्री को करोड़ों-अरबों का फायदा होगा. टीसीपी एक्ट के सेक्शन 39ए के तहत इस एग्रीकल्चरल लैंड का लैंड यूज बदलने की परमिशन दी गई है. ऐसा आरोप लग रहा है कि जिस बिल्डर को यह जमीन दी गई है, वह भी भाजपा से जुड़ा हुआ है. उस बिल्डर को भी करोड़ों-अरबों का फायदा होगा. लेकिन गोवा और इस गांव के लोगों को क्या मिलेगा? इस गांव के लोगों को तो सिर्फ बर्बादी मिलेगी. उनका जीवन और खाना-पीना सब बर्बाद हो जाएगा. सिर्फ बिल्डर और जमीन का मालिक ही कमाएगा.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार दो साल पहले यह सेक्शन 39ए लाई थी और इसके तहत पूरे गोवा में इस तरह की कई परमिशन दी गई हैं. यह केवल बिल्डर्स और कॉलोनाइजर्स की सरकार है, जो पूरे गोवा को बर्बाद करने पर तुली हुई है. सेक्शन 39ए के तहत खूब भ्रष्टाचार हो रहा है. मैंने इन लोगों को यह आश्वासन और भरोसा दिया है कि भाजपा की सरकार कुछ नहीं करने वाली है. चुनाव में कुछ ही महीने रह गए हैं, इसलिए आम आदमी पार्टी को वोट देकर हमारी सरकार लाइए. हमारी सरकार आने पर सेक्शन 39ए को स्क्रैप किया जाएगा और इसके तहत पास किए गए सारे प्रोजेक्ट भी स्क्रैप किए जाएंगे. इससे पहले सेक्शन 17(2) था और उसमें भी ऐसे ही प्रावधान थे, उसके तहत दिए गए प्रोजेक्ट को भी स्क्रैप किया जाएगा. साथ ही, सेक्शन 16बी के तहत पास किए गए प्रोजेक्ट भी स्क्रैप किए जाएंगे. हम धरने पर बैठे कारापुर और गोवा के सभी लोगों के साथ हैं और हम मांग करते हैं कि यह प्रोजेक्ट स्क्रैप किया जाए.
इस दौरान ‘आप’ गोवा प्रभारी आतिशी ने कहा कि चिंबल में जब आंदोलन हुए थे तो उसमें सबसे आगे चिंबल की महिलाएं थीं. महिलाओं की हिम्मत ने सरकार को भी पीछे हटने पर मजबूर कर दिया और वह प्रोजेक्ट खत्म करना पड़ा. आज भी कारापुर के लोग इस लड़ाई में अकेले नहीं हैं, बल्कि पूरा गोवा कारापुर के लोगों के साथ है. हम लोग भी कारापुर के लोगों का साथ देने के लिए दिल्ली से आए हैं.
आतिशी ने कहा कि गोवा की जो प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण है, वह पूरे देश की धरोहर है. पूरे विश्व में गोवा से सुंदर जगह नहीं है, चाहे यहां के जंगल हों, समुद्र हो या नदियां हों. लेकिन उसी सौंदर्य को गोवा के नेता खत्म करना चाहते हैं क्योंकि वह अपनी जेब भरना चाहते हैं. वह पहले खेती की जमीन खरीदते हैं, धारा 39 ए के माध्यम से उसका लैंड यूज़ बदलते हैं, बड़े-बड़े बिल्डर को बुलाते हैं और सब लोग करोड़ो रुपए अपनी जेब में डालते हैं.
आतिशी ने कहा कि इस आंदोलन को खत्म करने के लिए धमकी भी दी गई होगी और पैसा का लालच भी दिया गया होगा. लेकिन अपने गांव, खेत और पूरे गोवा को बचाने के लिए आप लोग डटे हुए हैं, उसके लिए आप सबको सलाम है. आम आदमी पार्टी आप लोगों के संघर्ष में आपके साथ है. भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं कर सकते. धारा 39 ए का गलत इस्तेमाल सिर्फ कारापुर में नहीं, बल्कि गोवा के हर हिस्से में हो रहा है.
आतिशी ने कहा कि गोवा में सबसे पहले सस्ते दामों में खेती की जमीन खरीदी जाती है और धारा 39 ए के तहत उसको मेगा प्रोजेक्ट में बदल दिया जाता है. हर जगह भाजपा का कोई बड़ा नेता उस मामले से जुड़ा होता है. गोवा में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने ही धारा 39 ए को खत्म किया जाएगा. इसके तहत आज तक जितनी भी परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, उन सबको निरस्त किया जाएगा और गोवा की जमीन गोवा के लोगों को दी जाएगी. इसके साथ ही धारा 17 (2) के तहत जो आदेश दिए गए हैं, उनको भी निरस्त किया जाएगा. आगे से किसी भी परियोजना का आदेश इन नेताओं और बिल्डरों से पूछकर नहीं, बल्कि गांव के लोगों से पूछकर दिया जाएगा.
