दिनकर का नाम क्यों ले रहे हैं कन्हैया, नौकरी दो पलायन रोको यात्रा से कितना फायदा उठा सकेंगे? पढ़िए पब्लिक ओपिनियन

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बेगूसराय में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष और कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार की पदयात्रा में शामिल हुए. इसके बाद से बेगूसराय की राजनीति गरमा गई है. लोगों की इस यात्रा पर क्या राय है आइये जानते हैं.

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बेगूसराय: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बेगूसराय में जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और कांग्रेस बिहार का चेहरा कन्हैया कुमार की ‘नौकरी दो पलायन रोको’ पदयात्रा में शामिल हुए. इसके बाद बेगूसराय की पॉलिटिक्स गरमा गई है. भरी दोपहरी में पदयात्रा में शामिल हुए कार्यकर्ताओं ने कहा कि जो बेगूसराय की शान हैं उनके नाम राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर हो जाएं, इसके लिए बेगूसराय के युवाओं ने साथ देंगे. हालांकि, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर कर पदयात्रा को फ्लॉप बताया. कन्हैया कुमार दिनकर का नाम इस पदयात्रा में क्यों ले रहे हैं और इससे उनके किताना लाभ होगा.

लोकल 18 बिहार ने पदयात्रा में शामिल और पदयात्रा को देखकर अपनी राय तय करने वाले लोगों से चर्चा की. जहां पदयात्रा समाप्त हुई कन्हैया के गांव के पास जीरोमाइल में अमित कुमार ने बताया बेगूसराय को कन्हैया से काफी उम्मीदें हैं. कन्हैया ही बेगूसराय का उद्धार कर सकता है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दिनकर के नाम पर जीत गए लेकिन उन्होंने दिनकर के लिए क्या किया? बेगूसराय में कई फैक्ट्रियां/ कंपनियां हैं लेकिन बेगूसराय के लोगों को रोजगार न दे सके. इस पदयात्रा का यह उद्देश्य हो सकता है कि बेगूसराय के लोगों का पलायन यहीं रोजगार देकर रोका जा सकता है. सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत कुमार पदयात्रा में शामिल रहे उन्होंने बताया कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की धरती है. बिहार केसरी श्रीकृष्ण सिंह की कर्मभूमि भी है.

जो करेगा ये काम बेगूसराय उसके साथ
हेमंत कुमार सहित बेगूसराय के कई लोगों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह अगर राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम सिमरिया सिक्स लाइन पुल का नामकरण कर दें? बेगूसराय में दिनकर विश्वविद्यालय बना दे? तो बेगूसराय और पदयात्रा में शामिल लोग उनके साथ हो जाएंगे. कुल मिलाकर सौ बात की एक बात जो ये काम करेगा बेगूसराय उनके साथ जाने को तैयार है. पदयात्रा में शामिल मनीष कुमार ने बताया कि बेगूसराय के बच्चों को यूनिवर्सिटी के लिए दूर पढ़ने के लिए जाना पड़ता है. इस मुद्दे पर जो ध्यान देगा हम उनके साथ हैं. पदयात्रा ने बेगूसराय में एक माहौल तो जरूर तय कर दिया कि आगामी चुनाव के मुद्दे क्या होंगे?

यात्रा में उमड़ी ऐतिहासिक भीड़
वहीं, गौरव कुमार ने बताया इस रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से कम भीड़ नहीं थी. प्रशासन के द्वारा भी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम दिखें. पदयात्रा के दौरान कन्हैया कुमार ने पुरुषोत्तम सिंह नाम के चाय दुकानदार से मुलाकात की. उनसे बेगूसराय में माहौल क्या है? जानने की कोशिश की और फिर दिल्ली रवाना हो गए.

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Mohd Majid

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