ठेके में आरक्षण की क्या ही जरूरत थी? DK शिवकुमार के बयान पर जहानाबाद की जनता

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Muslim Reservation Controversy: कर्नाटक के डिप्टी सीएम और कांग्रेस के रणनीतिकार डीके शिवकुमार के मुस्लिम आरक्षण बयान से सड़क से संसद तक बवाल मचा हुआ है. बीजेपी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है. ऐसे में बिहार की जनता इस पर क्या सोचती है, लोकल 18 की टीम ने जहानाबाद के लोगों का मिजाज भांपा.

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जहानाबाद. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के मुस्लिम आरक्षण पर दिए बयान पर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है. पूरे देश में राजनीतिक हंगामा मचा हुआ है. इधर, भाजपा इस बयान को मुद्दा बनाकर कांग्रेस को घेरने में लगी हुई है. उधर, कांग्रेस ने भी आक्रामक रवैए अपना लिया है. इस पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने नेता का बचाव करते हुए कहा कि हमारे किसी नेता ने संविधान बदलने की बात नहीं की है. बाबा साहेब के बनाए संविधान को बार-बार बदलने की बात तो आज तक बीजेपी और आरएसएस ने ही की है.

बिहार में इस बयान की चर्चा तेज है. डीके शिवकुमार के बवाल मचाने वाले बयान पर भाजपा नेता गिरिराज सिंह का भी बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि भेड़िया का असली चेहरा सामने आ गया. ये देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहते हैं. अब जब इस बयान पर पूरे देश में बवाल मचा हुआ है तो ऐसे में बिहार की जनता इस पर क्या सोचती है, लोकल 18 की टीम ने जहानाबाद के लोगों का मिजाज जाना. इस दौरान यहां की कुछ जनता ने इसे सही करार दिया तो कुछ ने कहा कि यह सरासर गलत है. आरक्षण किसी भी लिहाज से सही चीज नहीं है. यह हमारा हक छीनकर दूसरों को दिया जा रहा है.

पूरे देश के मुसलमानों को मिले आरक्षण
जहानाबाद निवासी और एएनएस कॉलेज के प्रोफेसर मो. अली सलीम ने इस फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यह एक सही प्रयास है. कांग्रेस की सरकार जहां कहीं भी रही है वहां पर हम और हमारे समुदाय पर विशेष ध्यान देने की कोशिश की. मुस्लिमों को आरक्षण निहायत जरूरी है. इस फैसले से मुस्लिमों को काफी फायदा होगा. आरक्षण नहीं मिलने से मुसलमानों को काफी नुकसान हो रहा है. ऐसे में यह एक अच्छी शुरुआत कर्नाटक की सरकार के द्वारा की गई है. इस मसले पर जो भी पार्टी खिलाफ जा रही है वो नहीं चाहती है कि मुस्लिमों को आरक्षण मिल सके. मैं तो यह चाहता हूं कि सिर्फ कर्नाटक ही नहीं, हर राज्य में यह लागू होना चाहिए.

उन्होंने आगे यह भी कहा कि भाजपा हुकूमत में है. वह एक काम को लेकर आगे बढ़ना चाहती है. आरक्षण के खिलाफ जाना यह दर्शाता है कि यह वोटबैंक की राजनीति हो रही है.

कांग्रेस के DNA में तुष्टिकरण
वहीं, जहानाबाद जिला भाजपा महामंत्री अनिल ठाकुर ने इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि कांग्रेस की मंशा शुरुआत से ही स्पष्ट है. वह तुष्टिकरण की राजनीति करती है. पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह तो कहा करते थे कि देश पर अल्पसंख्यकों का अधिकार होना चाहिए. इनका तो DNA में ही ऐसा है. एक तरफ हाथ में संविधान लेकर शपथ लेते हैं तो दूसरी तरफ उसी संविधान का अपमान करते हैं. संविधान में यह कहीं नहीं लिखा हुआ कि आरक्षण धर्म के आधार पर दिया जाए. जब-जब कांग्रेस की सरकार आई है, उन्होंने संविधान को बदलने की कोशिश की है. कांग्रेस हमेशा देश को बदनाम करने का प्रोपेगेंडा चलाती आई है.

उन्होंने कहा कि यह आरक्षण ओबीसी का छीना गया है. ठेका में 4 प्रतिशत आरक्षण देकर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार देश में महिमामंडित करने में लगी है.

यह कांग्रेस की पुरानी चाल
जहानाबाद निवासी कुलदीप कुमार ने डीके शिवकुमार के कही बातों पर बताया कि आरक्षण यदि किसी को दिया जाता है उसमें किसी न किसी की हकमारी होती है. यह हमारे ओबीसी भाई के हक को मारकर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने यह काम किया है, जो कहीं से जायज नहीं है. यह एक समुदाय को खुश करने के लिए काम किया गया है. ठेके में आरक्षण की क्या ही जरूरत थी? क्या मुस्लिम समुदाय के लोग ठेका नहीं ले रहे थे? एक समुदाय को खुश करने की यह कांग्रेस की बहुत पुरानी चाल है.

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निखिल वर्मा

एक दशक से डिजिटल जर्नलिज्म में सक्रिय. दिसंबर 2020 से News18Hindi के साथ सफर शुरू. न्यूज18 हिन्दी से पहले लोकमत, हिन्दुस्तान, राजस्थान पत्रिका, इंडिया न्यूज की वेबसाइट में रिपोर्टिंग, इलेक्शन, खेल और विभिन्न डे…और पढ़ें

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