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Ghaziabad News: अगर आप भी सर्वाइकल और माइग्रेन के दर्द से दुखी हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. गाजियाबाद के बाजार में एक दुकान का इलाज काफी वायरल हो रहा है. यहां सीताराम बाजार स्थित मिलन लेडीज सूट नाम के प्रतिष्ठान पर सर्वाइकल और माइग्रेन दर्द से परेशान लोगों को एक विशेष धागा दिया जा रहा है.
गाजियाबाद: गर्दन में जकड़न, कंधों में खिंचाव और सिर में तेज धड़कता दर्द… आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सर्वाइकल और माइग्रेन की समस्या तेजी से बढ़ रही है. दफ्तर में घंटों कंप्यूटर पर काम, मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल और गलत बैठने की आदत लोगों को कम उम्र में ही दर्द का मरीज बना रही है. ऐसे में गाजियाबाद में इन समस्याओं से राहत दिलाने का एक अलग ही तरीका वायरल हो गया है. यहां के बाजार में कोई दवा या सीरप नहीं बल्कि एक धागा दिया जा रहा है. जी हां, आप सुनकर हैरान हो सकते हैं, लेकिन ऐसा ही कुछ है.
गाजियाबाद के सीताराम बाजार स्थित मिलन लेडीज सूट नाम के प्रतिष्ठान पर सर्वाइकल और माइग्रेन दर्द से परेशान लोगों को एक विशेष धागा दिया जाता है. व्यापारी राजू छाबड़ा का दावा है कि यह धागा दर्द में राहत देने में सहायक साबित होता है. यही वजह है कि यहां रोजाना सुबह लोगों की भीड़ देखने को मिलती है. उन्होंने कहा कि इस पहल की शुरुआत उनके पिता सुभाष छाबड़ा ने की थी. वह मेरठ में प्रसिद्ध चीकू बाबा के पास जाया करते थे जो शनि की गद्दी लगाते थे. वहीं से उन्हें यह विधि और जानकारी मिली.
उन्होंने आगे बताया कि इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अब उनके प्रतिष्ठान पर सर्वाइकल और माइग्रेन के मरीजों को निशुल्क धागा दिया जाता है. उनका कहना है कि यह धागा पिछले करीब 15 सालों से दिया जा रहा है. रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक धागा उपलब्ध कराया जाता है जबकि मंगलवार को अवकाश रहता है. खास बात यह है कि धागा केवल उसी व्यक्ति को दिया जाता है, जिसे दर्द की समस्या हो किसी अन्य के नाम पर नहीं.
राजू छाबड़ा के अनुसार, यहां सिर्फ गाजियाबाद ही नहीं बल्कि दिल्ली, सोनीपत, मुजफ्फरनगर, रुड़की, देहरादून और अन्य शहरों से भी लोग पहुंचते हैं. कई मरीजों का दावा है कि उन्हें धागा पहनने के बाद दर्द में आराम मिला. कुछ लोगों का यह भी कहना है कि दवाइयों से जहां राहत नहीं मिली वहां इस उपाय से फायदा महसूस हुआ.
हालांकि, यह पूरी तरह आस्था और व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है. इस बारे में कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है.
लोकल 18 की सलाह है कि सर्वाइकल या माइग्रेन जैसे किसी भी प्रकार के दर्द में सबसे पहले योग्य डॉक्टर से संपर्क करें और चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें. किसी भी वैकल्पिक उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की राय लेना जरूरी है.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें
