गाजियाबाद के हरीश राणा ने दुनिया को अलविदा कह दिया है. जिन मां-बाप ने 13 साल तक उसकी जिंदगी के लिए दिन-रात जद्दोजहद की, वही 13 दिनों तक हर पल उखड़ती सांसों के बीच उसकी मौत का इंतजार करते रहे. दुनिया में किसी भी माता-पिता के लिए इससे ज्यादा बेबसी और बदकिस्मती क्या होगी, जो 11 मार्च को इच्छामृत्यु पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से बेटे के उस असहनीय दर्द से मुक्ति पर आखिरी मुहर चाहते थे. पिता अशोक राणा ने बेटे हरीश के अंतिम संस्कार पर टूटे दिल से कहा- कोई रोये नहीं, मेरा बेटा जहां भी जन्म ले, खुश रहे. आंखों में आंसू थे, पर शब्दों में दुआ. दर्द अपार था, फिर भी उन्होंने बेटे की शांति और नए जीवन की कामना की. देखें वीडियो… (रिपोर्टर- शिवम गौतम)
कोई रोये ना… हरीश राणा के पिता ने आंसू रोक कही ऐसी बात, सुन पिघल गया हर दिल
