गाजियाबाद ISI जासूसी नेटवर्क: मास्टरमाइंड समीर शूटर समेत 3 गिरफ़्तार, अब तक 21 दबोचे गए

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Ghaziabad ISI Agent Network: गाजियाबाद में पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI के इशारे पर की जा रही जासूसी मामले में तीन और बड़ी गिरफ्तारी हुई है. STF ने मास्टरमाइंड समीर शूटर समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. यह नेटवर्क कितना खतरनाक था इसका अंदाजा इसी लगाया जा सकता है कि इस मामले में अभी तक 21 की गिफ्तारी हो चुकी है.

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गाजियाबाद ISI जासूसी कांड में तीन और गिरफ्तार

गाजियाबाद. गाजियाबाद में अब तक के सबसे बड़े और खतरनाक ISI जासूसी रैकेट मामले में तीन और को गिरफ्तार किया गया है. मास्टरमाइंड समीर  शूटर, समीर और शिवराज को दिल्ली, कौशांबी और शामली से गिरफ्तार किया गया है. इनके पास से तीन मोबाइल भी बरामद की गई है. आरोप है कि ये सभी पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI के लिए देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे और गोपनीयसूचनाएं व डाटा सीमा पार पहुंचा रहे थे. गाजियाबद पुलिस ने अब इस मामले में दर्ज एफआईआर में UAPA की धारा 18 भी जोड़ दी है.

जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार शिवराज ने सोनीपत रेलवे ट्रैक पर CCTV कैमरा लगवाया था, जिसकी मॉनेटरिंग पाकिस्तान में की जा रही थी. गिरफ्तार सभी 21 आरोपी व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर देश विरोधी काम में लगे थे. पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ने इन्हें देश में 50 संवेदनशील जगहों पर CCTV कैमरा लगाने का टास्क दिया गया था. गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक, 14 मार्च को थाना कौशाम्बी पर सूचना मिली थी कि भोवापुर थाना क्षेत्र में रहने वाले कुछ युवकों की गतिविधियां समाज के साथ-साथ राष्ट्र विरोधी हैं. ये लोग रेलवे स्टेशन तथा सुरक्षा बलों की लोकेशन की वीडियो बनाकर सीमा पार भेज रहे हैं. इसी क्रम में आज 24 मार्च को एसआईटी द्वारा 3 अन्य अभियुक्तों को दिल्ली, शामली व भोवापुर कौशाम्बी से गिरफ्तार किया गया है. इस प्रकार इस मामले में अबतक 21 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है.

मिले थे अलग-अलग टास्क 

गिरफ्तार अभियुक्त समीर उर्फ शूटर ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2023-24 में उसके द्वारा असलाहों के साथ कुछ फोटो और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किये गये थे. जिसके बाद इस गिरोह के सदस्य नौशाद व सुहैल द्वारा समीर से सम्पर्क किया गया. फिर उसे विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया. इसके बाद धीरे-धीरे उसे विभिन्न प्रकार के टास्क दिए गये. जिसमें उससे देश के विभिन्न स्थानों पर स्थित सुरक्षाबल के ठिकानों व अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, रेलवे स्टेशन आदि की रेकी कराकर उनके फोटो, वीडियो और जीपीएस लोकेशन विदेशी नम्बरों पर मंगाये गये थे. फोटो-वीडियो के लिए उसने  प्ले स्टोर से एप इनस्टॉल किया था, जिसके संचालन की ट्रेनिंग भी दी गयी थी. इसके अलावा उसने कई लड़कों को पैसों का लालच देकर इस गिरोह से जोड़ा और रेकी करवाया था.

महत्वपूर्ण ठिकानों की फोटो और वीडियो विदेश भेजे 

एक अन्य गिरफ्तार अभियुक्त समीर पुत्र शहजाद ने पूछताछ में बताया गया कि वर्ष 2024 में इन्स्टाग्राम के माध्यम से उसकी मुलाकात पूर्व में गिरफ्तार अभियुक्त नौशाद से हुई और दोनो की बातचीत शुरू हुई. इसके कुछ समय बाद नौशाद द्वारा उसे एक व्हाट्सअप ग्रुप में जोडा गया, जिसमें मीरा भी पहले से जुड़ी हुई थी. इसी ग्रुप के माध्यम से वह मीरा के सम्पर्क में आया. वह मीरा के कहने पर उसके साथ मध्य प्रदेश में पिस्टल की तस्करी में भी शामिल हुआ था. वर्ष 2025 में वह सीमापार से संचालित हो रहे इस गिरोह के सम्पर्क में आया और उसके द्वारा विभिन्न सुरक्षाबल के ठिकानों व अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, रेलवे स्टेशन आदि की रेकी कराकर उनके फोटो, वीडियो और जीपीएस लोकेशन विदेशी नम्बरों पर भेजे गये थे. गिरफ्तार अभियुक्त शिवराज ने बताया कि पूर्व में गिरफ्तार अभियुक्त साहिल के माध्यम से वह इस गिरोह से जुड़ा था. साहिल के कहने पर उसके द्वारा सोनीपत में सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था, जिसके फुटेज सीमा पार भेजे जा रहे थे. इसके लिए उसे 5000 रुपए मिले थे.

मनी ट्रेल की तफ्तीश भी शुरू

समीर देश भर के कई राज्यों में पाकिस्तान ISI के इशारे पर जाकर आर्मी के ठिकानों औऱ महत्वपूर्ण स्थानों के वीडियो व फोटो बनाकर पाकिस्तान भेजता था. बदले में ऑनलाइन पेमेंट इनको मिलते थे. पाकिस्तान की ISI भारत में अपने स्लीपर सेल के एजेंटों को जो पैसा भेजती थी, अब उस मनी ट्रेल की तफ्तीश भी शुरू कर दी गई है.

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Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें

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