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Delhi Pollution Plan 2026: दिल्ली की सीमाओं पर जल्द ही नए पहरेदार को तैनात करने की जिम्मेदारी है. यह पहरेदार ऐसे वाहनों की पहचान करेगा, जो दिल्ली की आबोहवा को जहरीला बना रहे हैं. साथ ही, यह पहरेदार यह भी सुनिश्चित करेगा कि इन वाहनों को दिल्ली में कहीं भी फ्यूल न मिले.
दिल्ली सरकार जल्द ही दिल्ली में एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन एक्शन प्लान 2026 को लागू करने जा रही है. (एआई इमेज)
Delhi News: दिल्ली की सीमाओं पर अब एक ऐसा परहेदार बैठने जा रहा है, जिसकी निगाह से बचकर निकलना अब किसी के लिए आसान नहीं होगा. यह पहरेदार ऐसे लोगों की शिनाख्त करेगा, जो दिल्ली की आबोहबा को जहरीला बना रहे हैं. साथ ही, यह इंतजाम करेगा कि वे दिल्ली में भूखे भटकने के लिए मजबूर हो जाएं. दरअसल, यह परहेदार कोई इंसान नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी से लैस ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे हैं. ये एएनपीआर कैमरे एक नवंबर 2026 से दिल्ली की सभी बॉर्डर पर काम करना शुरू कर देंगे.
कैसे काम करेगी यह योजना
- दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सभी वाहनों की रजिस्ट्रेशन प्लेन को स्कैन करने के लिए एएनपीआर कैमरे दिल्ली के एंट्री पॉइंट्स पर लगाए जाएंगे.
- अगर कोई बीएस-6 से कम मानक वाला ट्रक या प्रदूषण फैलाने वाला वाहन सीमा में घुसने की कोशिश करेगा, सिस्टम तुरंत उसे पहचान लेगा.
- इसके साथ ही सरकार ‘नो पीयूसी-नो फ्यूल’ नियम को भी सख्ती से लागू करेगी. अगर किसी वाहन के पास वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) नहीं है, तो उसे पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा.
- इस नियम को लागू करने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और कैमरों की मदद ली जाएगी, जिससे किसी तरह की चूक की कोई गुंजाइश नहीं बचे.
- इस इंफोर्समेंट ड्रिवन कैंपेन के दौरान वाहन प्रदूषण, धूल, निर्माण कार्य, इंडस्ट्रियल इमिशन्स और कचरे पर पूरी तरह से फोकस किया जाएगा.
- 11 सेक्टर्स में बंटी इस इंफोर्समेंट ड्राइव में हर सेक्टर के लिए अलग जिम्मेदारियां, समयसीमा और रियल-टाइम मॉनिटरिंग तय की गई है.
सरकार उठा सकती है ये बड़े कदम
प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुंचने की स्थिति में दिल्ली सरकार कुछ सख्त कदम भी उठा सकती है. इमनें, ऑफिस टाइमिंग को अलग-अलग करना, वर्क फ्रॉम होम लागू करना और निजी वाहनों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाना जैसे कुछ सख्त व्यवस्थाएं शामिल हैं. इसके अलावा, 2028-29 तक दिल्ली में बसों की संख्या बढ़ाकर 13,760 करने की योजना है, जिसमें बड़ी संख्या इलेक्ट्रिक बसों की होगी. इसके अलावा मेट्रो, ई-ऑटो और फीडर बसों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर दिया जा रहा है. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देने के लिए अगले चार साल में 32,000 चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे. साथ ही, सरकारी वाहनों को भी धीरे-धीरे साफ पर इलेक्ट्रिक विहिकल में शिफ्ट किया जाएगा.
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Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें
