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एमिटी यूनिवर्सिटी के छात्र हर्षित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है. पूरे पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियो ग्राफी भी कराई गई है. पुलिस ने हर्षित के साथ घटना के वक्त मौजूद रहे तीनों दोस्तों को हिरासत में ले लिया है. मृतक हर्षित की मां ने हत्या की आशंका जताई है.
हर्षित भट्ट की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई.
नोएडाः गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा सेक्टर-94 में हुए हादसे में मृतक हर्षित के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं. मृतक की मां का दावा है कि उनके बेटे को अच्छे से तैरने आता था. ऐसे में डूबने से उसकी मौत कैसे हो सकती है. मां ने कहा कि उनके बेटे हर्षित के पीठ और कंधे पर गहरे घाव के निशान भी हैं. परिवार ने साजिश की आशंका जताते हुए इंसाफ की मांग की है. हर्षित के तीन अन्य दोस्तों पर शक गहरा रहा है. पुलिस हर एंगल से जांच की बात कह रही. इस बीच हर्षित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सामने आ गई है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या-क्या
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी में डूबने से और पेट में पानी और मिट्टी व दलदल जाने से मौत होने की बात सामने आई है. मृतक छात्र के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो गई है. देर रात डॉक्टर के पैनल की मौजूदगी में हर्षित का पोस्टमार्टम हुआ. सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम के दौरान वीडियोग्राफी हुई है. मृतक हर्षित के साथ मौजूद तीनों स्टूडेंट्स को हिरासत में लिया है. पुलिस छात्रों से पूछताछ कर रही.
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की लापरवाही
बताया जा रहा है कि सेक्टर 94 में डबल बेसमेंट के लिए गड्ढा खोदा गया था और बेसमेंट के गड्ढे में पानी भरा हुआ था. हाल ही में सेक्टर 150 की घटना के बाद ऐसे पॉइंट को सुरक्षित करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने सर्वे कराया था. 65 ऐसे स्थानों को चिन्हित किया गया था. उन 65 स्थानों में सेक्टर 94 का ये पॉइंट चिन्हित नहीं किया गया. सर्वे टीम में शामिल कर्मचारी और अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है.
घटनास्थल पर बनना था हैबिटेट सेंटर
सेक्टर 94 के इस प्लॉट में नोएडा प्राधिकरण का हैबिटेड सेंटर बनने का प्लान था. हैबिटेड सेंटर का निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को मिला था. जुलाई 21 में निर्माण का जिम्मा दिया गया था. करीब 31 मंजिला इमारत के लिए डबल बेसमेंट खोदे जाने की बात सामने आई है. साल 2022 में प्राधिकरण ने टेंडर निरस्त कर सिक्योरिटी के 26 करोड़ रुपए जप्त किए थे. प्राधिकरण और यूपी निर्माण निगम का विवाद आर्बिटेटेशन में है.
विभाग ने दो बेसमेंट के बराबर खोदा था गड्ढा
इस हादसे के पीछे UPRNN (Uttar Pradesh Rajkiya Nirman Nigam) की बड़ी लापरवाही सामने आई है. घटनास्थल के सामने वाले हिस्से में कोई भी बैरिकेडिंग या अवरोधक नहीं लगा था. NEWS 18 के कैमरे में हकीकत कैद हो गई है. पार्टी के बाद हर्षित ने पानी में छलांग लगाई थी. बताया जा रहा है कि करीब 20 फीट गहरा गड्ढा था. सूत्रों के मुताबिक UPRNN ने दो बेसमेंट के बराबर गड्ढा खोदा था. 1 बेसमेंट का निर्माण भी किया था. फिलहाल मामला कोर्ट में है. लैंड की कस्टडी UPRNN के पास है.
कोर्ट में गया मामला तो विभाग ने छोड़ दिया था निर्माण कार्य
UPRNN ( Uttar Pradesh Rajkiya Nirman Nigam) को कार्य की जिम्मेदारी दी गई थी. 395.26 करोड़ की लागत से हैबिटेट सेंटर तैयार होना था. एक बोर्ड न्यूज18 को मिला है, जिसपर लिखा है कि कार्य दाई संस्था: उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम, कार्य संपन्न होनी की तिथि: 5/5/2021. कार्य संपत्ति: 30/10/2023 थी. मामला कोर्ट में जाने के बाद गड्ढे को छोड़ दिया गया. पानी भरने के बाद दलदल में तब्दील हो गया था गड्ढा. जमीन की रखवाली की जिम्मेदारी फिलहाल UPRNN के पास है. लेकिन मामला कोर्ट पहुंच गया. ऐसे में स्थिति जस की तस बनीं रही.
मृतक हर्षित की मां के गंभीर आरोप
NEWS 18 से मृतक हर्षित की मां दीपमाला ने एक्सक्लूसिव बातचीत करते हुए कहा कि मेरे बेटे को शरीर पर चोट के निशान थे. एमिटी में फिजिकल एजुकेशन का स्टूडेंट था बेटा. उसको स्विमिंग आती है. उसे कोच बनना था. घटना के वक्त मौजूद रहे तीनों बच्चों से मैं कभी मिली नहीं. लेकिन 2 के नाम जानती हूं. एक का नाम व्यास तोमर और दूसरे का नाम कृष है, तीसरे का नाम नहीं पता. मृतक की मां ने कहा कि मेरा बेटा गलत नहीं है. मेरे बेटे का लास्ट ईयर था. 17 अप्रैल को एग्जाम खत्म होना था. 8 अप्रैल को उसका तीसरा पेपर था.
‘मेरा बेटा कहता था कि उसके दोस्तो को खाना अच्छा लगता है’
मैं अपने बेटे को टिफिन देती थी तो बेटा कहता था मां दोस्तों को आपके हाथ का खाना बहुत पसंद है. इसलिए मैं ज्यादा बनाकर देती थी. मां का आरोप है कि मेरे बेटे को मारा गया. उसके पैर, हाथ और पीठ पर चोट के मेरे बेटा शराबी नहीं था. स्कूल का स्टाफ, टीचर सब उसकी तारीफ करते हैं. सबने बोला अच्छा स्टूडेंट है. बेटा के पिता आर्मी में हैं. वो फिलहाल लद्दाख में पोस्टेड हैं.
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Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें
