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पृथ्वी पर विशाल जीवों का इतिहास और उनका वर्तमान अस्तित्व, हमारे प्राकृतिक संसाधनों के संबंध में हमेशा से ही कौतूहल का विषय रहा है. दुनिया के सबसे बड़े सांप को लेकर लोग अक्सर भ्रमित रहते हैं. ऐसे में आज हम बताएंगे कि सांपों की दुनिया का ‘असली राजा’ कौन है
धरती पर कई तरह के जीव-जंतु हैं. उनमें से सांप खास माने जाते हैं. जहरीले और बिना जहर वाले सांपों की भी कई किस्में होती हैं. लेकिन कुछ सांप बहुत बड़े होते हैं. उन्हें देखकर ही डर लग जाता है. इस लिस्ट में सबसे बड़ा है ग्रीन एनाकोंडा.
इसे सांपों का राजा कहा जाता है. अमेजन के जंगलों में मिलने वाला यह विशाल सांप इंसानों जैसे जानवरों को भी पूरा निगल सकता है. इसका वजन दो या तीन इंसानों के बराबर बताया जाता है. यह पानी में बहुत तेज चलता है, लेकिन जमीन पर बहुत धीरे चलता है. आमतौर पर ये इंसानों से काफी दूर रहते हैं.
15 फीट लंबा सांप… टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, हरा एनाकोंडा दुनिया का सबसे भारी सांप माना जाता है. यह 15 फीट से भी ज्यादा लंबा हो सकता है. मादा एनाकोंडा, नर सांपों से काफी बड़ी होती हैं. इनके पूरे शरीर में मजबूत मांसपेशियां होती हैं. इसका शरीर पानी में आसानी से तैरने के लिए बना होता है.
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इस एनाकोंडा की त्वचा हरी, भूरे और काले रंग की धारियों वाली होती है. इन रंगों की वजह से यह पौधों के बीच आसानी से छुप जाता है. इसकी आंखें और नाक सिर के ऊपर की तरफ होती हैं. इसलिए ये ज्यादातर पानी में छुपा रहता है. इसका जबड़ा बहुत मजबूत होता है. इससे ये अपने से बड़े शिकार को भी आसानी से निगल सकता है.
अमेजन का जंगल एनाकोंडा का घर है. ये सांप वहां की झीलों, तालाबों और धीरे-धीरे बहने वाली नदियों में मिलता है. इसका मुख्य खाना शिकार करना है. इसलिए ये मछलियां, पक्षी, मेंढक, कछुए और कभी-कभी हिरन जैसे बड़े जानवरों का भी शिकार कर सकता है. अमेजन के जंगल में जो नमी, मौसम और तापमान है, वो इन सांपों के लिए बहुत अच्छा है. इसी वजह से ये बड़े सांप दुनिया के बाकी हिस्सों में नहीं मिलते.
इसका शिकार करने का तरीका बहुत खास होता है. हरा एनाकोंडा अपने शिकार को पकड़ने के लिए काफी समय तक इंतजार करता है. ये चुपचाप पानी में छुपा रहता है और सही मौका देखकर शिकार पर हमला करता है. ये अपने शिकार को कसकर लपेट लेता है जिससे उसकी सांस रुक जाती है. फिर ये उसे पूरा निगल जाता है. इस तरह का एनाकोंडा एक बार में बहुत ज्यादा खाना खा सकता है और कई दिन बिना खाए भी जिंदा रह सकता है.
एनाकोंडा की अलग-अलग किस्में होती हैं. एनाकोंडा की मुख्य रूप से 4 प्रजातियां हैं. इनमें ग्रीन एनाकोंडा, येलो एनाकोंडा, डार्क स्पॉटेड एनाकोंडा और बोलिवियन एनाकोंडा शामिल हैं. येलो एनाकोंडा, ग्रीन एनाकोंडा से छोटी होती है. यह करीब 10 से 13 फीट तक बढ़ती है. यह पराग्वे नदी के किनारे पाई जाती है. डार्क स्पॉटेड एनाकोंडा बहुत ही दुर्लभ प्रजाति है. यह करीब 10 फीट तक बढ़ती है. इस प्रजाति पर अभी तक पूरी रिसर्च नहीं हुई है. हाल ही में पहचानी गई प्रजाति बोलिवियन एनाकोंडा है. यह बोलिविया देश में मिलती है. इसके गुण ग्रीन एनाकोंडा जैसे ही होते हैं.
