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who is rasikh salam dar: रसिख सलाम डार ने आईपीएल में आरसीबी के लिए खेलते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ तबाही मचा दी. अपनी चतुर स्लोअर गेंदों का सटीक इस्तेमाल करते हुए उन्होंने 4 ओवर में मात्र 24 रन देकर 4 विकेट झटके. रसिख ने एडेन मार्करम और आयुष बदोनी जैसे बड़े नामों को पवेलियन भेजकर आरसीबी को 150 के भीतर ढेर कर दिया. मुकुल चौधरी और आवेश खान भी उनकी रफ्तार का शिकार बने.
रसिख सलाम डार ने चार विकेट लेकर किया कमाल.
नई दिल्ली. जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) की टीमें आमने-सामने थीं, तो सबकी नजरें बड़े सितारों पर टिकी थीं. लेकिन उस शाम चिन्नास्वामी स्टेडियम में एक ऐसा नाम गूंजा, जिसने अपनी रफ्तार से ज्यादा अपनी चतुराई से दुनिया को हैरान कर दिया. वह नाम था रसिख सलाम डार. जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के एक छोटे से गांव में जन्मे रसिख के लिए यह सफर कभी आसान नहीं था. लेकिन लखनऊ के खिलाफ उनके 4 ओवर, 24 रन और 4 विकेट के जादुई स्पेल ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा को सही मंच मिले, तो वह इतिहास रचने में देर नहीं लगाती.
रसिख सलाम डार (Rasikh Salam Dar) की कहानी केवल क्रिकेट के मैदान तक सीमित नहीं है. यह उनके धैर्य और पुनरागमन की दास्तां है. 2019 में जब उन्होंने मुंबई इंडियंस के लिए डेब्यू किया था, तब वह महज 18 साल के थे. लेकिन उम्र के विवाद और दो साल के प्रतिबंध ने उनके करियर पर ब्रेक लगा दिया था. एक युवा खिलाड़ी के लिए करियर के शुरुआती दौर में ही मैदान से बाहर होना किसी दुस्वप्न से कम नहीं था. लेकिन रसिख ने हार नहीं मानी. उन्होंने कश्मीर की वादियों में कड़ी मेहनत की और अपनी गेंदबाजी में वह धार पैदा की, जो आज आईपीएल 2026 में आरसीबी की जीत का आधार बनी.रसिख के पिता सरकारी स्कूल में टीचर हैं.वह चार भाइयों में सबसे छोटे हैं.
रसिख सलाम डार ने चार विकेट लेकर किया कमाल.
लखनऊ के खिलाफ वह ऐतिहासिक रात
आरसीबी ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया था. लेकिन लखनऊ के पास एडेन मार्करम और आयुष बदोनी जैसे विस्फोटक बल्लेबाज थे. जब मैच फंसा हुआ लग रहा था, तब कप्तान ने गेंद 26 वर्षीय रसिख को थमाई. रसिख ने उस रात गेंदबाजी का एक नया अध्याय लिखा. उन्होंने अपनी सामान्य 140 प्लस किलोमीर प्रति घंटा की रफ्तार पर निर्भर रहने के बजाय अपनी ‘नकल बॉल’ और ‘ऑफ-कटर’ का ऐसा जाल बुना कि बल्लेबाज पूरी तरह चकमा खा गए.
मार्करम और बदोनी का शिकार
मैच का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब रसिख ने दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज एडेन मार्करम को अपनी एक बेहतरीन स्लोअर डिलीवरी पर फंसाया. मार्करम गेंद की गति को पढ़ नहीं पाए और शॉट जल्दी खेल बैठे. इसके तुरंत बाद, क्रीज पर जमे आयुष बदोनी को भी रसिख ने अपनी चतुराई भरी लेंथ से चकमा देकर पवेलियन की राह दिखाई. रसिख यहीं नहीं रुके. उन्होंने मुकुल चौधरी को आउट कर लखनऊ की उम्मीदें तोड़ दीं और अंत में तेज गेंदबाज आवेश खान का विकेट लेकर अपना ‘हॉल ऑफ फेम’ (4 विकेट) पूरा किया.
रसिख का नया ब्रह्मास्त्र
मॉडर्न टी-20 क्रिकेट में जहां बल्लेबाज सपाट पिचों पर गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हैं, वहां रसिख ने अपनी स्लोअर गेंदों को हथियार बनाया. उनके स्पेल की सबसे खास बात यह थी कि उनकी तेज गेंद और धीमी गेंद के एक्शन में रत्ती भर भी फर्क नहीं था. लखनऊ के खिलाफ उन्होंने अपने 24 गेंदों के स्पेल में से लगभग 10 गेंदें धीमी गति की फेंकी. यह उनकी परिपक्वता को दर्शाता है कि 5 अप्रैल 2000 को जन्मे इस खिलाड़ी ने महज 26 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के बल्लेबाजों के दिमाग को पढ़ना सीख लिया है.
आरसीबी और रसिख का अटूट रिश्ता
आरसीबी को हमेशा से एक ऐसे भारतीय तेज गेंदबाज की तलाश थी जो डेथ ओवरों में टीम को भरोसा दिला सके. रसिख सलाम डार ने इस सीजन में वह खाली जगह भर दी है. उनके 4/24 के आंकड़े केवल एक मैच का प्रदर्शन नहीं हैं, बल्कि उनके उस अनुशासन का परिणाम हैं जो उन्होंने पिछले 2-3 सालों में घरेलू क्रिकेट में दिखाया है. आरसीबी के खेमे में अब उन्हें ‘कमबैक किंग’ के नाम से बुलाया जा रहा है.रसिख सलाम डार की यह कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों और संघर्षपूर्ण परिस्थितियों से आते हैं. उनकी सफलता यह बताती है कि अगर आपके पास प्रतिभा है और आप अपनी गलतियों से सीखने का जज्बा रखते हैं, तो आसमान की ऊंचाइयां आपका इंतजार कर रही हैं.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
