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दिल्ली से देहरादून के बीच ट्रैफिक जाम शुरू होने से राजधानीवालों के दोनों हाथ में लड्डू आ गए हैं. यह एक्सप्रेस वे सफर के साथ आपके फेफड़ों को भी आराम देगा. साथ ही, दिल्ली के ट्रैफिक जाम में 40 फीसदी तक की कमी आने की संभावना है.
देहरादून एक्सप्रेस वे में दिल्ली का करीब 32 किलोमीटर का हिस्सा आता है. (फाइल फोटो)
Delhi Dehradun Expressway: दिल्ली से देहरादून के बीच शुरू हुए एस्सप्रेस वे ने दिल्लीवालों के दोनों हाथों में लड्डू दे दिया है. अब इस एक्सप्रेसवे की मदद से आप दिल्ली से देहरादून का सफर तो झट से पूरा कर ही लेंगे, साथ ही आपके फेफड़ों को भी आराम मिलेगा. जी हां, इस 210 किलोमीटर लंबे छह लेन वाले एक्सप्रेसवे में 32 किमी का हिस्सा दिल्ली में आता है. इस हिस्से में आनंद विहार और कश्मीरी गेट जैसे आईएसबीटी भी आते हैं.
अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक देहरादून पहुंचने में जहां 4-5 घंटे घंटे लगते थे. अब इस एक्सप्रेसवे से वही सफर महज 2.5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. अनुमान है कि करीब डेढ़ से ढाई घंटे का सफर कम होने से 19 प्रतिशत तक ईंधन की बचत होगी. इस एक्सप्रेसवे के आने से हरियाणा से आने-जाने वाले वाहनों को शहर में घुसने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. इससे राजधानी में वाहनों का दबाव तो कम होगा ही, साथ ही आबोहवा भी साफ रहेगी.
- राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक्सप्रेसवे के खुलने से दिल्ली के बाहरी इलाकों में ट्रक और कारों का आवागमन कम होगा. दिल्ली का 32 किमी हिस्सा मुख्य रूप से पूर्वी और उत्तरी सीमाओं पर है, जहां से देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले लाखों वाहन गुजरते हैं.
- वर्तमान में एनएच-44 और पुरानी दिल्ली-मेरठ रोड पर भारी जाम लगता है, लेकिन अब बाइपास रूट से ट्रैफिक सीधा बाहर निकलेंगे. उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट 2018 में शुरू हुआ था और कई चुनौतियों के बावजूद अप्रैल 2026 तक पूरा हो गया. इसकी कुल लागत करीब 8 हजार करोड़ रुपये है.
- एक्सपर्ट्स का मानना है कि प्रदूषण के मोर्चे पर यह एक्सप्रेसवे वरदान साबित हो सकता है. पर्यावरण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वाहनों से निकलने वाली 40 प्रतिशत धूल और उत्सर्जन ट्रैफिक जाम के कारण होता है. एक्सप्रेसवे से 19 प्रतिशत फ्यूल सेविंग का अनुमान है, जो सीधे कार्बन एमिशन में कम करेगा.
- रिपोर्टस के अनुसार, आनंद विहार दिल्ली का ऐसा इलाका है, जहां पीएम 2.5 का लेवल अक्सर 400 को पार कर जाता है. ट्रकों का दिल्ली में एंट्री बंद होने से इलाके में प्रदूषण 15-20 प्रतिशत तक गिर सकता है. साथ ही, दिल्लीवालों को रोजमर्रा की जिंदगी में ट्रैफिक कंजेशन को भी निजात मिलेगी.
पीक आवर्स में कम हो जाएगा 30 से 40 फीसदी तक ट्रैफिक
हरियाणा के यमुनानगर, अंबाला और सहारनपुर से आने वाले लोग अब बिना शहर में घुसे एक्सप्रेसवे से देहरादून पहुंच सकेंगे. इससे दिल्ली के कई इलाकों का लोड हल्का होगा. दिल्ली यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे के आने से पीव आवर्स में जाम 30-40 प्रतिशत कम होने का अनुमान है. आपको बता दें कि इस एक्सप्रेसवे पर अधिकतम स्पीड 100 किमी प्रति घंटा तय की गई है. दिल्ली से देहरादून के बीच इसके 19 अंडरब्रिज, 6 ओवरब्रिज और वन्यजीवों के लिए ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया गया है.
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Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें
