Last Updated:
Ghaziabad Latest News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक महिला को जब नौकरी से निकाल दिया गया, तो उसने कुछ लोगों के साथ मिलकर एक गैंग बनाई और रंगदारी बसूलने का काम शुरू कर दिया. मगर वह नौकरी ही नहीं यहां भी असफल रही और पुलिस के हत्थे चढ़ गई. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
पुलिस हिरासत में आरोपी महिला.
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद पुलिस ने एक बड़े रंगदारी मामले का खुलासा किया हुआ है. पुलिस ने महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. शिकायतकर्ता अर्पित गुप्ता ने पुलिस को बताया था कि एक अज्ञात नंबर से कॉल कर खुद को कुख्यात सुंदर भाटी गैंग का सदस्य बताकर 10 करोड़ रुपये की मांग की जा रही थी. रकम न देने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी.
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वाट टीम और अपराध शाखा ने जांच शुरू की. इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर 14 अप्रैल 2026 को थाना इंदिरापुरम में केस दर्ज किया गया और कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को वेव सिटी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में मुख्य आरोपी रविंद्र उर्फ रोबिन ने खुलासा किया कि वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है और पीड़ित को पहले से जानता था.
उसकी साथी सविता उर्फ सवी चौधरी को हाल ही में नौकरी से निकाले जाने के बाद दोनों ने मिलकर रंगदारी की साजिश रची. योजना में तुषार बैसौया भी शामिल हो गया. मतलब इस पूरे षड्यंत्र की पकड़ी गई महिला आरोपी सरिता ही सूत्रधार थी. आरोपियों ने फर्जी सिम और मोबाइल का इस्तेमाल कर अलग-अलग स्थानों से व्हाट्सएप कॉल कर धमकियां दीं, ताकि पकड़े न जा सकें. पुलिस अब मामले में अन्य संभावित आरोपियों और सुंदर भाटी गैंग की भूमिका की जांच कर रही है. हालांकि शुरुवाती जांच में सुंदर भाटी गैंग से इनका कोई वास्ता नजर नहीं आ रह है.
About the Author
न्यूज18 हिंदी डिजिटल में कार्यरत. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल और हरियाणा की पॉलिटिक्स और क्राइम खबरों में रुचि. वेब स्टोरी और AI आधारित कंटेंट में रूचि. राजनीति, क्राइम, मनोरंजन से जुड़ी खबरों को लिखने मे…और पढ़ें
