लखनऊ/नोएडा. नोएडा में फैक्ट्री मजदूरों की तरफ से शुरू किए गए आंदोलन में धीरे-धीरे अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिक भी जुड़ रहे हैं. अब ग्रेटर नोएडा में मौजूद शिव नादर यूनिवर्सिटी (Shiv Nadar University) के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. इसके बाद दूसरी जगहों पर भी मजदूर धरने पर बैठ गए. सभी लोगों की मांगें वही हैं जो मूल हैं.. यानि सैलरी बढ़ाने वगैरह. ताजा जानकारी के मुताबिक, पुलिस और प्रशासन के लोग इन सभी प्रतिष्ठानों यानि फैक्ट्री वगैरह में जाकर कर्मचारियों, श्रमिकों को समझा रहे हैं कि आपका वेतन बढ़ा दिया गया है और दूसरी सभी मांगें भी मान ली गई हैं और अब आपको कोई धरना प्रदर्शन मकरने की जरूरत नहीं है. आइये इस बारे में नोएडा से जानते हैं सभी ताजा अपडेट…
गिरफ्तार लोगों में कई अर्बन नक्सल
सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि नोएडा मजदूर कंपनी विवाद मामले में आगजनी करने वाले 17 आरोपियों की पहचान कर ली गई है. इनमें से 11 को गिरफ्तार किया गया है. मजदूरों को भड़काने वालों में 32 की पहचान की गई. 19 अरेस्ट हुए हैं. ऐसे 34 लोग अरेस्ट हुए हैं, जो श्रमिक नहीं हैं. 4 लोग नोएडा मजदूर कंपनी विवाद में षडयंत्र रचने के आरोप में पकड़े गए हैं. कई अरेस्ट लोग मजदूर बिगुल और अर्बन नक्सल बताए जा रहे हैं. आगजनी की घटना में जो 11 अरेस्ट हुए हैं, उसमें 8 श्रमिक नहीं हैं. कुल 66 गिरफ्तारियों में 45 श्रमिक नहीं हैं.
नोएडा में मजदूर यूनियन चलाने वाला बिगुल दस्ता का संचालक गिरफ्तार
नोएडा में ‘बिगुल दस्ता’ नाम का संगठन चलाने वाले रुपेश राय को गिरफ्तार किया गया है.
नोएडा में मजदूर यूनियन चलाने वाला बिगुल दस्ता नाम का संगठन चलाने वाला रूपेश राय गिरफ्तार किया गया है. नोएडा में श्रमिक आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने अभी तक प्रीवेंटिव अरेस्ट मिलाकर कुल 500 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है. इसी मामले में पुलिस को कई व्हाट्सएप ग्रुप के बारे में पता चला. इनमें से एक ” मजदूर बिगुल दस्ता ” नाम के एक संगठन का हाथ सामने आया और पुलिस ने इस संगठन के मुखिया रूपेश राय को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने अब तक 17 व्हाट्सएप ग्रुप की भी पहचान की है ,जिनके जरिए आंदोलन को हिंसक बनाने की कोशिश की गई थी.
प्रयागराज पहुंचा नोएडा के श्रमिकों के प्रदर्शन की हवा
नोएडा में प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों के आंदोलन की हवा प्रयागराज पहुंच गई है. न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर बारा के PPGCL पावर प्लांट कंपनी के सैकड़ों कर्मचारियों ने दो घंटे काम बंद कर प्रदर्शन किया. प्रयागराज के यमुनानगर के शंकरगढ़ स्थित बारा इलाके में PPGCL पावर प्लांट स्थित है. कर्मचारियों ने आठ घंटे काम और न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. इस दौरान PPGCL का गेट भी बंद कर दिया गया था.
पीपीजीसीएल के कर्मचारियों का प्रदर्शन
कर्मचारियों का कहना था कि उनके 12 घंटे काम लिया जाता है. हालांकि वक्त रहते प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच वार्ता हुई. डीसीपी यमुनानगर जोन विवेक चंद्र यादव ने बताया है कि इस प्रकरण में करीब 300 श्रमिकों द्वारा अपनी मांगो को लेकर कंपनी परिसर मे ही शांति पूर्ण ढंग से अपनी बात रखी गई. पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति मे कंपनी के अधिकारियों से वार्ता कराई गई, जिसके बाद उनकी समस्या का निस्तारण करा दिया गया है. सभी कामगार शांतिपूर्वक अपने कार्य पर वापस लौट गए है.
Noida News : श्रमिकों से संवाद कर हालात सामान्य करने की कोशिश
नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिति सामान्य बनाए रखने के लिए जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट लगातार इकाइयों का दौरा कर रहे हैं. वे श्रमिकों से सीधे संवाद कर उन्हें वेतन वृद्धि से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं और सरकार द्वारा उनके हित में लिए गए फैसलों से अवगत करा रहे हैं. साथ ही, मजदूरों से अपील की जा रही है कि वे अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौटकर काम शुरू करें और क्षेत्र में शांति व सौहार्द बनाए रखें, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न फैलने पाए.
Noida Protest : फर्जी वीडियो से माहौल बिगाड़ने की साजिश, पुलिस का सख्त एक्शन
नोएडा हिंसा मामले में दर्ज नई FIR के मुताबिक Gautam Buddh Nagar के साइबर थाने में सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक पोस्ट डालने के आरोप में केस दर्ज किया गया है. जांच में सामने आया कि आरोपी जितेन्द्र कुमार दौसा ने फेसबुक पर युवक की पिटाई का वीडियो पोस्ट कर उसे नोएडा का बताया, जबकि यह वीडियो Shahdol का निकला. वहीं X (Twitter) हैंडल @ItsKtyni ने सेक्टर-62 में आगजनी का दावा करते हुए फर्जी वीडियो शेयर किया, जो पूरी तरह गलत पाया गया. पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने भ्रामक नैरेटिव बनाकर लोगों को भड़काने की कोशिश की, जिससे जनता में डर और गुस्सा फैला और कई इलाकों में तनाव की स्थिति बन गई. फिलहाल आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
Noida Live News : लक्ष्मी रिमोट के बाहर मजदूरों का धरना
नोएडा फेस-2 में लक्ष्मी रिमोट कंपनी के बाहर सुबह मजदूरों ने धरना दिया. उनकी मांग थी कि सरकार द्वारा घोषित सैलरी बढ़ोतरी का नोटिस कंपनी गेट पर लगाया जाए, ताकि भरोसा बन सके. बाद में कंपनी ने नोटिस लगा दिया, जिसके बाद पुलिस और प्रबंधन के समझाने पर मजदूर काम पर लौट गए. हालांकि अभी शांति है और कोई धरना प्रदर्शन नहीं किया जा रहा है.
इससे पहले कर्मचारी सैलरी बढ़ाने और ओवरटाइम का भुगतान दोगुना करने की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी के बाहर एकत्र होकर विरोध जता रहे हैं. यह पूरा मामला दादरी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर तैनात है. कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन वृद्धि और ओवरटाइम भुगतान को लेकर मांग की जा रही थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें धरने का रास्ता अपनाना पड़ा. फिलहाल मौके पर स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन और यूनिवर्सिटी प्रबंधन के बीच बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है.
Noida Police Flag March : नोएडा में चल रहा फ्लैग मार्च और फुट पेट्रोलिंग
कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर में कानून एवं शांति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए आज पुलिस अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च और फुट पेट्रोलिंग की. इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया और निर्देश दिए गए कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, साथ ही पीसीआर और पीआरवी वाहनों को लगातार भ्रमणशील रखकर निगरानी बढ़ाई जाए. फ्लैग मार्च के जरिए आमजन में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाया गया और असामाजिक तत्वों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि शांति भंग या अफवाह फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी. थाना फेस-1 क्षेत्र में ASP Manisha Singh के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त रूप से फुट पेट्रोलिंग कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की. उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की, साथ ही चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
Wages News : न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम वृद्धि की घोषणा
नोएडा की फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के उग्र प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने श्रमिकों और कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. नोएडा में हालिया विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम वृद्धि की घोषणा कर दी है. यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी. साथ ही, मई 2026 में एक नया वेज बोर्ड गठित किया जाएगा, जो लंबे समय से लंबित आधारभूत न्यूनतम मजदूरी दरों का पुनर्निर्धारण करेगा. उधर डीएम मेधा रूपम ने भी सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा या एजेंसी के श्रमिकों द्वारा उपद्रव हुआ तो एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर लाइसेंस रद्द किया जाएगा. इस बीच बुधवार की सुबह एक बार फिर श्रमिक सड़कों पर उतरे. सेक्टर-63 छिजारसी गांव के पास महिला कामगार एकत्रित हुईं। मौके पर तैनात PAC और सुरक्षा बल ने भीड़ को खदेड़ा. सुबह से ही हाई अलर्ट पर है पुलिस.
यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति की सिफारिश पर लिया गया है. श्रम एवं रोजगार मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य औद्योगिक विकास के साथ-साथ मजदूरों के हितों की रक्षा करना है. उन्होंने पिछले नौ वर्षों में राज्य में मजदूर अशांति न होने का जिक्र करते हुए कहा कि नोएडा के प्रदर्शन को कुछ तत्वों द्वारा भड़काया गया था.
नई अंतरिम मजदूरी दरें (मासिक)
नोएडा/गाजियाबाद क्षेत्र में लगभग 21% बढ़ोतरी की गई है. इसके तहत अकुशल मजदूर की सैलरी 11,313 रुपए से बढ़कर 13,690 रुपए प्रति माह किया गया है. अर्धकुशल मजदूर को 12,445 रुपए से बढ़कर 15,059 रुपए और कुशल मजदूर को 13,940 रुपए से बढ़कर 16,868 रुपए किया गया है. इसी तरह अन्य नगर निगम/नगर पालिका क्षेत्र में अकुशल मजदूर को 13,006 रुपए अर्धकुशल को 14,306 रुपए और कुशल को 16,025 रुपए मिलेगा. शेष जिलों में अकुशल को 12,356 रुपए, अर्धकुशल को 13,591 रुपए और कुशल को 15,224 रुपए मिलेंगे. ये नई दरें महंगाई भत्ते (DA) सहित हैं. इससे पहले 2014 में अंतिम बार आधारभूत मजदूरी तय की गई थी, जिसके बाद केवल महंगाई भत्ता हर छह महीने में बढ़ाया जाता रहा.
12 साल बाद गठित होगा वेज बोर्ड
वेज बोर्ड का गठन 12 वर्षों के अंतराल के बाद हो रहा है. सामान्यतः इसे हर पांच वर्ष में बनाया जाना चाहिए. नया बोर्ड केंद्र सरकार द्वारा जारी फ्लोर वेज के बाद आधारभूत दरों का वैज्ञानिक तरीके से निर्धारण करेगा. इसमें आधारभूत मजदूरी और महंगाई भत्ता को अलग-अलग रखा जाएगा, जो पहले एक साथ होता था. सरकार ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर 20,000 रुपए मासिक न्यूनतम मजदूरी की अफवाहें पूरी तरह गलत हैं. अंतिम दरें वेज बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर ही तय होंगी.
बवाल के बाद एक्शन में सरकार
नोएडा फेज-2 में हजारों मजदूरों के प्रदर्शन के बाद सरकार ने यह त्वरित कदम उठाया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियोक्ताओं से अपील की है कि वे समय पर वेतन भुगतान करें, ओवरटाइम का उचित मुआवजा दें, साप्ताहिक छुट्टी, बोनस और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करें तथा महिला कर्मियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें. श्रम मंत्री ने मजदूरों से भी अपील की कि वे किसी की उकसावे में न आएं और कानपुर जैसे उदाहरण से सबक लें, जहां अशांति से उद्योग बंद हो गए थे. यह अंतरिम बढ़ोतरी नए श्रम संहिता के अनुरूप है और मजदूरों को तत्काल राहत प्रदान करेगी. वेज बोर्ड के गठन के बाद न्यूनतम मजदूरी में और बड़े बदलाव की उम्मीद है, जिससे राज्य के लाखों औद्योगिक और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को फायदा पहुंचेगा.
