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Delhi Law Prep Tutorial: दिल्ली एनसीआर के लॉ प्रेप ट्यूटोरियल की 4 ब्रांच हैं. 2002 में शुरू हुई कोचिंग से क्लैट में कई ऑल इंडिया रैंक टॉपर निकले हैं. इस कोचिंग के मेंटर्स आनंद शर्मा, प्रियम और एकलव्य हैं. आइये जानते हैं इस कोचिंग के बारे में.
नई दिल्ली: कभी दोस्ती में शुरू हुआ एक छोटा सा प्रयास आज सैकड़ों छात्रों के भविष्य को रोशन कर रहा है. साल 2002 में 3 दोस्तों ने मिलकर एक ऐसी लॉ कोचिंग की नींव रखी, जहां पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि जोश, जज़्बे और सही मार्गदर्शन के साथ कराई जाती है. यही वजह है कि यहां से एक के बाद एक टॉपर्स निकल रहे हैं. यह कोचिंग सेंटर सफलता की नई कहानी लिख रहा है. यहां बात हो रही है लॉ प्रेप ट्यूटोरियल की, जिसकी दिल्ली एनसीआर में एक नहीं, बल्कि 4 कोचिंग सेंटर हैं. लॉ प्रेप ट्यूटोरियल दिल्ली के मेंटर आनंद शर्मा, प्रियम और एकलव्य इन तीन दोस्तों ने आज पढ़ाई का पूरा स्तर ही बदल दिया है. डिजिटल पढ़ाई को भी अपनाते हुए लगातार एक के बाद एक इनके छात्र टॉपर्स लिस्ट में शामिल हो रहे हैं.
एक के बाद एक आ रहे हैं टॉपर्स
आनंद शर्मा ने बताया कि 2026 में आर्यन सिंह ऑल इंडिया रैंक-1, 2022 में ऋषभ और शिवानी ऑल इंडिया रैंक-1, 2023 में पियूष ऑल इंडिया रैंक-8, जिज्ञासा 2024 में ऑल इंडिया रैंक-9 और 2025 में अभिजय तिवारी ऑल इंडिया रैंक-9 जैसे सभी टॉपर्स बच्चे उनकी कोचिंग से निकले हैं. जब इस कोचिंग को उन्होंने शुरू किया था. तब नहीं सोचा था की दिल्ली एनसीआर जैसी जगह पर चार से ज्यादा ब्रांच हो पाएंगी और इतनी बड़ी संख्या में बच्चे उनकी कोचिंग सेंटर में होंगे, लेकिन यह सपना पूरा हुआ. क्योंकि उनके 2 दोस्त एकलव्य और प्रियम ने उनका पूरा साथ दिया.
वकील बनने के लिए बैकग्राउंड जरूरी नहीं
इस कोचिंग की दूसरी सदस्य प्रियम ने बताया कि ऐसा जरूरी नहीं है कि लॉ के क्षेत्र में या क्लैट एग्जाम पास करने के लिए आपके पास लॉ का बैकग्राउंड हो, तभी आप इसे क्रैक कर पाएंगे. कोई भी बच्चा जो वकील बनना चाहता है, जिसकी लॉ की पढ़ाई करने में दिलचस्पी है. वह कोचिंग सेंटर आ सकता है. उसका सही मार्गदर्शन कोचिंग सेंटर में किया जाता है. यह बात सच है कि अगर बैकग्राउंड वकील का है तो क्लैट एक्जाम क्रैक करना थोड़ा आसान हो जाता है. क्योंकि कई मायनों में बैकग्राउंड में जो सलाह मिलती है. वह भी मायने रखती है, लेकिन ऐसा नहीं है कि जिन बच्चों का बैकग्राउंड नहीं है. वो इस एग्जाम को नहीं क्रैक कर सकते.
टॉपर बनने के लिए रहें पॉजिटिव
इस कोचिंग के तीसरे सदस्य एकलव्य हैं, जो सोशल मीडिया पर काफी मशहूर रहते हैं. एकलव्य से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि जब कोचिंग सेंटर में पहली बार कोई भी बच्चा उनके पास आता है तो वह उसको यही कहते हैं कि वकील बनने के लिए या वकालत की पढ़ाई करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है. एक वकील की तरह सोचना. यानी टॉपर अगर बनना है तो टॉपर की तरह सोचना होगा. उसको सही मार्गदर्शन दिया जाता है और उसको सोशल मीडिया से दूर नहीं किया जाता है. जैसे बाकी कोचिंग सेंटर में कहा जाता है कि सोशल मीडिया से दूर हो जाइए. यहां पर ऐसा नहीं है. सोशल मीडिया का इस्तेमाल करें, लेकिन एक दायरे में. इसके अलावा कोविड-19 के बाद से जब से हालात बदले तब से डिजिटल पढ़ाई पर भी पूरा फोकस किया जा रहा है.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें
