गाजियाबाद में घर बनाना हुआ महंगा: GDA ने बढ़ाई विकास शुल्क की दरें, जानें अब कितना ढीला होगा आपका पॉकेट!

Ghaziabad News: अगर आप उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद शहर में अपना सपनों का घर बनाने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विकास शुल्क और अन्य संबंधित फीसों में करीब 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है. यह नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है. यानी अब नक्शा पास कराने से लेकर बिल्डिंग बनाने तक, हर कदम पर आपको पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे.

क्यों बढ़े दाम और कितना होगा असर?
GDA के उपाध्यक्ष ने कॉस्ट इंडेक्स के आधार पर इन नई दरों को मंजूरी दी है. अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती लागत और शहर के बुनियादी ढांचे के विकास को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. इस बढ़ोतरी का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो मध्यम या बड़े साइज के प्लॉट पर निर्माण कार्य शुरू करने जा रहे हैं. अनुमान के मुताबिक, यदि आप 300 वर्ग मीटर के प्लॉट का नक्शा पास करवाते हैं, तो आपको पहले की तुलना में लगभग 2 लाख रुपये तक अतिरिक्त देने पड़ सकते हैं. इसमें मैप अप्रूवल, विकास शुल्क और निरीक्षण शुल्क जैसी तमाम मदों को शामिल किया गया है.

अलग-अलग कॉलोनियों के लिए अलग रेट
गाजियाबाद के विभिन्न इलाकों में जमीन की लोकेशन और सुविधाओं के आधार पर विकास शुल्क तय किए गए हैं. नीचे दी गई टेबल से आप समझ सकते हैं कि किस इलाके में अब क्या रेट लागू होंगे:

इलाका / क्षेत्र नई दर (रुपये प्रति वर्ग मीटर)
शालीमार गार्डन और जुड़ी 13 योजनाएं ₹ 2266.90
रामप्रस्थ और रामपुरी क्षेत्र ₹ 1585.30
लोनी क्षेत्र ₹ 2314.65
सामान्य बाह्य विकास शुल्क ₹ 4319.40

(नोट: पहले सामान्य विकास शुल्क ₹ 4,150 था, जिसे बढ़ाकर अब ₹ 4,319 कर दिया गया है.)

मेट्रो और एलिवेटेड रोड का ‘एक्स्ट्रा’ चार्ज
GDA ने उन इलाकों पर अधिक बोझ डाला है जहां पहले से ही प्रीमियम सुविधाएं मौजूद हैं. यदि आपका घर मेट्रो रूट के पास, एलिवेटेड रोड या गंगाजल आपूर्ति वाले क्षेत्र में आता है, तो आपको अतिरिक्त शुल्क देना होगा.

मेट्रो स्टेशन शुल्क: मेरठ रोड के पश्चिमी क्षेत्र (जोन-1) के लिए ₹ 435.60 प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है.
एलिवेटेड रोड सेस: इसी क्षेत्र में ₹ 864.40 प्रति वर्ग मीटर का अतिरिक्त सेस लगेगा.
गंगाजल सुविधा: जिन क्षेत्रों में गंगाजल आता है, वहां ₹ 286.40 प्रति वर्ग मीटर का शुल्क देना होगा.

कमर्शियल और ग्रुप हाउसिंग की नई दरें
सिर्फ निजी घर ही नहीं, बल्कि कमर्शियल प्रॉपर्टी और फ्लैट्स बनाना भी अब महंगा हो गया है. GDA ने इनके लिए भी नई दरें निर्धारित की हैं:

कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, मॉल और सिनेमाहॉल: ₹31.10 प्रति वर्ग मीटर.
ग्रुप हाउसिंग: ₹15.55 प्रति वर्ग मीटर.
सामान्य आवासीय भूखंड: ₹5.20 प्रति वर्ग मीटर.
निरीक्षण शुल्क: अब नक्शा पास कराते समय ₹ 20.75 प्रति वर्ग मीटर की दर से निरीक्षण शुल्क भी देना होगा.

पर्यावरण सुरक्षा के लिए देनी होगी ‘सिक्योरिटी मनी’
नए नियमों के तहत अब पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है. नक्शा पास कराते समय आपको सोलर पैनल, पौधरोपण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी.

200 से 500 मीटर के प्लॉट पर: सोलर पैनल के लिए ₹ 20,000 की सिक्योरिटी.
5000 मीटर से बड़े प्लॉट पर: यह राशि ₹ 2 लाख तक जा सकती है.

यह सिक्योरिटी मनी निर्माण कार्य पूरा होने और नियमों के पालन की पुष्टि के बाद ही वापस की जाएगी. GDA के इस फैसले से गाजियाबाद के रियल एस्टेट मार्केट में हलचल तेज हो गई है. आम आदमी के लिए घर बनाने की लागत में 2 से 5 लाख रुपये तक का इजाफा तय माना जा रहा है. अगर आप भी निर्माण शुरू करने वाले हैं, तो एक बार अपने क्षेत्र के नए रेट्स की जानकारी जरूर जुटा लें.

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