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Terminal in a Garden: बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशन एयरपोर्ट देश का शायद पहला ऐसा एयरपोर्ट होगा, जिसके भीतर अपना बायोडायवर्सिटी पार्क है. इस बायोडायवर्सिटी पार्क में 3,200 से अधिक प्रजातियों के 7700 से अधिक पेड़-पौधे लगाए हैं. इनमें कई पेड़ ऐसे भी हैं, जो 600 से 700 साल पुराने हैं. बांस, स्थानीय ग्रेनाइट, उजागर ईंटों से तैयार किए गए इस क्षेत्र में पहुंचने के बाद आपको ऐसा लगेगा, जैसे आप किसी एयरपोर्ट पर नहीं, बल्कि किसी गार्डन में टहल रहे हैं. देखें, केम्पेगौड़ा इंटरनेशन एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 में तैयार किए गए बायोडायवर्सिटी पार्क की कुछ शानदार तस्वीरें…
केम्पेगौडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 को ‘टर्मिनल इन अ गार्डन’ थीम पर तैयार किया गया है. टर्मिनल में 10 मीटर ऊंची ग्रीन वॉल के साथ-साथ हैगिंग गार्डन भी तैयार किया गया है. इस गार्डन को तैयार करने में पूर तरह से स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.
बेंगलुरु एयरपोर्ट के टर्मिनल टू में तैयार किए गए गार्डन में 180 अधिक दुर्लभ, लुप्तप्राय और संकटग्रस्त प्रजातियों के पेड़-पौधों को लगाया गया है. यह गार्डन एयरपोर्ट को माइक्रोक्लाइमेट प्रदान करता है, जिसकी मदद से टर्मिनल के तापमान को कम रखने में मदद मिलती है.
करीब 10,235 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाए गए बायोडायवर्सिटी पार्क में आप ताड़ की 150 प्रजातियां, कमल की 96 प्रजातियां और 100 किस्म की लिली को देख सकते हैं. यहां पर कर्नाटक की स्थानीय वैराइटी के करीब 620 पौधे तलाए गए हैं.
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टर्मिनल टू में तैयार किए गए बायोडायवर्सिटी पार्क को बांस, स्थानीय ग्रेनाइट और उजागर ईंट जैसी प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल कर तैयार किया गया है. इस टर्मिनल का करीब 10,494 वर्गमीटर इलाका सूर्य की प्राकृतिक रोशनी से जगमगाता है.
टर्मिनल टू में तैयार किए गए बायोडायवर्सिटी पार्क से न केवल इनडोर वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा रहा है, बल्कि स्काई लाइटिंग के जरिए 24.9% ऊर्जा की बचत भी की जा रही है.
