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Noida Worker Protest Sit: बीते दिनों नोएडा और गुरुग्राम में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हुए श्रमिकों का प्रदर्शन काफी हिंसक हो गया था. अब ये लड़ाई की आवाज उत्तराखंड तक पहुंच चुकी है. हालांकि, नोएडा वर्कर प्रोटेस्ट की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है. अब ये सारी सच्चाई सामने लाएगी.
नोएडा वर्कर प्रोटेस्ट की जांच करेगी एसआईटी.
नोएडा: उत्तर प्रदेश में सैलरी बढ़ाने को लेकर किए गए हिंसक प्रदर्शन की जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी) करेगी. गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने 13 अप्रैल को हुए प्रदर्शन की जांच के लिए एसआईटी गठित की है. इसका नेतृत्व एडीसीपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं. गौरतलब है, प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़, आगजनी और हाईवे जाम जैसी वारदातों के कारण पुलिस ने कड़ा रवैया अपनाते हुए कईयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
जांच में सामने आया था कि प्रदर्शन को हिंसक बनाने में बाहरी तत्वों की भूमिका थी. इस मामले में अब तक 11 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. इनमें 2000 से अधिक अज्ञात के शामिल होने की बात कही गई है. मामले में मुख्य आरोपी आदित्य आनंद समेत 62 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
हर पहलू की जांच: अधिकारी
अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र ने कहा कि मामले के हर पहलू की जांच चल रही है. हिंसक प्रदर्शन के दौरान मिली जानकारी व तथ्यों का पता लगाया जा रहा है. चिह्नित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्वॉट, सीआरटी समेत छह टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. पुलिस जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है.
83 जगह हुए थे प्रदर्शन
बता दें, 13 अप्रैल को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 83 जगह पर प्रदर्शन हुए थे. इनमें 42 हजार से ज्यादा लोग शामिल थे. अब एसआईटी की टीम में 10 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हैं. एसआईटी दर्ज मामलों की जांच कर पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट सौंपेगी. पुलिस अधिकारियों का दावा है कि एसआईटी बनने से जांच में तेजी आएगी.
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि प्रदर्शन के दौरान सीसीटीवी कैमरों को निष्क्रिय करने के लिए महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया था. फुटेज में महिलाएं कैमरों पर कपड़ा डालती दिखाई दे रही हैं. पुलिस को एक ऑडियो और मैसेज भी मिला है जिसमें गोली चलाने की बात कही गई थी. ऐसी आशंका है कि आंदोलन की आड़ में नोएडा में औद्योगिक उत्पादन को पूरी तरह ठप करने की साजिश रची गई थी.
कल होगी सुनवाई
पुलिस ने मास्टरमाइंड आदित्य आनंद की सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी है. इस पर 24 अप्रैल को कोर्ट में सुनवाई होगी. वहीं आरोपी रूपेश राय की साथी मनीषा, आकृति और सृष्टि गुप्ता को भी पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ की जा रही है. प्रदर्शन में युवतियों की भूमिका समेत अन्य पहलुओं पर पुलिस ने पूछताछ की. युवतियों के आदित्य आनंद से संबंध पर भी पुलिस ने जानकारी जुटाई है. पूछताछ में कुछ अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं. यह भी पता चला है कि मजदूर बिगुल संगठन श्रमिकों को भड़काने के लिए अपने आनलाइन पोर्टल का भी इस्तेमाल करता था.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें
