IRS Daugher Murder Case Live: 'मेरा बेटा भोला है…' IRS की बेटी के कातिल का परिवार, मां ने भी खोले कई राज

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LIVE: ‘मेरा बेटा भोला है’, IRS की बेटी के कातिल का परिवार, मां ने भी खोले राज

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IRS Daugher Murder Case Live: दिल्ली में IRS अधिकारी की बेटी की हत्या के मामले में आरोपी राहुल मीणा के परिवार ने चौंकाने वाले दावे किए हैं. मां ने उसे भोला और अच्छे व्यवहार वाला बताया, जबकि बहन ने रेप के आरोपों को गलत बताया है. परिवार का कहना है कि ऑनलाइन गेमिंग के कारण उस पर कर्ज था जिसकी वजह से वह दबाव में था. वहीं पुलिस जांच में आरोपी पर गंभीर आरोप लगे हैं. अलवर और दिल्ली दोनों मामलों में जांच जारी है. इस केस में परिवार और पुलिस की कहानी अलग-अलग नजर आ रही है, जिससे मामला और जटिल हो गया है.

IRS अधिकारी की बेटी के मर्डर केस में आरोपी राहुल मीणा के परिवार ने किए बड़े दावे. (PTI)

IRS Daugher Murder Case Live: देश की राजधानी दिल्ली में सनसनी फैलानी वाली IRS की बेटी हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. एक तरफ इस घटना ने जहां पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. वहीं आरोपी राहुल मीणा के परिवार को उसका बेटा भोला लग रहा है. जहां एक तरफ पुलिस उसे क्रूर अपराधी मानकर जांच आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर उसका परिवार उसे भोला और शांत स्वभाव का लड़का बता रहा है. यह विरोधाभास सिर्फ एक केस की कहानी नहीं बल्कि उस सामाजिक सच्चाई की झलक है जहां अपराध के बाद भी परिवार अपने बेटे की छवि को बचाने की कोशिश करता है. सवाल उठता है कि क्या यह सच में एक मासूम लड़के की अचानक बिगड़ी कहानी है या फिर लंबे समय से छुपे संकेतों को नजरअंदाज किया गया? यही वह प्वाइंट है जहां यह केस सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं रह जाता बल्कि समाज और परिवार के नजरिए पर भी सवाल खड़े करता है.

राजस्थान के अलवर से लेकर दिल्ली तक फैले इस मामले में आरोपी राहुल मीणा के परिवार और रिश्तेदारों ने कई ऐसे दावे किए हैं जो पुलिस की कहानी से अलग तस्वीर पेश करते हैं. मां का कहना है कि उनका बेटा अच्छा व्यवहार रखने वाला था, जबकि बहन ने रेप के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. परिवार का यह रुख जांच को और जटिल बना देता है, क्योंकि एक ओर पुलिस के पास सबूत हैं, तो दूसरी ओर परिवार के पास अपने बेटे की छवि.

भोला बेटा या सीरियल अपराधी?

  • न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार राजस्थान के अलवर जिले में रहने वाले राहुल मीणा के परिवार ने उसे एक शांत, पढ़ाई में अच्छा और सामान्य व्यवहार वाला युवक बताया है. उसकी मां ने कहा कि वह आखिरी बार 21 अप्रैल की रात उससे बात कर पाई थीं, जब वह एक शादी में जाने की बात कहकर निकला था. इसके बाद अगले दिन पुलिस ने उन्हें घटना की जानकारी दी. परिवार का कहना है कि उन्हें उसके किसी भी आपराधिक गतिविधि की जानकारी नहीं थी.
  • राहुल के चाचा और गांव के लोगों ने भी उसकी छवि को ‘अच्छा’ बताया. उन्होंने कहा कि उसने 2023 में ग्रेजुएशन फर्स्ट डिवीजन से पास किया था और पढ़ाई में भी ठीक था. हालांकि गांव के कुछ लोगों ने यह भी माना कि पढ़ाई के बाद उसमें ऑनलाइन गेमिंग की लत लग गई थी जो धीरे-धीरे उसकी जिंदगी पर हावी हो गई.

कैसे की थी राहुल मीणा ने हत्या?

गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2026 की सुबह जब युवती के माता-पिता जिम गए हुए थे, आरोपी घर में घुसा और उस पर पहले टेबल लैंप से हमला किया. फिर रेप करने के बाद मोबाइल चार्जर की केबल से युवती का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक युवती IIT दिल्ली से पढ़ाई कर रही और UPSC की तैयारी में जुटी थी. वारदात के बाद आरोपी ने बायोमेट्रिक लॉकर खोलने के लिए मृतका की उंगलियों के निशान का इस्तेमाल करने की कोशिश की लेकिन असफल रहा. इसके बाद वह घर से नकदी और जेवरात लेकर फरार हो गया. पुलिस ने बाद में उसे द्वारका के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया.

ऑनलाइन गेमिंग, कर्ज और अपराध का एंगल

राहुल की बहन ने दावा किया कि अलवर में लगे रेप के आरोप पूरी तरह गलत हैं और इसके पीछे पैसों का विवाद हो सकता है. उसके मुताबिक ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान राहुल पर करीब 5 लाख रुपए का कर्ज हो गया था जबकि दूसरे पक्ष पर भी हजारों रुपए का दबाव था. इसी वजह से वह पैसे वसूलने के लिए दिल्ली पहुंचा था. उसने यह भी बताया कि राहुल ने अपना मोबाइल तक गिरवी रख दिया था.

परिवार आरोपी को ‘भोला’ क्यों बता रहा है?

अक्सर ऐसे मामलों में परिवार अपने सदस्य को बचाने की कोशिश करता है, खासकर तब जब आरोप बेहद गंभीर हों. परिवार का कहना है कि उन्हें उसके किसी अपराध की जानकारी नहीं थी और वह सामान्य जीवन जी रहा था. यह भावनात्मक प्रतिक्रिया भी हो सकती है, जहां परिवार सच्चाई को स्वीकार करने में समय लेता है.

क्या ऑनलाइन गेमिंग इस केस में अहम कारण है?

प्राथमिक जांच और परिवार के दावों के अनुसार ऑनलाइन गेमिंग और उससे जुड़ा कर्ज एक बड़ा कारण हो सकता है. कर्ज का दबाव और पैसे की जरूरत कई बार व्यक्ति को गलत रास्ते पर ले जा सकती है, लेकिन यह पूरी तरह से जांच का विषय है.

पुलिस और परिवार की कहानी में इतना अंतर क्यों है?

पुलिस सबूतों और घटनाओं के आधार पर जांच करती है जबकि परिवार अपने व्यक्तिगत अनुभव और रिश्तों के आधार पर बात करता है. इसी वजह से दोनों पक्षों की कहानी अलग-अलग नजर आती है. अंतिम सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी.

जांच जारी, सच का इंतजार

फिलहाल दिल्ली पुलिस की कस्टडी में आरोपी से पूछताछ जारी है और अलवर व दिल्ली दोनों जगहों पर केस की जांच आगे बढ़ रही है. पुलिस सबूत जुटाने और घटनाक्रम को जोड़ने में लगी है. आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि परिवार के दावे कितने सही हैं और आरोपी की असल कहानी क्या है.

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Sumit KumarSenior Sub Editor

सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें

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