Last Updated:
बिहार के बेगूसराय के मसनदपुर गांव के रहने वाले स्वर्गीय जयशंकर सिंह और मीना देवी के पुत्र कन्हैया कुमार ने जेएनयू में पढ़ाई के दौरान चर्चा में आए. साल 2019 में बेगूसराय संसदीय क्षेत्र से चुनावी मैदान में आए लेकिन हार का सामना करना पड़ा. आज राजनीति की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले कन्हैया कुमार के बारे में आइए जानते हैं .
कन्हैया कुमार आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. इनकी भाषण शैली की वजह से काफ़ी लोग प्रभावित होते हैं. हालांकि कन्हैया के गांव के दोस्तों ने बताया कि उन्होंने बचपन में कभी स्कूल के कार्यक्रमों में भाषण नहीं दिया था.
कन्हैया ने जब से राजनीति में कदम रखा है, तब से राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले लोग और देश-विदेश की मीडिया इनके गांव पहुंचने लगे. कन्हैया कुमार ने राजकीयकृत उच्च विद्यालय मसनदपुर से पढ़ाई की है. इस स्कूल को भी देखने के लिए लोग पहुंचते हैं. अब तो स्कूल का भी कायाकल्प हो गया है.
कन्हैया कुमार की मां मीना देवी बिहट के वार्ड संख्या-12 में आंगनबाड़ी केंद्र चलाती हैं. इस कार्य से मिलने वाले 10 हजार तक की आमदनी से कन्हैया को जेएनयू में पढ़ाया. लेकिन, आज तक खुद का घर नहीं बना पाए. ग्रामीणों ने बताया कि कन्हैया कुमार की मां चाचा के घर में रहती है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
मीना देवी जिस आंगनबाड़ी केंद्र को चलती है, वहां पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक बताते हैं कि सरकार से मिलने वाली सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है. पढ़ाई भी घर-घर जाकर भी करवाती हैं. महिला होकर भी शिक्षा का महत्व समझती है और बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं.
बेशक कन्हैया कुमार आज आलीशान बंगले में रहते होगें, पार्टी से भी मदद मिल रही होगी. लेकिन, जब भी अपने गांव आते हैं तो पुराने घर में जाकर रहना पसंद करते हैं. यह घर अब भी खपरैल का ही है.
बेगूसराय जिला के बिहट स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय मसनदपुर में कन्हैया कुमार को पढ़ाने वाली क्लास टीचर सह एचएम कृष्णा देवी ने बताया कि पढ़ाई में अच्छे थे. कन्हैया वर्ग चतुर्थ में क्लास मॉनिटर भी रह चुका है.
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे कन्हैया कुमार कांग्रेस के सिंबल पर नॉर्थ ईस्ट दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. इससे पहले बिहार के बेगूसराय जिले के लोकसभा सीट पर वर्ष 2019 में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से करीब 4 लाख मतों से हार चुके हैं
