धोखे पर बनी ये 6 बेहतरीन फिल्में, रिलीज होते ही सिनेमाघरों में उमड़ पड़ी थी भीड़, एक जैसी थी 2 की कहानी

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सिनेमा की दुनिया में ‘धोखा’ एक ऐसा इमोशन है, जिससे हर दर्शक जुड़ सकता है. जब कोई अपना हीरो को धोखा देता है या उसके परिवार को बर्बाद कर देता है, तो स्क्रीन पर बदला दर्शकों को सुकून देता है. बॉलीवुड की 6 ऐसी फिल्में रही हैं जिन्होंने इस फॉर्मूले का शानदार इस्तेमाल किया है. दिलचस्प बात यह है कि इन दो सबसे बड़ी हिट फिल्मों ‘बाजीगर’ और ‘सोल्जर’ की कहानियों में इतनी समानताएं थीं कि उन्हें एक ही सिक्के के दो पहलू माना जा सकता है. आज हम उन 6 फिल्मों का एनालिसिस करेंगे, जिन्होंने धोखे की नींव पर अपनी सफलता बनाई.

नई दिल्ली. 90 का दशक बॉलीवुड में एक्शन-थ्रिलर का गोल्डन एज ​​माना जाता है. इस दौरान, ऐसी फिल्में बनीं जिनमें हीरो का मकसद सिर्फ प्यार पाना नहीं था, बल्कि उस धोखे का हिसाब चुकाना था, जिसने उसके अतीत को बर्बाद कर दिया था. आज हम आपको 6 ऐसी ही फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो विश्वासघात पर बेस्ड थीं और रिलीज होते ही इनका जलवा सिनेमाघरों में देखने को मिला था, जहां लोगों की भीड़ लगी रहती थी. इनमें से कुछ फिल्में बॉक्स ऑफिस ब्लॉकबस्टर तो कुछ सुपरहिट साबित हुई थीं.

बाजीगर (1993) और सोल्जर (1998): ‘बाजीगर’ और ‘सोल्जर’ को करीब से देखने पर काफी समानताएं दिखती हैं. दोनों फिल्मों में हीरो (शाहरुख खान और बॉबी देओल) के पिता को उसके ही भरोसेमंद साथी (मदन चोपड़ा और प्रताप सिंह) धोखा देते हैं. पिता पर चोरी या गबन का झूठा आरोप लगता है, जिससे परिवार सड़कों पर आ जाता है.

दोनों फिल्मों में हीरो दुश्मन के साम्राज्य को अंदर से कमजोर करने के लिए विलेन की बेटी के करीब आने के लिए अपनी पहचान छिपाता है. ‘बाजीगर’ ने शाहरुख खान को एक एंटी-हीरो के तौर पर स्थापित किया, जबकि ‘सोल्जर’ ने बॉबी देओल को एक मास एक्शन स्टार बनाया. दोनों फिल्में अपने समय की कल्ट क्लासिक्स और म्यूजिकल हिट साबित हुईं.

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मोहरा (1994): इस फिल्म में धोखे का लेवल थोड़ा अलग था. यहां हीरो (सुनील शेट्टी) को एक फेक ब्लाइंड मैन (नसीरुद्दीन शाह) ने मोहरे की तरह इस्तेमाल किया है. हीरो को लगता है कि वह न्याय के लिए लड़ रहा है, लेकिन असल में वह एक क्रिमिनल के इशारे पर नाच रहा है. अक्षय कुमार की मौजूदगी और ‘तू चीज बड़ी है मस्त मस्त’ जैसे गानों ने धोखे की इस कहानी को ब्लॉकबस्टर बना दिया था.

अजनबी (2001): अक्षय कुमार ने इस फिल्म में धोखेबाज विलेन का रोल करके सबको हैरान कर दिया था. दो कपल्स के बीच वाइफ स्वैपिंग और धोखे की यह कहानी अपने समय के हिसाब से काफी बोल्ड और सस्पेंस से भरपूर थी. अक्षय कुमार की लाइन ‘सब कुछ प्लान के मुताबिक हो रहा है,’ आज भी मशहूर है. इस फिल्म ने दिखाया कि कैसे दोस्त के भेष में कोई आपको बर्बाद कर सकता है.

रेस (2008): धोखे पर बनी फिल्मों की बात ‘रेस’ का जिक्र किए बिना नहीं हो सकती. अब्बास-मस्तान की इस फिल्म में हर किरदार दूसरे को धोखा दे रहा था. सैफ अली खान और अक्षय खन्ना के बीच की दोस्ती असल में धोखे की गहरी खाई थी. इस फिल्म ने बॉलीवुड में ट्विस्ट और टर्न्स के लिए एक नया स्टैंडर्ड सेट किया.

गुप्त (1997): यह फिल्म धोखे का सबसे बड़ा उदाहरण है, क्योंकि कातिल कोई ऐसा निकलता है जिस पर किसी को शक नहीं होता. बॉबी देओल को अपने ही पिता की हत्या के झूठे आरोप में फंसाया जाता है. फिल्म के आखिर में काजोल का ‘धोखेबाज’ और ‘पागल प्रेमी’ के रूप में खुलासा उस दौर में बॉलीवुड के इतिहास के सबसे बड़े क्लाइमैक्स ट्विस्ट में से एक माना गया था.

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