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भजनलाल शर्मा के काम करने की शैली ही उनका सबसे मजबूत पक्ष है और उसी का उन्हें सबसे ज्यादा फायदा मिला. प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और लगातार विपक्ष में रहते हुए पार्टी ने पूरे 5 साल लगातार आंदोलन और कार्यक्रम किए जिसमें भजनलाल शर्मा ने बढ़कर हिस्सा लिया.
अंकित राजपूत/जयपुर. वर्तमान में राजस्थान की राजनीति को लेकर एक शेर राजस्थान की राजनीति पर बिल्कुल फिट बैठता है जो राहत इंदौरी ने लिखा था. उन्होंने एक बार राजनीतिक कटाक्ष करते हुए कहा था ‘जुगुनूओं ने फिर से अंधेरे से लड़ाई जीत ली, चांद तारे घर के रोशनदान में रखे रह गए’ यह शायरी राजस्थान के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर फिट बैठती है. जो जूगनू बनकर पूरे राजस्थान के फलक पर छा गए. भजनलाल शर्मा राजस्थान के 14वें मुख्यमंत्री के तौर पर 15 दिसंबर को सुबह 11 बजे जयपुर के अल्बर्ट हॉल के बाहर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल सहित बड़े-बड़े नेताओं का जमावड़ा लगेगा. भजनलाल शर्मा के साथ ही दो नव नियुक्त उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और डॉ. प्रेमचंद बैरवा भी शपथ लेंगे.
भजनलाल शर्मा के नाम की चर्चा कभी किसी ने मुख्यमंत्री की रेस में नहीं सुनी, लेकिन जैसे ही उनका नाम बाहर आया तो राजनीति गलियारों में हलचल मच गई और इस खबर ने सबको चौका दिया. लेकिन इसके अलावा पार्टी आलाकमान ने महिनों पहले ही अपना कप्तान चुन लिया था और सबकुछ सामान्य रूप से चलता रहा था.
पार्टी के निर्देशानुसार पर किया काम
आपको बता दें भजनलाल पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता के साथ-साथ आलाकमान बहुत करीबी हो गए. और किसी को इसकी भनक नहीं लगी. भजनलाल शर्मा ने राजस्थान प्रदेश के तीन दिग्गज प्रदेश अध्यक्ष और संगठन मंत्री जिनमें अशोक परनामी, मदन लाल सैनी और सतीश पूनियां और प्रदेश संगठन मंत्री चंद्रशेखर से राजनीतिक और पार्टी के कार्यों को ठीक से सिखा और धीरे-धीरे आलाकमान से नजदीकी बढ़ते चले गये. प्रदेश के बड़े नेता हो या दिल्ली के भजनलाल शर्मा ने सबसे कनेक्शन बना के रखा और लगातार पार्टी के निर्देशानुसार काम में जुटे रहे.
आलाकमान के साथ बिताया समय
भजनलाल शर्मा के काम करने की शैली ही उनका सबसे मजबूत पक्ष है और उसी का उन्हें सबसे ज्यादा फायदा मिला. प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और लगातार विपक्ष में रहते हुए पार्टी ने पूरे 5 साल लगातार आंदोलन और कार्यक्रम किए जिसमें भजनलाल शर्मा ने बढ़कर हिस्सा लिया. अब आपको भजनलाल से आलाकमान की नजदीकियों के बारे बताते हैं कि प्रदेश भाजपा में भजन लाल शर्मा प्रदेश मंत्री थे और प्रदेश मंत्री का काम पार्टी के निर्देशानुसार काम करना होता हैं. प्रदेश में जितनी बार दिल्ली से आए नरेंद्र मोदी हो या जेपी नड्डा या फिर अमित शाह और प्रदेश प्रभारी अरूण सिंह एयरपोर्ट पर हमेशा उन्हें लाने लेजाने की जिम्मेदारी भजनलाल शर्मा को मिली और उसी दौरान भजनलाल आलाकमान के नजदीक होते चले गये.
