हैदराबाद से चंडीगढ़ की फ्लाइट में पावर बैंक से ऐसे लगी होगी आग, डीयू के फिजिक्स प्रोफेसर ने बताई वजह

होमताजा खबरDelhi

इंडिगो फ्लाइट में पावर बैंक से ऐसे लगी होगी आग, डीयू प्रोफेसर ने बताई वजह

Last Updated:

दिल्ली विश्वविद्यालय के फिजिक्स डिपार्टमेंट के वरिष्ठ प्रोफेसर अशोक कुमार ने बताया कि अगर फ्लाइट और ट्रेन में आग बुझाने वाले यंत्र जरूर होने चाहिए. उन्होंने कहा कि लोगों को कम बैटरी क्षमता वाले पावर बैंक लेकर चलना चाहिए. ज्यादा बैटरी क्षमता वाले पावर बैंक विस्फोट की स्थिति में ज्यादा घातक हो सकते हैं. दरअसल, फ्लाइट के अंदर टेक ऑफ और लैंडिंग के वक्त….

ख़बरें फटाफट

नई दिल्ली/अंजलि सिंह राजपूत: फ्लाइट से सफर करते समय अक्सर लोग लैपटॉप, मोबाइल और पावर बैंक लेकर जाते हैं. यही पावर बैंक या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं. इनसे होने वाले हादसे का अंदाजा हैदराबाद से चंडीगढ़ जा रही इंडिगो फ्लाइट की घटना लगा सकते हैं. इंडिगो फ्लाइट से सफर कर रहे एक यात्री के बैग के अंदर रखे पावर बैंक में आग लग गई. इससे हड़कंप मच गया.  यह घटना विमान के लैंडिंग के बाद हुई थी जिसमें सभी यात्रियों को सुरक्षित इसके अंदर से निकाल लिया गया. अब लोगों के मन में इस घटना से जुड़े तमाम तरह के सवाल आ रहे हैं. पावर बैंक या फिर किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स में फ्लाइट में आग लगने के क्या कारण होते हैं और इस पूरी घटना के पीछे क्या वजह रही होगी. इन सवालों का जवाब जानने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के फिजिक्स डिपार्टमेंट के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार से बात की गई. चलिए आपको भी बताते हैं कि प्रोफेसर अशोक ने इस बारे में क्या कुछ जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि जब भी हम बैटरी को अपने साथ लेकर के जाएं तो यह जरूर देखें कि बैटरी कितने किलोवाट की है. बैटरी के ऊपर यह लिखा होता है कि वह कितने किलोवाट की है. अगर 100 से ज्यादा किलोवाट की है तो हमें एयरलाइन से आज्ञा लेनी पड़ती है. तब उस बैटरी को ले जाने के लिए जरूरी है कि बैटरी के ऊपर लेबल लगा हो और उसकी पूरी मैन्युफैक्चरिंग लिखी हो. दिल्ली विश्वविद्यालय के फिजिक्स डिपार्टमेंट के वरिष्ठ प्रोफेसर अशोक कुमार ने बताया कि आप फ्लाइट या ट्रेन किसी से भी सफर करें लेकिन, बैटरी वाला कोई गैजेट है तो यह जरूर चेक करें कि कहीं बैटरी डैमेज तो नहीं है. कहीं बैटरी फूली हुई तो नहीं है. ये सारी स्थिति चेक करें. इस तरह की बैटरी में ब्लास्ट यानी धमाका होने की आशंका ज्यादा रहती है.

इसके अलावा उन्होंने फ्लाइट में बैटरी के फटने का कारण बताते हुए कहा कि बैटरी के अंदर खतरनाक पदार्थ होते हैं. उन्होंने बताया कि पावर बैंक में अधिकतर लिथियम-आयन बैटरी होती है. जब हम उस बैटरी को लेकर के जा रहे हैं तो बैटरी फ्लाइट के अंदर आंखों के सामने होना चाहिए. इसे किसी बैग या सूटकेस के अंदर दबाकर नहीं रखना चाहिए. ऐसी बैटरी का इस्तेमाल फ्लाइट या किसी भी यात्रा के दौरान कम नहीं करना चाहिए. सबसे महत्वपूर्ण यह है कि प्लेन यानी फ्लाइट के अंदर किसी भी बैटरी को चार्ज करने से बचना चाहिए. किसी डिवाइस को चार्ज करने की कोशिश ना करें.

घटना के पीछे हो सकती है यह वजह
दिल्ली विश्वविद्यालय के फिजिक्स डिपार्टमेंट के वरिष्ठ प्रोफेसर अशोक कुमार ने बताया कि हर बैटरी का इनपुट वोल्टेज अलग-अलग होता है. हो सकता है की फ्लाइट के अंदर उस इनपुट वोल्टेज के अंदर कोई चिंगारी आ गई हो या बैटरी में शॉर्ट सर्किट हुआ हो तो यह कुछ कारण होते हैं जिस वजह से बैटरी फट सकती है. उन्होंने बताया कि बैटरी के अंदर जैसे ही शॉर्ट सर्किट होता है या बैटरी पुरानी कंडीशन में है तो जब बैटरी पूरी तरह से अंदर से गर्म हो जाती है और उसको हवा या वेंटिलेशन नहीं मिलता तब बैटरी का तापमान और बढ़ जाता है. इससे अंदर और भी ज्यादा गर्मी बनने लग जाती है. तब वही गर्मी बहुत तेजी से बैटरी को ट्रिगर करती है. इससे ब्लास्ट या धमाके जैसी स्थिति बन जाती है. धमाका कितना बड़ा होगा यह बैटरी के आकार के ऊपर निर्भर करता है. ब्लास्ट होने पर टॉक्सिक हवा बनेगी जो लोगों के ऑक्सीजन को ब्लॉक कर सकती है. इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है.

पॉवर बैंक या बैटरी ले जाते समय इन बातों का रखें ख्याल
दिल्ली विश्वविद्यालय के फिजिक्स डिपार्टमेंट के वरिष्ठ प्रोफेसर अशोक कुमार ने बताया कि अगर फ्लाइट और ट्रेन में आग बुझाने वाले यंत्र जरूर होने चाहिए. उन्होंने कहा कि लोगों को कम बैटरी क्षमता वाले पावर बैंक लेकर चलना चाहिए. ज्यादा बैटरी क्षमता वाले पावर बैंक विस्फोट की स्थिति में ज्यादा घातक हो सकते हैं. दरअसल, फ्लाइट के अंदर टेक ऑफ और लैंडिंग के वक्त प्रेशर बनता है. यही वजह है कि बैटरी अगर पहले से कमजोर है या ज्यादा पावर की है तो वह प्रेशर से फट जाती है. इंडिगो के मामले में उन्होंने बताया कि प्रेशर की वजह से ही पावर बैंक फटा. बैटरी किसी बैग या सूटकेस में रखी थी. प्रेशर बनने से वहीं फट गई और इससे आग लग गई.

इस पूरे मामले में जांच के दौरान यह देखने वाला होगा कि बैटरी की जो स्थिति थी वह कैसी थी. यहां पर यह भी देखने वाला होता है जांच के वक्त की बैटरी कितने लंबे वक्त से इस्तेमाल हो रही थी या बैटरी कितने साल पुरानी थी. बैटरी जितनी ज्यादा पुरानी होगी फूली हुई होगी या डैमेज होगी उसके उतने ही ज्यादा फटने की चांसेस हो जाते हैं. यह मामला पहला नहीं है. इससे पहले भी हमने देखा है कई बार लैपटॉप या मोबाइल फटने के मामले सामने आ चुके हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसे में बहुत जरूरी है कि अगर आप बैटरी को अपने साथ फ्लाइट या कहीं पर भी यात्रा के दौरान लेकर जा रहे हैं तो आप उसे रख कहां कर रहे हैं यह जरूरी बात है. बैटरी को आंखों के सामने रखें. बैटरी किसी सूटकेस में, बैग में और कपड़ों के बीच नहीं रखना चाहिए. फ्लाइट में सफर के दौरान 100 या फिर 120 वाट से ज्यादा क्षमता की बैटरी इस्तेमाल न करें.

About the Author

Rajneesh Singh

जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *