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इस सीट से टीवी स्टार प्रचारक के रूप में तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम रहे शेलेश लोढा ने भाजपा प्रत्याशी अतुल भंसाली के पक्ष में शहर विधानसभा क्षेत्र में जगह-जगह घूमकर जनसंपर्क किया था.
कृष्णा कुमार गौड़ जोधपुर. राजस्थान में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के साथ ही बात जोधपुर की शहर विधानसभा सीट की बात करें तो यह सीट इसलिए भी चर्चाओं में रही क्योकि इस सीट से टीवी स्टार प्रचारक के रूप में तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम रहे शेलेश लोढा ने भाजपा प्रत्याशी अतुल भंसाली के पक्ष में शहर विधानसभा क्षेत्र में जगह-जगह घूमकर जनसंपर्क किया था जिसका यह माना जा रहा है कि सीधा लाभ अतुल भंसाली को आज मिला. वही, जोधपुर के सांसद और केन्द्रीय जल शक्तिमंत्री गहजेन्द्र शेखावत भी अतुल भंसाली के लिए चुनाव प्रचार के लिए लगातार सक्रिय रहे थे. भाजपा प्रत्याशी अतुल भंसाली ने 13524 वोटो से जीत दर्ज की है. वहीं अतुल भंसाली को 71192 वोट मिले व कांग्रेस प्रत्याशी मनीषा पवार को मिले 57667 वोट पड़े.
राजस्थान की राजनीति का गढ कहे जाने वाले जोधपुर की बात करें तो जोधपुर की शहर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्यााशी अतुल भंसाली ने कांग्रेस की प्रत्याशी मनीषा पंवार को मात देते हुए जीत हासिल की है. हालांकि, 2018 के विधानसभा चुनाव के परिणामों की बात करें तो अतुल भंसाली को मनीषा पंवार के सामने 5 हजार 849 वोटो के फर्क से हार का मुहं देखने को मिला था मगर इस बार जिस तरह से कहा जा सकता है कि अतुल भंसाली पांच साल तक जनता के सुख दुख में शामिल रहकर काम किया है.
जनता की सेवा का लिया था संकल्प
अतुल भंसाली जो कि इसी विधानसभा सीट से विधायक रह चुके कैलाश भंसाली के भतीजे है। कैलाश भंसाली से प्रेरणा लेने के बाद अतुल भंसाली भी जनता की सेवा करने के उद्देश्य से लागातर राजनीति में सक्रिय थे। इसके चलते पहले जब उनको टिकट मिला तो अपने चाचा कैलाश भंसाली की जगह उन्होने चुनाव लडा मगर जीत नही पाए वही वर्ष 2023 की बात करे तो भंसाली ने अच्छे वोटो से जीत हासिल करते हुए यह साफ कर दिया कि अपने चाचा पूर्व विधायक कैलाश भंसाली से मिली प्रेरणा के आधार पर ही जनता के बीच रहकर पांच साल काम किया जिसके चलते जनता ने उनको अपने क्षेत्र का विधायक चुनकर विधानसभा में आखिरकार भेज ही दिया.
लगातार बनाई बढ़त
भारतीय जनता पार्टी में लगातार सक्रिय रहने वाले अतुल भंसाली ने इतने वोटो से जीत हासिल कर कांग्रेस की प्रत्याशी मनीषा पंवार को हराने में कामयाबी हासिल की. हालांकि, मनीषा पंवार लगातार बढ़त में रहने से यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि मनीषा पंवार एक बार फिर जीत जाएंगे मगर बाद में अतुल भंसाली इस तरह बढ़त बनाई कि बढ़त बनाते ही रहे और जीत हासिल की. अतुल भंसाली पेशे से सीए है ऐसे में जिंदगी की गणित के साथ-साथ राजनीति की गणति को भी काफी अच्छे से समझते है.
