‘मैं उदयनिधि को चुनौती देता हूं, अपनी मां को मंदिर जाने से रोक कर दिखाएं’, सनातन धर्म विवाद पर बोले भाजपा के अन्नामलाई

रिपोर्ट- पूर्णिमा मुरली

चेन्नई. तमिलनाडु में भाजपा प्रमुख के. अन्नामलाई ने रविवार को सनातन धर्म को ‘जड़ से उखाड़ने’ संबंधी विवादास्पद बयान के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के बेटे पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मैं उदयनिधि स्टालिन को चुनौती देता हूं कि वह अपनी मां को मंदिर जाने से रोक कर दिखाएं.’

बयान को बचकाना और नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए, अन्नामलाई ने कहा कि जूनियर अपने पिता और दादा की वजह से मिले पद का मजा ले रहे हैं. सनातन धर्म वक्त से परे और शाश्वत है. भाजपा राज्य प्रमुख ने सवाल किया कि, मुगल, ईस्ट इंडिया कंपनी और यहां तक कि इसाई मिशनरी जब उसे छू तक नहीं सकी, तो वह कौन होते हैं उसे जड़ से उखाड़ने वाले.

सम्मेलन पर साधा निशाना
भाजपा के आक्रामक नेता ने चेन्नई में तमिलनाडु राइटर्स आर्टिस्ट एसोसिएशन द्वारा आयोजित सम्मेलन पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी बैठक पिछले साल भी हुई थी जिसे सनातन धर्म विरोध सम्मेलन कहा गया था. इस साल ये लोग और ताकतवर हो गए हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि वह सत्ता में हैं. मंदिर प्रशासन मंत्री भी मंच पर मौजूद थे, इसका मतलब हुआ कि उन्हें मंदिर और लोगों की धार्मिक प्रथाओं को खत्म करना है. यह उनकी हिंदू विरोधी मानसिकता को दर्शाता है. मैं उदयनिधि को चुनौती देता हूं कि वह अपनी मां को मंदिर जाने से रोक कर बताएं.

गीदड़ भभकियां दे रहे हैं उदयनिधि
अन्नामलाई ने आगे कहा कि उदयनिधि राहुल गांधी की तरह गीदड़ भभकियां दे रहे हैं. क्योंकि उनकी सरकार है इसलिए पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी. लेकिन हम सभी राज्यों से डीएमके के साफ होने का इंतजार कर रहे हैं. आज की पीढ़ी इसे बिल्कुल स्वीकार नहीं करेगी, जनता अब डीएमके को खारिज करने जा रही है.

‘सनातन सबको एक साथ लाता है’
यह पूछे जाने पर कि क्या इस बयान का 2024 के लोकसभा चुनावों पर असर पड़ेगा. भाजपा नेता ने कहा कि लोग ऐसी भाषा को स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, ‘सनातन सबको एक साथ लाता है; यही इसकी खूबसूरती है. DMK पूरी तरह से हिंदू विरोधी और तुष्टिकरण आधारित पार्टी है. इस बयान पर पूरे भारत ने प्रतिक्रिया दी है. देश और तमिलनाडु के लोग अब आने वाले चुनावों में डीएमके को स्वीकार नहीं करने वाले हैं.’

उदयनिधि ने सफाई में क्या कहा?
इस बीच, अपने बयान पर उठे विवाद के बीच  स्थिति साफ करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि उन्होंने कभी भी नरसंहार शब्द का इस्तेमाल नहीं किया. सीएनएन-न्यूज़18 से विशेष रूप से बात करते हुए, तमिलनाडु के मंत्री ने कहा, ‘मैंने जो कहा, मैं उस पर कायम हूं. मैंने कभी नरसंहार शब्द का इस्तेमाल नहीं किया. मैं कानूनी तौर पर इसका सामना करने के लिए तैयार हूं.’

उदयनिधि ने कहा, भाजपा डरी हुई है
इससे पहले, अपने बयान पर विवाद बढ़ने पर स्टालिन जूनियर ने भाजपा पर उनके बयान को ‘तोड़ने-मरोड़ने’ और फर्जी खबर फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘वे मेरे खिलाफ जो भी मामले दायर करेंगे, मैं उनका सामना करने के लिए तैयार हूं. भाजपा INDIA गठबंधन से डरी हुई है और उसी को भटकाने के लिए ये सब कह रही है. द्रमुक की नीति एक कुटुंब, एक भगवान की है.’

उन्होंने कहा, ‘जब प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं, कांग्रेस मुक्त भारत, तो इसका मतलब क्या कांग्रेसियों को मार दिया जाए होना चाहिए? सनातन क्या है? सनातन का अर्थ होता है कि कुछ भी बदला नहीं जाना चाहिए और सभी स्थायी है. लेकिन द्रविड़ आदर्श बदलाव की बात करता है और सभी को समान मानने की  बात करता है. भाजपा मेरे बयान को तोड़ मरोड़कर पेश कर रही है. यह उनका हमेशा का काम है.’

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