पीएम मोदी को क्यों लगता कि वह अगले साल लाल किले पर वापस आएंगे, कहां से आया यह आत्मविश्वास! जानें 5 कारण

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पीएम मोदी को क्यों लगता है कि वह अगले साल लाल किले पर वापस आएंगे, जानें 5 कारण

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The 2024 Confidence: प्रधानमंत्री मोदी जनता की इस खास भावना को भी समझ रहे हैं कि वह फिर से एक स्थिर और पूर्ण बहुमत सरकार की उम्मीद लगा रही है ना कि कोई “खिचड़ी सरकार” जैसा I.N.D.I.A. गठबंधन ने दावा किया है. एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री ने News18 को बताया कि पीएम का दृढ़ विश्वास है कि देश अस्थिर गठबंधन सरकारों या राजनीतिक राजवंशों के चुनाव की परंपरागत सोच से आगे बढ़ चुका है. अब लोग चाहते हैं कि जीतने वाली पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिले ताकि बड़े सुधार किए जा सकें.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2024 में फिर आने के आत्मविश्वास की 5 वजहें.

नई दिल्ली. ‘मैं आपको लाल किले से संबोधित करने के लिए अगले साल वापस आऊंगा.’ लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपनी पार्टी की संभावनाओं के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इससे अधिक आत्मविश्वास वाला बयान नहीं हो सकता था, वह भी लाल किले की प्राचीर से. लेकिन पीएम मोदी के इस भरोसे के पीछे मजबूत कारण हैं.

1  प्रधानमंत्री मोदी को दिल से ऐसा लगता है कि उन्होंने पिछले 9 सालों में भ्रष्टाचार मुक्त शासन चलाया है, और जनता जब आम चुनाव में वोट डालेगी तो उन्हें इसका इनाम जरूर देगी.

2  पीएम मोदी को लगता है कि उन्होंने हमेशा राष्ट्र के हित में काम किया है, जिससे देश मजबूत बने और उनका हर कार्य भारत के पक्ष को ध्यान में रखकर किया गया है. आगामी आम चुनाव में मोदी का अभियान इसी बात के इर्द गिर्द घूमेगा. अगर लोगों को लगता है कि उन्होंने अपना वादा “ना खाउंगा, ना खाने दूंगा” निभाया है, अगर उनके कामों में राष्ट्र पहले का भाव झलकता है तो जनता उन्हें एक और बार मौका जरूर देगी.

3  प्रधानमंत्री मोदी जनता की इस खास भावना को भी समझ रहे हैं कि वह फिर से एक स्थिर और पूर्ण बहुमत सरकार की उम्मीद लगा रही है ना कि कोई “खिचड़ी सरकार” जैसा I.N.D.I.A. गठबंधन ने दावा किया है. एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री ने News18 को बताया कि पीएम मोदी का दृढ़ विश्वास है कि देश अस्थिर गठबंधन सरकारों या राजनीतिक राजवंशों के चुनाव की परंपरागत सोच से आगे बढ़ चुका है. अब लोग चाहते हैं कि जीतने वाली पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिले ताकि बड़े सुधार किए जा सकें. वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री ने तर्क दिया कि सोनिया गांधी के नेतृत्व में यूपीए 2004 में भले ही इंद्रधनुष गठबंधन को जीत दिला पाने में सफल हो गया था, लेकिन अब वक्त बदल गया है और राहुल गांधी 2024 में अपनी मां की उपलब्धि को दोहरा नहीं पाएंगे.

4 एक और वरिष्ठ मंत्री ने News18 को बताया कि भाजपा 2024 में तीन बड़े राज्यों में बेहतरीन परिणाम की उम्मीद कर रही है- उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, और बिहार, इन तीन राज्यों में ही कुल मिलाकर 168 संसद सीटें हैं. वरिष्ठ मंत्री ने कहा, “उत्तर प्रदेश में इस बार हमें 2014 की तरह बड़ी जीत मिल सकती है – क्योंकि 2019 के विपरीत इस बार एसपी और बीएसपी के बीच कोई गठबंधन नहीं है. साथ ही योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्यमंत्री मजबूत स्थिति में हैं और अयोध्या राम मंदिर उद्घाटन और ज्ञानवापी मामले से भी भाजपा को मदद मिलेगी. अखिलेश यादव की स्थिति और छवि राहुल गांधी जैसी है. बिहार में नीतीश कुमार अपनी विश्वसनीयता खो चुके हैं. और रही बात महाराष्ट्र की तो वहां हमने शिवसेना और राकांपा के नए गुटों के साथ गठबंधन किया है जो, हमें बड़ी जीत दिलाने  में मददगार साबित होगा.”

5  कांग्रेस ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला किया, जहां मोदी अपने पुराने तेवर में नजर आए. उन्होंने देश को परेशान करने वाली तीन बुराइयों – भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और वंशवाद की राजनीति – पर हमला बोलते हुए कांग्रेस पार्टी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने कैसे 2014 और 2019 दोनों में उन्हें खारिज कर दिया था. इसके साथ ही उन्होंने 2024 के चुनावों को लेकर अपनी योजना के बारे में भी पर्याप्त संकेत दिए.

पीएम मोदी ने लाल किले से यह भी बताया कि कैसे उनकी सरकार ने यूपीए काल में देश को हिलाकर रख देने वाले सिलसिलेवार बम विस्फोटों और आतंकवादी हमलों पर लगाम लगाई, और देश और इसकी सीमाओं को और अधिक सुरक्षित बना दिया है. यह आश्वासनों और अति-आत्मविश्वास वाले पीएम मोदी का एक शक्तिशाली कॉकटेल है, जिसका कांग्रेस बीते एक साल से भी कम वक्त से सामना कर रही है.

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