Ghaziabad News: गाजियाबाद को लेकर बड़ी खबर है. यहां पहला इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनने जा रहा है. इससे गाजियाबाद की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है. हालांकि सबसे ज्यादा फायदा गाजियाबाद के 5 इलाकों को मिलने जा रहा है. जहां आने वाले दिनों में प्रॉपर्टी की कीमतें रॉकेट बन जाएंगी. ये पांच इलाके हैं राजनगर एक्सटेंशन, हरनंदीपुरम, सिद्धार्थ विहार, वेव सिटी और वैशाली से लेकर दिल्ली बॉर्डर तक का इलाका.
स्टेडियम के अलावा कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट इन क्षेत्रों की तस्वीर बदलने में जुटे हैं.हाल ही में जीडीए बोर्ड बैठक में राजनगर एक्सटेंशन में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में निवेशकों और होमबायर्स का उत्साह और बढ़ गया है.
करीब 33 एकड़ क्षेत्रफल में पीपीपी मॉडल पर प्रस्तावित यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम गाजियाबाद को खेल और आधुनिक शहरी विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित कर सकता है. प्रस्ताव के अनुसार, इस परियोजना को जीडीए और यूपीसीए मिलकर विकसित करेंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े शहर में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर सिर्फ खेल गतिविधियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके आसपास होटल, रिटेल, कमर्शियल स्पेस, रेस्टोरेंट, हाई-स्ट्रीट मार्केट और आवासीय परियोजनाओं की मांग भी तेजी से बढ़ती है.
राजनगर एक्सटेंशन पहले ही एनसीआर के सबसे तेजी से विकसित हो रहे आवासीय क्षेत्रों में शामिल हो चुका है. बेहतर सड़क नेटवर्क, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, हिंडन एयरपोर्ट की बढ़ती कनेक्टिविटी और अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जैसे प्रोजेक्ट इसे और अधिक आकर्षक बना रहे हैं. यहां मध्यम बजट से लेकर प्रीमियम आवासीय परियोजनाओं तक बड़ी संख्या में विकल्प उपलब्ध हैं, जिसके चलते युवा प्रोफेशनल्स और निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है.
दूसरी ओर, हरनंदीपुरम योजना का दूसरा चरण भी गाजियाबाद के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है. जीडीए द्वारा यहां बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण और नई टाउनशिप विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. हरनंदीपुरम को आधुनिक सुविधाओं से युक्त इंटीग्रेटेड टाउनशिप के रूप में विकसित करने की तैयारी है, जिसमें चौड़ी सड़कें, हरित क्षेत्र, कमर्शियल हब, स्कूल, हेल्थकेयर और सार्वजनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा.
विशेषज्ञ मानते हैं कि हरनंदीपुरम आने वाले वर्षों में गाजियाबाद का नया संगठित रियल एस्टेट हब बन सकता है. दिल्ली के मुकाबले अपेक्षाकृत कम कीमत, बेहतर कनेक्टिविटी और नियोजित विकास इसे एंड-यूजर्स और निवेशकों दोनों के लिए आकर्षक बना रहे हैं.
सिद्धार्थ विहार भी तेजी से हाई-डिमांड माइक्रो मार्केट के रूप में उभर रहा है. नोएडा, इंदिरापुरम और पूर्वी दिल्ली के करीब होने के कारण यहां प्रीमियम और मिड-सेगमेंट दोनों तरह की परियोजनाओं की मांग लगातार बनी हुई है. हिंडन नदी के किनारे विकसित हो रहा यह क्षेत्र बेहतर रोड नेटवर्क और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण बड़ी संख्या में आईटी प्रोफेशनल्स और कामकाजी परिवारों को आकर्षित कर रहा है.
वहीं वेव सिटी का विस्तार और स्मार्ट सिटी कॉन्सेप्ट भी गाजियाबाद के रियल एस्टेट को नई पहचान दे रहा है. स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, ओपन ग्रीन स्पेस, क्लब संस्कृति और बेहतर प्लानिंग के कारण यह क्षेत्र आधुनिक जीवनशैली पसंद करने वाले खरीदारों के बीच लोकप्रिय हो रहा है. एनएच-9 से मजबूत कनेक्टिविटी के कारण यहां से दिल्ली, नोएडा और मेरठ तक आवागमन आसान हो गया है.
इसी कड़ी में वैशाली गोकुलपुरी मेट्रो कॉरिडोर परियोजना भी पूर्वी दिल्ली और गाजियाबाद के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है. यह नई कनेक्टिविटी ट्रांस-हिंडन क्षेत्र और दिल्ली के बीच यात्रा समय को कम करेगी, जिससे वैषाली, वसुंधरा, इंदिरापुरम और आसपास के इलाकों की रियल एस्टेट वैल्यू में और तेजी आने की संभावना है. मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का सीधा असर हमेशा आवासीय और कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग पर दिखाई देता है, और यही ट्रेंड गाजियाबाद में भी देखने को मिल रहा है.
हिंडन सिविल एयरपोर्ट का विस्तार भी इस पूरे क्षेत्र को नई आर्थिक ताकत दे रहा है. क्षेत्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ने और एयर कनेक्टिविटी मजबूत होने से कॉर्पोरेट गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिसका लाभ स्थानीय रियल एस्टेट सेक्टर को मिलना तय माना जा रहा है.
रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार, गाजियाबाद अब केवल दिल्ली के विकल्प के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि यह खुद एक स्वतंत्र और मजबूत रियल एस्टेट डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है. इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, स्पोर्ट्स सुविधाएं, एयरपोर्ट, मेट्रो और नियोजित टाउनशिप जैसे बड़े विकास कार्यों ने इस शहर को निवेश और बेहतर जीवनशैली दोनों के लिए उपयुक्त बना दिया है.
आने वाले वर्षों में राजनगर एक्सटेंशन, हरनंदीपुरम, सिद्धार्थ विहार, वेव सिटी और वैषाली जैसे क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की मांग और कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. यही कारण है कि गाजियाबाद अब एनसीआर के सबसे संभावनाशील रियल एस्टेट बाजारों में तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रहा है.
काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी कहते हैं, “गाजियाबाद का रियल एस्टेट बाजार अब केवल अफोर्डेबल हाउसिंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक पूर्ण विकसित इंफ्रास्ट्रक्चर-ड्रिवन मार्केट बन चुका है. राजनगर एक्सटेंशन में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, हरनंदीपुरम जैसी नियोजित टाउनशिप, हिंडन एयरपोर्ट का विस्तार और वैषाली-गोकुलपुरी मेट्रो कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट इस शहर को नई पहचान दे रहे हैं. किसी भी शहर में जब स्पोर्ट्स, ट्रांसपोर्ट और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर एक साथ विकसित होते हैं तो वहां रियल एस्टेट की मांग में दीर्घकालिक मजबूती देखने को मिलती है. आने वाले वर्षों में गाजियाबाद एनसीआर के सबसे आकर्षक निवेश केंद्रों में शामिल हो सकता है.”
एसकेए के डायरेक्टर संजय शर्मा कहते हैं, “राजनगर एक्सटेंशन, सिद्धार्थ विहार और वेव सिटी जैसे क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में जिस गति से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास हुआ है, उसने होमबायर्स का भरोसा काफी मजबूत किया है. अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और नई मेट्रो कनेक्टिविटी जैसी परियोजनाएं इस ग्रोथ को और तेज करेंगी. गाजियाबाद की सबसे बड़ी ताकत इसकी मल्टी-लेयर कनेक्टिविटी है, जहां एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और भविष्य की शहरी योजनाएं एक साथ काम कर रही हैं. इससे यहां प्रॉपर्टी की वैल्यू और आवासीय मांग दोनों में लगातार वृद्धि देखने को मिलेगी.”
मिगसन ग्रुप के एमडी यश मिगलानी कहते हैं, “गाजियाबाद में अब विकास केवल एक-दो पॉकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर का लगभग हर प्रमुख माइक्रो-मार्केट तेजी से उभर रहा है. वेव सिटी का स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, सिद्धार्थ विहार की लोकेशन एडवांटेज, राजनगर एक्सटेंशन का स्पोर्ट्स और रिटेल विकास तथा हरनंदीपुरम की नियोजित टाउनशिप – ये सभी मिलकर शहर को नई ऊंचाई दे रहे हैं. बेहतर सामाजिक ढांचा, चौड़ी सड़कें, मेट्रो विस्तार और आधुनिक सुविधाएं गाजियाबाद को केवल निवेश नहीं बल्कि बेहतर जीवनशैली के लिए भी पसंदीदा गंतव्य बना रही हैं.”
अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर कुशाग्र अंसल कहते हैं, “हरनंदीपुरम परियोजना और आसपास विकसित हो रहे नए शहरी कॉरिडोर गाजियाबाद के भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं. दिल्ली और नोएडा के मुकाबले यहां अभी भी अपेक्षाकृत बेहतर कीमतों पर बड़े और आधुनिक घर उपलब्ध हैं, जिसके कारण एंड-यूजर्स तेजी से इस ओर आकर्षित हो रहे हैं. वैशाली-गोकुलपुरी मेट्रो लाइन और हिंडन एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं पूर्वी दिल्ली और गाजियाबाद के बीच की दूरी को और कम करेंगी. यह पूरा क्षेत्र आने वाले समय में वर्क-लिव-लीजर मॉडल का मजबूत उदाहरण बन सकता है.”
