दिल्‍ली यूनिवर्सिटी में आधी रात को दंगल, वूमेंस हॉस्‍टल में धरने पर बैठीं छात्राएं, एक्‍सट्रा फीस पर बवाल

होमताजा खबरDelhi

DU में आधी रात को दंगल, वूमेंस हॉस्‍टल में धरने पर बैठीं छात्राएं

Last Updated:

Delhi University Hostel News: दिल्‍ली यूनिवर्सिटी का नाम देश के शीर्ष शिक्षण संस्‍थानों में होता है. यहां देश के हर कोने से छात्र अध्‍ययन-अध्‍यापन के लिए आते हैं. विदेशों से भी छात्र यहां पढ़ने आते हैं. इस विश्‍वविद्यालय से पढ़कर निकले छात्र-छात्राएं अनेक जगहों पर टॉप पोस्‍ट पर काबिज हैं.

दिल्‍ली यूनिवर्सिटी में छात्राओं ने विश्‍वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आधी रात के बाद तक विरोध-प्रदर्शन किया.

Delhi University Hostel News: दिल्‍ली यूनिवर्सिटी का नाम देश के टॉप एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूशंस में आता है. यहां हजारों छात्र-छात्राएं देश के कोने-कोने से पढ़ने के लिए आते हैं. एडमिशन के वक्‍त देशभर में डीयू का क्रेज रहता है, लेकिन आज यह दूसरी वजहों से सुर्खियों में है. यहां के महिला छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने विश्‍वविद्यालय प्रशासन पर अतिरिक्‍त शुल्‍क लेने और हॉस्‍टल से जबरन निकालने का आरोप लगाया है. इसको लेकर गुरुवार 21 मई 2026 को रात 9:30 बजे से विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ जो आधी रात के बाद तकरीबन 1 बजे तक चलता रहा.

Delhi University के यूनिवर्सिटी हॉस्टल फॉर वूमेन (UHW) में गुरुवार देर रात छात्राओं का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया. जबरन हॉस्टल खाली कराने, अतिरिक्त शुल्क वसूली और बुनियादी सुविधाओं में कटौती के आरोपों को लेकर छात्राओं ने प्रशासन के खिलाफ धरना शुरू किया, जो रात करीब 1 बजे तक जारी रहा. प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं का कहना है कि सेमेस्टर परीक्षाओं और NET परीक्षा की तैयारी के बीच प्रशासन की ओर से दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है. छात्राओं के मुताबिक, हॉस्टल के दो ब्लॉकों में पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई है और रीडिंग रूम से कुर्सियां भी हटा दी गई हैं. उनका आरोप है कि यह कदम उन्हें हॉस्टल खाली करने के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से उठाए गए हैं.

छात्राओं का क्‍या है दावा?

छात्राओं ने दावा किया कि मई महीने में हॉस्टल खाली कराने का अभियान चलाया जा रहा है, जबकि जून और जुलाई तक की फीस पहले ही जमा कराई जा चुकी है. उनका कहना है कि बिना पूर्व सूचना के अचानक अतिरिक्त नियम लागू किए जा रहे हैं, जिससे छात्राओं में असंतोष बढ़ गया है. 16 मई को हुए विरोध प्रदर्शन के बाद हॉस्टल प्रशासन ने कथित तौर पर सुविधाएं बहाल करने और रहने की समयसीमा बढ़ाने का मौखिक आश्वासन दिया था. हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्राओं का आरोप है कि बाद में प्रशासन अपने वादे से पीछे हट गया और हॉस्टल में रहने के लिए प्रतिदिन 450 रुपये अतिरिक्त शुल्क लगाने का आदेश जारी कर दिया.

छात्राओं की क्‍या है डिमांड?

छात्र संगठन All India Students’ Association (AISA) ने भी आंदोलन का समर्थन किया है. संगठन ने UHW की प्रोवोस्ट के इस्तीफे, 24 घंटे जलापूर्ति बहाल करने और बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के छात्राओं के रहने की अवधि बढ़ाने की मांग की है. धरने के दौरान छात्राओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. वहीं, देर रात तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई.

About the Author

Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *