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यूपी के एक डॉक्टर ने इलाज के दौरान महिला की बीमार किडनी की जगह स्वस्थ किडनी निकाल दी. इस भयंकर लापरवाही के कारण महिला की मौत हो गई. अब राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग (NCDRC) ने दोषी डॉक्टर पर बड़ा एक्शन लिया है. कोर्ट ने पीड़ित परिवार को 2 करोड़ रुपये का भारी मुआवजा देने का आदेश जारी किया है. कोर्ट ने इसे मेडिकल इतिहास की सबसे गंभीर लापरवाहियों में से एक माना है.
सर्जरी के दौरान डॉक्टर ने निकाली गलत किडनी, NCDRC ने लगाया 2 करोड़ का जुर्माना. (सांकेतिक तस्वीर Made with AI)
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के एक सर्जन की लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला दर्द दे दिया. राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने इस मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. कोर्ट ने पीड़ित परिवार के पक्ष में फैसला देते हुए दोषी डॉक्टर पर 2 करोड़ रुपये का मुआवजा लगाने का आदेश दिया है. यह मामला साल 2012 का है. डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान महिला की बीमार किडनी को छोड़कर उसकी बिल्कुल स्वस्थ किडनी को शरीर से बाहर निकाल दिया था. कोर्ट के प्रेसिडेंट जस्टिस ए पी साही और मेंबर भारतकुमार पंड्या की बेंच ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है. समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, बेंच ने कहा कि यह चिकित्सा जगत की सबसे गंभीर और दुर्लभ लापरवाही में से एक है. ऐसी गलतियों के लिए कानून में कोई माफी नहीं हो सकती है.
शांति देवी के साथ ऑपरेशन थियेटर में क्या हुआ था?
यह पूरी दुखद कहानी 56 साल की शांति देवी की है. साल 2012 के अप्रैल महीने में शांति देवी के पेट में तेज दर्द उठा था. इसके बाद उनके परिवार ने उत्तर प्रदेश के एक नामी सर्जन डॉक्टर राजीव लोचन से संपर्क किया. डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि शांति देवी की दाहिनी किडनी में गंभीर बीमारी है. मेडिकल रिपोर्ट में साफ था कि उनकी बाईं किडनी बिल्कुल ठीक काम कर रही थी. केवल दाहिनी किडनी खराब हो चुकी थी. डॉक्टर ने सलाह दी कि मरीज की जान बचाने के लिए खराब दाहिनी किडनी को ऑपरेशन करके बाहर निकालना बेहद जरूरी है. परिवार ने डॉक्टर पर भरोसा किया और सर्जरी के लिए तैयार हो गया. 6 मई 2012 को शांति देवी को ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया.
अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन की रिपोर्ट में कौन सा खौफनाक सच सामने आया?
ऑपरेशन के बाद भी शांति देवी की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ. उनका दर्द लगातार बढ़ता चला गया. इसके बाद जून 2012 में परिवार ने दोबारा उनके कुछ टेस्ट करवाए. जब रेडियोलॉजिकल टेस्ट और सीटी स्कैन की रिपोर्ट सामने आई, तो सबके होश उड़ गए. रिपोर्ट में साफ दिख रहा था कि शांति देवी की खराब दाहिनी किडनी अभी भी उनके शरीर के अंदर ही मौजूद थी. डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान उनकी बिल्कुल स्वस्थ बाईं किडनी को काटकर बाहर निकाल दिया था. इस खुलासे के बाद डॉक्टर ने भी अपनी लिखित सफाई में माना कि कट तो दाहिनी तरफ ही लगाया गया था, लेकिन गलती से बाईं किडनी शरीर से बाहर आ गई.
मेडिकल काउंसिल की जांच में डॉक्टर की कौन सी बड़ी जालसाजी पकड़ी गई?
इस घटना के बाद मामला उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के पास पहुंचा. दोनों ही बड़ी संस्थाओं ने अपनी जांच में डॉक्टर को पूरी तरह दोषी पाया. उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल ने डॉक्टर की इस हरकत को देखते हुए उनके मेडिकल रजिस्ट्रेशन को 2 साल के लिए सस्पेंड कर दिया था. जांच में एक और हैरान करने वाली बात सामने आई. दोषी डॉक्टर ने खुद को बचाने के लिए केस से जुड़े मेडिकल पेपर्स में जालसाजी की थी. उसने कोर्ट और काउंसिल के सामने फर्जी केस शीट जमा की थी. इस चालाकी को भी जांच टीम ने पकड़ लिया, जिससे डॉक्टर का गुनाह और ज्यादा बढ़ गया.
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दीपक वर्मा News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव रखने वाले दीपक मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति और भारत के आंतरिक घ…और पढ़ें
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