Last Updated:
CM Rekha Gupta News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पानी-सीवर के IFC चार्ज नियमों में बड़ा बदलाव कर लाखों लोगों को राहत दी है. अब IFC चार्ज प्लॉट के आकार पर नहीं, बल्कि पानी की जरूरत के हिसाब से लगेगा. छोटे प्लॉट, छोटे फ्लैट, अनधिकृत कॉलोनियों और मिडिल क्लास परिवारों को भारी छूट मिलेगी. पार्किंग, आंगन और नॉन-FAR एरिया पर अब अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा. सरकार का दावा है कि इससे घर बनाना और नया फ्लोर जोड़ना पहले से काफी सस्ता हो जाएगा. कई मामलों में लोगों के लाखों रुपए तक बचेंगे.
दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने IFC चार्ज नियमों में बड़ा बदलाव किया. (फाइल फोटो)
CM Rekha Gupta News: देश की राजधानी दिल्ली में अपना छोटा सा घर बनाना अब तक आम आदमी के लिए किसी बड़े संघर्ष से कम नहीं था. नक्शा पास कराने से लेकर पानी-सीवर के IFC चार्ज तक, हर कदम पर जेब ढीली करनी पड़ती थी. कई परिवार तो सिर्फ इन भारी चार्ज की वजह से नया फ्लोर जोड़ने या घर की मरम्मत कराने से भी पीछे हट जाते थे. अब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐसा फैसला लिया है, जिसने मिडिल क्लास, छोटे मकान मालिकों और अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत दे दी है. सरकार ने पानी और सीवर से जुड़े IFC चार्ज के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब चार्ज प्लॉट के साइज पर नहीं, बल्कि पानी की वास्तविक जरूरत के हिसाब से तय होंगे. यानी जिस पर जितनी जरूरत, उतना ही शुल्क. इससे लाखों लोगों का आर्थिक बोझ कम होने वाला है. यही वजह है कि इस फैसले को दिल्ली में ‘घर बनाना सस्ता करने वाला बड़ा रिफॉर्म’ माना जा रहा है.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कहा कि पहले लोग IFC चार्ज जमा न करने के लिए बहाने बनाते थे और इससे लो लेवल पर भ्रष्टाचार भी बढ़ता होगा. उन्होंने कहा, ‘अब पानी और सीवर के चार्ज, जल आवश्यकता के अनुसार लगेंगे, पहले premises के हिसाब से लगते थे. नए या अतिरिक्त निर्माण पर ही IFC लगेगा और non-FAR एरिया को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा.’ सरकार के इस फैसले के बाद अब पार्किंग, आंगन और खुली जगहों पर अतिरिक्त पैसा नहीं देना पड़ेगा. यही नहीं, छोटे फ्लैट, E-F-G-H कैटेगरी कॉलोनियों और अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वालों को भी भारी छूट दी गई है. सरकार का दावा है कि इससे लाखों रुपए तक की सीधी बचत होगी.
सरकार ने अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत दी है.
IFC नियमों में बड़ा बदलाव, आम आदमी को राहत
- दिल्ली सरकार के नए फैसले के तहत अब घर बनाने या नया फ्लोर जोड़ने पर पानी-सीवर के नाम पर मनमाना पैसा नहीं लिया जाएगा. IFC चार्ज अब ज्यादा समझदारी और जरूरत के हिसाब से तय होंगे. सबसे बड़ी राहत यह है कि अब चार्ज ‘प्लॉट कितना बड़ा है’ इसके आधार पर नहीं, बल्कि ‘पानी की जरूरत कितनी है’ उसके हिसाब से लगेगा. यानी आम आदमी पर बेवजह का आर्थिक बोझ कम होगा.
- सरकार ने यह भी साफ किया है कि जिन लोगों ने सिर्फ अपने पुराने घर की मरम्मत कराई है या री-डेवलपमेंट कराया है, लेकिन पानी की जरूरत नहीं बढ़ी, उनसे नया IFC नहीं लिया जाएगा. पहले खाली जगह, पार्किंग या आंगन पर भी चार्ज देना पड़ता था. अब नॉन-FAR एरिया को IFC में शामिल नहीं किया जाएगा. इससे लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है.
- 200 वर्गमीटर से छोटे प्लॉट वालों को इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा होगा. सरकार ने तय किया है कि IFC सिर्फ 200 sqm से बड़े प्लॉट पर ही लागू होगा. यानी छोटे और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी. छोटे फ्लैट वालों का भी खास ध्यान रखा गया है.50 वर्गमीटर तक के छोटे घरों पर IFC शुल्क में अतिरिक्त 50% की छूट दी जाएगी.
- दिल्ली की E और F कैटेगरी कॉलोनियों में रहने वालों को 50% तक की छूट मिलेगी. वहीं G और H कैटेगरी कॉलोनियों के लोगों को 70% तक राहत देने का फैसला किया गया है. सरकार का कहना है कि जिन इलाकों में मिडिल क्लास और आम परिवार रहते हैं, वहां सबसे ज्यादा राहत दी गई है ताकि घर बनाना आसान हो सके.
अनधिकृत कॉलोनियों और धार्मिक संस्थाओं को भी फायदा
सरकार ने अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत दी है. अब रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट द्वारा साइन किए गए नक्शे को मान्य माना जाएगा. इससे लोगों को मंजूरी के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. वहीं मंदिर, गुरुद्वारा, मस्जिद और समाज सेवा से जुड़ी संस्थाओं को भी शुल्क में 50% तक की अतिरिक्त छूट दी गई है.
इंडस्ट्री और कमर्शियल बिल्डिंग को भी राहत
जो इंडस्ट्री या कमर्शियल बिल्डिंग अपना गंदा पानी खुद ट्रीट करेगी और ज़ीरो डिस्चार्ज सिस्टम लगाएगी, उन्हें भी 50% तक की छूट मिलेगी. सरकार का मानना है कि इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और इंडस्ट्री सेक्टर को राहत मिलेगी. पहले जहां A और B कैटेगरी कॉलोनियों में बड़े घरों पर करीब 13 लाख रुपए तक IFC देना पड़ता था, अब वही घटकर करीब 5.4 लाख रुपए रह गया है.
PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा, ‘IFC charges को न्याय संगत करने का हमारा वादा था. आम आदमी पार्टी ने इन charges को 5-6 गुना बढ़ा दिया था.’ सरकार का दावा है कि इस फैसले से दिल्ली में घर बनाना और नियमित कराना पहले से काफी आसान हो जाएगा.
About the Author
सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें
