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Yamuna Rejuvenation Project: दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान यमुना की सफाई का मुद्दा जोरशोर से उठा था. तमाम दलों की तरफ से तरह-तरह की घोषणाएं की गई थीं. भाजपा ने भी साफ यमुना को लेकर वादा किया था. अब उस दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठाया गया है. रेखा गुप्ता सरकार के इस कदम से लाखों लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है.
यमुना नदी को साफ और स्वच्छ करने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने 1000 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया है. (फाइल फोटो: Reuters)
Yamuna Rejuvenation Project: दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने यमुना नदी को साफ करने और राजधानी की जल एवं सीवेज व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने इन फैसलों की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार दिल्ली को स्वच्छ, ग्रीन और वाटर सिक्योर शहर बनाने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है. सरकार की ओर से मंजूर की गई परियोजनाओं में कई नए और एडवांस सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), बारिश के पानी को जमा करने के लिए स्ट्रक्चर तथा वाटर सप्लाई और सीवर नेटवर्क को मजबूत करने से जुड़े काम शामिल हैं. इन परियोजनाओं का उद्देश्य यमुना में गिरने वाले प्रदूषित पानी को कम करना, भूजल स्तर यानी ग्राउंड वाटर लेवल में सुधार करना और राजधानी की जल प्रबंधन प्रणाली (Water Management System) को आधुनिक बनाना है.
सबसे प्रमुख परियोजनाओं में केशोपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के फेज-1 के उन्नयन और विस्तार को मंजूरी दी गई है. लगभग 122 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत संयंत्र की क्षमता 12 एमजीडी से बढ़ाकर 18 एमजीडी की जाएगी. इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उपचारित पानी नवीनतम निर्धारित मानकों के अनुरूप हो. परियोजना में 11 वर्षों के संचालन और रखरखाव का प्रावधान भी शामिल किया गया है, ताकि पुनर्चक्रित पानी के उपयोग को बढ़ावा मिल सके और जल संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिले. दिल्ली सरकार ने भूजल स्तर सुधारने और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने के लिए भी कई कदमों की घोषणा की है. दिल्ली जल बोर्ड (DJB) विभिन्न सरकारी विभागों के लिए नई रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं बनाएगा और पुरानी संरचनाओं को पुनर्जीवित करेगा. इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार भूजल विशेषज्ञों और दस रेन वाटर हार्वेस्टिंग सोशल मोबिलाइजर्स की नियुक्ति की जाएगी.
पूर्वी दिल्ली के लिए खास प्रावधान
पूर्वी दिल्ली में अमीचंद चौक से त्रिलोकपुरी स्थित ओल्ड कल्याणपुरी सीवेज पंपिंग स्टेशन तक जाने वाली मुख्य ट्रंक सीवर लाइन के पुनर्वास को भी मंजूरी मिली है. लगभग 57 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना 40 वर्ष से अधिक पुरानी सीवर लाइन की मरम्मत और आधुनिकीकरण से जुड़ी है. अधिकारियों के अनुसार, इस लाइन में पिछले कुछ वर्षों में बार-बार धंसने और तकनीकी खराबियों की समस्या सामने आई थी. पुनर्वास कार्य पूरा होने के बाद इलाके की सीवरेज व्यवस्था अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय हो जाएगी. इसके अलावा शाहदरा के रोहतास नगर क्षेत्र में 0.72 एमजीडी क्षमता वाले नए भूमिगत जलाशय और बूस्टर पंपिंग स्टेशन के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है. करीब 27 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य स्थानीय जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाना है.
लाखों दिल्लीवालों की होगी जय-जय
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार सार्वजनिक हित और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए उपलब्ध हर संसाधन का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना चाहती है. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और जल संरक्षण, सीवेज उपचार तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को नई गति मिलेगी. मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में दिल्ली जल प्रबंधन, वर्षा जल संचयन और यमुना पुनर्जीवन के क्षेत्र में देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभरेगी.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
