PHOTOS: ड्रोन से हथियार, नेपाल से फंडिंग… पढ़ें दाऊद और ISI के स्लीपर सेल का पूरा कच्चा-चिट्ठा

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ड्रोन से हथियार, नेपाल से फंडिंग… दाऊद-ISI के स्लीपर सेल का पूरा कच्चा-चिट्ठा

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Dawood-ISI Terror Module Busted: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े ऑपरेशन में अंडरवर्ल्ड-आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया. 9 आतंकियों को गिरफ्तार किया है. जांच में खुलासा हुआ है कि कराची से ऑपरेट हो रहा दाऊद इब्राहिम का ‘डी कंपनी’ और आईएसआई का गठजोड़ दिल्ली और मुंबई समेत देश के 5 बड़े शहरों में खौफनाक आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था. पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और हैंड ग्रेनेड भेजे गए थे. छोटा राजन पर हमला करने वाला मुन्ना झिंगाड़ा इस ऑपरेशन का मुख्य हैंडलर था. इन आतंकियों के निशाने पर सुरक्षा बल और कई अहम ठिकाने थे.

भारत को दहलाने की यह खौफनाक साजिश पाकिस्तान के कराची में रची गई थी. इस काम के लिए बकायदा दिल्ली में युवाओं की भर्ती की जा रही थी ताकि लोकल सपोर्ट हासिल किया जा सके. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और खुफिया एजेंसियों ने इस खतरनाक आतंकी-अंडरवर्ल्ड मॉड्यूल को वक्त रहते नेस्तनाबूद कर दिया है. इस मॉड्यूल का मुख्य उद्देश्य राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके और बड़े हमलों को अंजाम देना था.

सालों की खामोशी के बाद मुंबई अंडरवर्ल्ड फिर से एक्टिव होने की कोशिश कर रहा है. अबकी बार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईसीआई के इशारों पर भारत में ब्लास्ट करने की तैयारी कर रहे थे. लेकिन दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की मुस्तैदी से उनको इरादों पर पानी फिर गया. तमाम रिपोर्ट में दावे किए जा रहे हैं कि कराची के क्लिफ्टन रोड पर बना ‘व्हाइट हाउस’ फिर से एक्टिव हो गया है. ये कुख्यात दाऊद इब्राहिम का ठिकाना है. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के इशारे पर डी कंपनी भारत में बड़ी तबाही मचाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है. भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड मुन्ना झिंगाड़ा की जवानी की तस्वीर.

पुणे और साहिबगंज से पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ. पुलिस को पता चला कि ये दोनों आतंकी सीधे तौर पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे. भट्टी ही इन्हें भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए जरूरी निर्देश और रणनीतिक सलाह दे रहा था. इन दोनों की निशानदेही पर जांच का दायरा और बढ़ाया गया.

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इस पूरे मॉड्यूल का भंडाफोड़ तब शुरू हुआ जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को खुफिया इनपुट मिले. इस इनपुट के आधार पर सबसे पहले कुख्यात शूटर विजय डॉन को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया गया. विजय डॉन से हुई कड़ाई से पूछताछ के बाद उसने अपने नेटवर्क के कई राज उगले, जिसकी निशानदेही पर पुलिस ने झारखंड के साहिबगंज से एक और अहम आरोपी को धर दबोचा.

गिरफ्तारियों का सिलसिला देश के कई हिस्सों में चला. एक आरोपी को मुंबई के कुर्ला इलाके से पकड़ा गया, जबकि अन्य महत्वपूर्ण गुर्गों को दिल्ली के महरौली-बदरपुर बॉर्डर और महरौली-बदरपुर रोड से हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा, एक नेपाली मूल के शख्स को दिल्ली के महिपालपुर स्थित एक होटल से दबोचा गया, जो इस मॉड्यूल को लॉजिस्टिक सपोर्ट दे रहा था.

स्पेशल सेल के सीपी अनिल शुक्ला के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क को पाकिस्तान में बैठे चार मुख्य हैंडलर ऑपरेट कर रहे थे. इन हैंडलर्स के नाम मुन्ना जागड़ा (झिंगाड़ा), यावर खान, शहजाद भट्टी और आमिर जट्ट हैं. इनकी शह पर काम करने वाले 9 आतंकियों को भारत के अलग-अलग हिस्सों से गिरफ्तार किया गया है. इन सभी का मकसद देश के 5 प्रमुख शहरों को निशाना बनाना था, जिसके लिए तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं.

इस पूरे आतंकी नेटवर्क का सबसे अहम और खतरनाक किरदार मुन्ना जगाड़ा (झिंगाड़ा) है. जांच एजेंसियों के अनुसार, मुन्ना जगाड़ा वही कुख्यात शख्स है जिसने साल 2000 में बैंकॉक में अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन पर जानलेवा हमला किया था. इस मामले में बैंकॉक में अपनी सजा पूरी करने के बाद वह पाकिस्तान भाग गया और अब कराची से भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है.

आतंकियों के पास से पुलिस ने कई चौंकाने वाले वीडियो बरामद किए हैं. इन वीडियो में दिल्ली और मुंबई की कई रणनीतिक और महत्वपूर्ण जगहों की रेकी की गई है. इनमें मुंबई का दादर रेलवे स्टेशन और कई बड़े ब्रिज शामिल हैं. दिल्ली के भी कई अहम ठिकानों की रेकी के सबूत मिलने के बाद से ही देश की सभी प्रमुख सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं.

जांच एजेंसियों के अनुसार, आतंकियों के निशाने पर मुख्य रूप से दिल्ली में तैनात सुरक्षा बलों के जवान और देश के कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान (संस्थान/दुकान/कार्यालय) थे. आरोपियों का प्लान था कि इन ठिकानों पर हमला करके देश में बड़े पैमाने पर अफरा-तफरी और दहशत फैलाई जाए. पूछताछ में यह भी साफ हुआ कि दिल्ली में एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी पूरी कर ली गई थी.

जांच की आंच जल्द ही मुंबई तक पहुंच गई. नेटवर्क को खंगालते हुए स्पेशल सेल ने मुंबई से तौकीर और अरबाज खान नाम के दो अन्य आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया. इन दोनों को मुख्य रूप से विजय शूटर ही हैंडल कर रहा था. जब इनसे गहराई से पूछताछ हुई तो इस कड़ी में मुजाफा और यावर खान जैसे खतरनाक नाम भी सामने आए, जो इस साजिश को अंतिम रूप दे रहे थे.

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों के पास से बरामद हुई इन हथियारों की खेप को सीमा पार से ड्रोन के जरिए भारत भेजा गया था. यह बरामदगी इस बात का ठोस सबूत है कि आईएसआई और डी कंपनी ने मिलकर साजिश के ट्रिगर को दबाने की पूरी तैयारी कर ली थी. इस मॉड्यूल के भंडाफोड़ से एक बड़ा आतंकी हमला टल गया है और पुलिस अब अन्य स्लीपर सेल की तलाश कर रही है.

आतंकियों के मंसूबे कितने खतरनाक थे, इसका अंदाजा उनके पास से मिले हथियारों से लगाया जा सकता है. स्पेशल सेल ने इनके पास से 4 हैंड ग्रेनेड बरामद किए, जिन्हें बाद में एनएसजी (NSG) ने महरौली इलाके में सुरक्षित तरीके से नष्ट किया. इसके अलावा, दो ग्लॉक कॉपी पिस्तौल और 25 जिंदा कारतूस भी मिले हैं. इन कारतूसों पर साफ तौर पर Made In Pakistan और POF (पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री) लिखा हुआ है.

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