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नोएडा की कई हाउसिंग सोसायटियों में मेंटेनेंस शुल्क बढ़ने से हजारों परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है. न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी, बिजली, जीएसटी और डीजल-पेट्रोल की महंगाई का हवाला देते हुए प्रबंधन ने कई जगह 20 से 48 फीसदी तक शुल्क बढ़ा दिया है. वहीं निवासी सवाल उठा रहे हैं कि फीस बढ़ने के बावजूद सुविधाओं में कोई बड़ा सुधार नहीं दिख रहा, जिससे कई सोसायटियों में नाराजगी बढ़ रही है.
नोएडा: शहर की कई हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले हजारों परिवार इन दिनों बढ़े हुए मेंटेनेंस शुल्क से परेशान हैं. न्यूनतम वेतन में करीब 22 फीसदी बढ़ोतरी के बाद सोसायटी प्रबंधन ने रखरखाव शुल्क में इजाफा करना शुरू कर दिया है. ऐसे में पहले से महंगे पेट्रोल-डीजल, बिजली और रोजमर्रा के खर्चों के बीच लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है.
मेंटेनेंस शुल्क में बड़ी बढ़ोतरी
सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसायटी में मेंटेनेंस शुल्क में बड़ी बढ़ोतरी की गई है. यहां प्रति वर्ग फीट चार्ज 4.96 रुपये से बढ़ाकर सीधे 7.30 रुपये कर दिया गया है. नई दरें अप्रैल से लागू मानी जा रही हैं. इसे लेकर कई निवासी नाराज हैं और उनका कहना है कि शुल्क तो बढ़ रहा है, लेकिन सुविधाओं में उसी हिसाब से सुधार नजर नहीं आ रहा.
इसी तरह जेपी विशटाउन समेत शहर की कई अन्य सोसायटियों में भी मेंटेनेंस चार्ज बढ़ने की सूचना सामने आई है. बीते कुछ महीनों में अलग-अलग सोसायटियों में 20 से 48 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कुछ जगहों पर छह महीने के भीतर दो बार शुल्क बढ़ाया गया है.
क्या है वजह
सोसायटी प्रबंधन का कहना है कि सुरक्षा गार्ड, हाउसकीपिंग, गार्डनिंग स्टाफ की सैलरी बढ़ने, जीएसटी और अन्य खर्चों में इजाफे की वजह से मेंटेनेंस लागत बढ़ी है. इसलिए शुल्क बढ़ाना जरूरी हो गया है.
लोगों ने जताई नाराजगी
वहीं दूसरी तरफ निवासियों का आरोप है कि सुविधाओं में बड़ा बदलाव किए बिना लगातार शुल्क बढ़ाया जा रहा है. सिविटेक स्टेडिया और गौर ग्रैंड्योर जैसी सोसायटियों में भी मेंटेनेंस बढ़ोतरी को लेकर चर्चा तेज है. सेक्टर-144 स्थित गुलशन बोटनिया में भी दो महीने के भीतर दूसरी बार चार्ज बढ़ाने की जानकारी सामने आई है.
महंगाई के दौर में मेंटेनेंस फीस में लगातार बढ़ोतरी नोएडा के फ्लैट मालिकों और किराएदारों दोनों के लिए चिंता की वजह बनती जा रही है. लोगों का कहना है कि अगर शुल्क बढ़ाया जा रहा है तो उसके साथ बेहतर सुविधाएं भी दिखाई देनी चाहिए.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें
