Delhi-NCR Dust Strom : 111KM की रफ्तार का तूफान, दिल्ली-NCR में धूल भरी आंधी के बाद बारिश, यूपी के कई जिलों में उड़े पेड़-छज्जे

11kmph Dust Strom: मंगलवार की शाम दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में देर रात आंधी और बारिश से मौसम काफी खराब हो गई है. अचानक आए आंधी-तूफान की वजह से अफरा तफरी मच गई. नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली में 111 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलीं. दिल्ली और एनसीआर के आसमान धूल के गुबार से ढंक गए. मौसम विभाग (आईएमडी) ने खतरे की गंभीरता को भांपते हुए तत्काल पूरे दिल्ली-एनसीआर में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. दिल्ली से सटे यूपी के इटावा सहित कई जिलों में इस तूफान ने जमकर तबाही मचाई है, जहां लोहे के भारी टीन शेड हवा में तिनके की तरह उड़ते नजर आए.

आईएमडी की ‘नाउकास्ट’ चेतावनी के अनुसार, धूल भरी आंधी के साथ-साथ दिल्ली के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है. दक्षिण दिल्ली, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, नई दिल्ली और उत्तर-पश्चिम दिल्ली में गंभीर गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश का अलर्ट है. वहीं, उत्तरी दिल्ली, मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली और शाहदरा के इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश होने की उम्मीद जताई गई है.

100 मीटर दूर गिरे लोहे के छज्जे

तूफान का सबसे ज्यादा कहर उत्तर प्रदेश के इटावा में टूटा है. यहां हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई घरों और इमारतों पर लगे लोहे के बड़े-बड़े छज्जे उखड़ गए और 100-100 मीटर की दूरी पर जाकर गिरे. सबसे डरावना मंजर इटावा के जिला जज कैंपस में दिखा, जहां बड़ी संख्या में विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़कर जमीन पर धराशायी हो गए. पूरा कैंपस टूटे हुए पेड़ों की शाखाओं से पट गया है. हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस भयानक तूफान में अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है. स्थिति का जायजा लेने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं.

पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा उत्तर भारत का मौसम

उत्तर भारत का एक बड़ा हिस्सा जो पिछले कई दिनों से जानलेवा हीटवेव का सामना कर रहा था, वहां अब मौसम पूरी तरह बदलने वाला है. मौसम विभाग के मुताबिक, 11 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा. इसके परिणामस्वरूप 10 से 14 जून के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में जोरदार बारिश होने की संभावना है.

आईएमडी की चेतावनी में स्पष्ट किया गया है कि 11 और 12 जून को राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और यूपी में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली गिरेगी। इसके साथ ही 12 जून को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि होने की भी आशंका जताई गई है.

पूर्वोत्तर में मानसून की रफ्तार तेज

एक तरफ जहां उत्तर और मध्य भारत आंधी-तूफान का सामना कर रहा है, वहीं मानसून ने अपनी गति पकड़ ली है. मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में पूरी तरह से छा गया. मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में बताया कि मानसून सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी आगे बढ़ चुका है. गौरतलब है कि इस साल केरल में मानसून ने 4 जून को दस्तक दी थी.

दिल्ली-एनसीआर के लिए IMD ने मौसम को लेकर क्या चेतावनी दी है?
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भीषण धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की आशंका को देखते हुए पूरे दिल्ली-एनसीआर के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

उत्तर प्रदेश के इटावा में तूफान ने कितना नुकसान पहुंचाया है?
इटावा में भीषण तूफान के कारण लोहे के बड़े-बड़े छज्जे 100 मीटर दूर जाकर गिरे और जिला जज कैंपस में बड़ी संख्या में भारी पेड़ जड़ से उखड़ गए। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई।

उत्तर भारत में भीषण गर्मी से कब तक राहत मिलने की उम्मीद है?
11 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से 10 से 14 जून के बीच दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।

मानसून इस वक्त किन राज्यों तक पहुंच चुका है?
4 जून को केरल पहुंचने के बाद अब दक्षिण-पश्चिम मानसून पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों, सिक्किम और देश के पूर्वोत्तर राज्यों में पूरी तरह से पहुंच चुका है।

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