Summer Food Care Tips: गर्मी में सड़ रहे हैं फल और सब्जियां? अपनाएं दादी-नानी के ये चमत्कारी घरेलू नुस्खे

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Summer Food Storage Tips: गर्मियों के मौसम में तेज तापमान के कारण फल और सब्जियां जल्दी खराब होने लगती हैं. इनसे बचने के लिए दादी-नानी के पारंपरिक नुस्खे बेहद कारगर हैं. आलू-प्याज को कभी एक साथ न रखें और प्लास्टिक की जगह जूट या सूती बैग का इस्तेमाल करें. हरी पत्तेदार सब्जियों को सुखाकर सूती कपड़े या पेपर टॉवल में लपेटकर फ्रिज में रखें. केले को अन्य फलों से अलग रखें ताकि एथिलीन गैस से दूसरे फल न सड़ें. टमाटर और खीरे जैसी सब्जियों को ठंडा रखने के लिए ग्रामीण इलाकों की तरह मिट्टी के बर्तनों का प्रयोग किया जा सकता है.

चिलचिलाती गर्मी के मौसम में फल और हरी सब्जियों को लंबे समय तक ताजा और पौष्टिक बनाए रखना एक बेहद बड़ी चुनौती बन जाता है. आसमान से बरसती आग, तेज तापमान और हवा में अत्यधिक उमस के कारण घरों में रखा खाने-पीने का सामान बहुत जल्दी सड़ने और खराब होने लगता है. इससे न केवल आम आदमी को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है बल्कि बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थों की बर्बादी भी बढ़ती है.

भोजन की सुरक्षा के लिहाज से ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में हमारे पुराने दौर से चली आ रही दादी-नानी की पारंपरिक घरेलू तरकीबें और देसी नुस्खे आज भी संजीवनी की तरह कारगर साबित हो सकते हैं. खाद्य विशेषज्ञों का भी यही मानना है कि गर्मियों के मौसम में फल और हरी सब्जियों को सीधे तेज धूप के संपर्क में या किसी गर्म स्थान पर रखने से उनके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और वे बहुत तेजी से सड़ने लगते हैं. इसलिए इनकी प्राकृतिक ताजगी और स्वाद को लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए इन्हें हमेशा घर के किसी ठंडे, छायादार और पूरी तरह हवादार हिस्से में ही सहेजकर रखना चाहिए.

रसोई के प्रबंधन में आलू, प्याज और लहसुन को कभी भी एक साथ नहीं रखना चाहिए, बल्कि इन्हें अलग-अलग टोकरियों में फैलाकर रखने से इनकी शेल्फ लाइफ (उम्र) काफी बढ़ जाती है. ऐसा इसलिए है क्योंकि प्याज से निकलने वाली गैस आलू को जल्दी अंकुरित और खराब कर देती है. इसके साथ ही, इन सभी सब्जियों को हवा बंद प्लास्टिक बैग में ठूसकर रखने के बजाय जूट के बोरे या सूती कपड़े की थैली में रखना सबसे बेहतर माना जाता है ताकि इनमें हवा का वेंटिलेशन बना रहे.

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हरी पत्तेदार सब्जियों को लंबे समय तक ताजा बनाए रखने के लिए सबसे पहले उन्हें अच्छे से धो लें, फिर पंखे की हवा में उनका पानी पूरी तरह सुखा लें और इसके बाद ही किसी मलमल के सूती कपड़े या पेपर टॉवल में लपेटकर फ्रिज में स्टोर करें. ऐसा करने से सब्जियों के अंदर सड़न पैदा करने वाली अतिरिक्त नमी (मॉइस्चर) नहीं बनती और पत्तियां कई दिनों तक बिल्कुल हरी-भरी बनी रहती हैं. वहीं दूसरी ओर, धनिया और पुदीना जैसी नाजुक हरी पत्तियों को फ्रेश रखने के लिए उन्हें पानी से भरे एक गिलास में पौधे की तरह खड़ा रख दें और ऊपर से किसी सूती कपड़े से हल्का कवर कर दें, इससे उनकी प्राकृतिक खुशबू और ताजगी लंबे समय तक बरकरार रहती है.

फलों की प्राकृतिक मिठास और ताजगी को सुरक्षित रखने के लिए भी कुछ बेहद आसान व सटीक घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं. जैसे, केलों को हमेशा अन्य फलों से अलग रखने की विशेष सलाह दी जाती है क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से ‘एथिलीन गैस’ छोड़ता है, जिसके प्रभाव से इसके आस-पास रखे अन्य फल भी समय से पहले बहुत तेजी से पकने और सड़ने लगते हैं. इसी तरह आम, पपीता, चीकू और नाशपाती जैसे गुदेदार फलों को जब तक वे पूरी तरह से पक न जाएं, तब तक उन्हें कमरे के सामान्य तापमान (रूम टेम्परेचर) पर ही खुला रखना चाहिए, लेकिन एक बार अच्छी तरह पक जाने के बाद उनकी ताजगी बरकरार रखने के लिए उन्हें तुरंत फ्रिज में शिफ्ट कर देना बेहतर होता है.

गृह-प्रबंधन और खाद्य विशेषज्ञों का यह स्पष्ट रूप से मानना है कि अपनी दैनिक जरूरत के अनुसार ही सीमित मात्रा में ताजे फल और सब्जियां खरीदना सबसे बेहतरीन आदत है. ऐसा करने से घर में अनावश्यक स्टॉक जमा नहीं होता और हर खाद्य पदार्थ अपनी पूरी पौष्टिकता व ताजा अवस्था में ही उपयोग में आ जाता है. चिलचिलाती गर्मी के इस मौसम में इन बेहद आसान, वैज्ञानिक और पारंपरिक घरेलू उपायों को अपनाकर हम न केवल फलों और सब्जियों को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि अन्न व धन दोनों की अनावश्यक बर्बादी को भी रोक सकते हैं.

रसोई प्रबंधन में दादी-नानी का एक और सबसे मशहूर और प्रामाणिक देसी नुस्खा मिट्टी के बर्तनों (जैसे मटके या उथले पात्र) का उपयोग करना है. देश के कई ग्रामीण और पारंपरिक क्षेत्रों में आज भी फ्रिज के बजाय टमाटर, खीरा, परवल और कुछ अन्य हरी सब्जियों को मिट्टी के बर्तनों में सहेजकर रखा जाता है. मिट्टी के इन बर्तनों की प्राकृतिक बनावट और उनमें मौजूद छोटे-छोटे छिद्रों (Pores) के कारण अंदर का तापमान बाहर के मुकाबले काफी कम रहता है, जिससे सब्जियां प्राकृतिक रूप से ठंडी व हाइड्रेटेड रहती हैं और चिलचिलाती गर्मी में भी जल्दी खराब नहीं होतीं.

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