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नोएडा गाजियाबाद और फरीदाबाद को जोड़ने वाला मुख्य हाई वे FNG पर्थला गोल चक्कर से लेकर सेक्टर 82 की तरफ जाने वाली साइट पर करीब 3 से 4 किलोमीटर का बड़ा हिस्सा शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है. स्ट्रीट लाइट के खंभे लगे है पर उनपर लाइट नहीं है. अगर किसी किसी खंभे पर लाइट लगी है तो चालू नहीं है. बीच बीच में कई जगह यूटर्न, और स्पीड ब्रेकर है, जिसके चलते वहां हमेशा हादसों का डर बना रहता हैं. इस हाईवे चलने वाले और आस पास के निवासियों की माने तो हर तरह से बिजली विभाग से शिकायत करली लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला.
नोएडा: नोएडा गाजियाबाद और फरीदाबाद को जोड़ने वाला मुख्य हाई वे FNG पर्थला गोल चक्कर से लेकर सेक्टर 82 की तरफ जाने वाली साइट पर करीब 3 से 4 किलोमीटर का बड़ा हिस्सा शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है. स्ट्रीट लाइट के खंभे लगे है पर उनपर लाइट नहीं है. अगर किसी किसी खंभे पर लाइट लगी है तो चालू नहीं है. बीच बीच में कई जगह यूटर्न, और स्पीड ब्रेकर है, जिसके चलते वहां हमेशा हादसों का डर बना रहता हैं. इस हाईवे चलने वाले और आस पास के निवासियों की माने तो हर तरह से बिजली विभाग से शिकायत करली लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला. हमेशा हादसों का डर बना रहता है और आने जाने वाले वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
हजारों की संख्या में गुजरते है वाहन
सेक्टर 118 में स्थित सोसाइटी निवासी विकास झा ने बताया कि कई बार सोशल मीडिया के माध्यम से लेकर लेटर के माध्यम से उन्हें अवगत कराया जा चुका है कि एफएनजी शाम के बाद बिल्कुल सुरक्षित नहीं है. ये व्यस्त हाई वे है और हजारों की संख्या में आस पास लोग सोसाइटी में रहते हैं. पर्थला गोल चक्कर से सेक्टर 118, 119, 122, सोरखा, सलारपुर, भंगेल, सेक्टर 82, फेस 2 की तरफ जाने वाले या आने लोगों को एक मुसीबत है. हाईवे पर स्ट्रीट लाइट के खंभे खड़े हैं. लेकिन उन पर लाइट नहीं है और अगर किसी पर लाइट है तो वह जलती नहीं है.
बिजली विभाग की घोर लापरवाही
विकास झा ने बताया कि FNG के दूसरी तरफ डूब क्षेत्र है और वहां लोगों के पास स्थाई कनेक्शन नहीं है. जिसके चलते वह अवैध तरीका से भरपूर मात्रा में लाइट का प्रयोग कर रहे हैं लेकिन हम बात इस हाईवे की करें तो इस ओर अधिकारियों का बिल्कुल ध्यान नहीं है. जिसके कारण आसपास के सोसाइटी निवासी और रोड पर चलने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसे लापरवाही नहीं घोर लापरवाही कहेंगे. एक तरफ तो अवैध तरीके से बिजली की आपूर्ति की जा रही है वही दूसरी तरफ की तस्वीर में हाईवे और नोएडा की तमाम ऐसी जगह जो अंधेरे में शाम होते ही डूब जाती है.
इस बारे में हमने बिजली विभाग के मुख्य अभियंता संजय जैन से बात की तो उन्होंने बताया कि हम संबंधित अधिकारी के द्वारा जांच करा रहे हैं और जो भी तथ्य निकाल कर सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी लेकिन स्थिति फिलहाल मौके पर जस के तस है कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
