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DTU student Innovation Story: दिल्ली के डीटीयू स्टूडेंट आर्यन ने 350 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड वाला इंटरसेप्टर ड्रोन बनाया है. उनके इस काम की हर कोई तारीफ कर रहा है. उन्होंने इस ड्रोन को आर्मी को देने की इच्छा जताई है. वहीं, शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आर्यन की जमकर सराहना की.
नई दिल्ली: भारत की सीमा सुरक्षा को मजबूती देने के लिए दिल्ली के स्टूडेंट ने कमाल का ड्रोन बना दिया है, जिसे देखते ही दुश्मनों के ड्रोन थर-थर कांपने लग जाएंगे. क्योंकि यह ड्रोन 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दुश्मनों के ड्रोन को मार कर तबाह कर देगा. यह ड्रोन इतनी तेजी से दुश्मनों के टारगेट को हिट करेगा कि उन्हें संभलने का भी मौका नहीं मिलेगा. दिल्ली के स्टूडेंट आर्यन और उनका यह ड्रोन तब चर्चा का विषय बन गया, जब गुरुवार को दिल्ली के नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में अटल इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन करने दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद पहुंचे.
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस ड्रोन को देखकर इसकी जमकर तारीफ की. लोकल 18 से खास बातचीत में इसे बनाने वाले डीटीयू के स्टूडेंट आर्यन ने बताया कि वह डीटीयू में फाइनल ईयर के छात्र हैं और ऑपरेशन सिंदूर ने उनको काफी प्रभावित किया था. उस समय हमारे देश की सीमा में हर तरह की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी. ताकि पड़ोसी मुल्क का कोई भी ड्रोन या मिसाइल उनकी ओर न बढ़ सके और उनको तत्काल मारकर गिराया जा सके.
350 किलोमीटर होगी स्पीड
स्टूडेंट आर्यन ने बताया कि कक्षा 8 से ही उनको ड्रोन बनाने का शौक शुरू हुआ था. शुरुआत में कई चुनौतियां आई. कभी ड्रोन उड़ सका तो कभी नहीं उड़ सका. कभी उसके कई पार्ट्स बनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन बनाते-बनाते अब उन्होंने 50 से ज्यादा ड्रोन बना दिए हैं. जो ड्रोन दुश्मनों के टारगेट को हिट करेगा. उसकी स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार है.
जबकि मामूली ड्रोन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ते हैं और काम करते हैं. आर्यन ने बताया कि ये ड्रोन इंटरसेप्टर ड्रोन (Interceptor drones) है. जो विशेष रूप से डिजाइन किए गए मानवरहित हवाई वाहन (UAV) होते हैं, जिनका मुख्य काम दुश्मन के ड्रोनों (Drones) या अन्य हवाई खतरों को हवा में ही पहचानना, उनका पीछा करना और उन्हें नष्ट करना या निष्क्रिय करना होता है. उन्हें एंटी-ड्रोन (Anti-Drone) टेक्नोलॉजी के रूप में भी जाना जाता है.
डिफेंस को देने का है सपना
स्टूडेंट आर्यन ने बताया कि वह अपने ड्रोन को डिफेंस को देना चाहते हैं, यानी आर्मी को देना चाहते हैं. ताकि आर्मी इस ड्रोन का इस्तेमाल करे और दुश्मनों के टारगेट को आसानी से हिट करे. जो स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटे रफ्तार उन्होंने दी है. इतनी हाई स्पीड के ड्रोन जल्दी नहीं मिलते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उनके ड्रोन का जो वजन है. वह एक किलो ग्राम से लेकर 3 किलोग्राम तक है. इसे बनाने में उन्हें 6 महीने का वक्त लगा है और वह एक और ड्रोन और बना रहे हैं, जिसमें एक साथ 200 से ज्यादा ड्रोन उड़कर आसानी से अलग-अलग टारगेट को हिट कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि उनके पिता बिजनेसमैन हैं. मां गृहिणी हैं और वह सोनीपत हरियाणा के रहने वाले हैं और दिल्ली के डीटीयू से पढ़ाई कर रहे हैं.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें
