Last Updated:
निभर्य रहो को तीन बड़े हिस्सों में बांटा गया है. जिसमें पहला निभर्य नेत्री है, इसमें महिला पंचायत प्रतिनिधियों को कानूनी जानकारी और नेतृत्व की ट्रेनिंग दी जाएगी. दूसरा निभर्य चेतना है, इसका मकसद पुरुष प्रतिनिधियों को महिलाओं से जुड़े मुद्दों, सुरक्षा और समानता के प्रति जागरूक करना है. तीसरा और आखिरी है निभर्य दृष्टि इसमें गांवों में संवेदनशील जगहों पर CCTV कैमरे लगाकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी.
दिल्ली: महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और पंचायतों में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है. पंचायती राज मंत्रालय ने ‘निभर्य चेतना’ पहल के तहत तीन दिवसीय ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (ToT) कार्यक्रम की शुरुआत की है. यह कार्यक्रम 17 जून से दिल्ली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (IIPA) में आयोजित किया जा रहा है. इस पहल का उद्देश्य पंचायत स्तर पर महिलाओं को सशक्त बनाना और सुरक्षित सामाजिक वातावरण तैयार करना है.
क्या है ‘निभर्य रहो’ पहल?
पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने बताया कि ‘निभर्य रहो’ केंद्र सरकार की एक विशेष पहल है, जिसकी शुरुआत इसी वर्ष 11 मार्च को की गई थी. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा, कानूनी जागरूकता और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है. यह योजना देशभर के लगभग 32 लाख पंचायत प्रतिनिधियों तक पहुंचने के लक्ष्य के साथ शुरू की गई है. उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत महिलाओं और पुरुषों दोनों को अलग-अलग प्रकार की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, सुरक्षा और समानता का माहौल विकसित किया जा सके. साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों, जिम्मेदारियों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी जाएगी.
तीन हिस्सों में संचालित होगा अभियान
पहला भाग ‘निभर्य नेत्री’ है. इसके तहत महिला पंचायत प्रतिनिधियों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने, निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. दूसरा भाग ‘निभर्य चेतना’ है. इसका उद्देश्य पुरुष पंचायत प्रतिनिधियों को महिलाओं से जुड़े मुद्दों, उनकी सुरक्षा, सम्मान और लैंगिक समानता के प्रति संवेदनशील बनाना है. इसके माध्यम से ग्रामीण समाज में सकारात्मक सोच और व्यवहार को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा. तीसरा और अंतिम भाग ‘निभर्य दृष्टि’ है. इस पहल के तहत गांवों में संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित हो सके.
45 मास्टर ट्रेनर्स को दिया जा रहा प्रशिक्षण
इस पायलट कार्यक्रम के तहत पहले चरण में 45 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है. ये प्रशिक्षक आगे चलकर विभिन्न राज्यों में हजारों पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण देंगे. कार्यक्रम में असम, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों के प्रतिभागी शामिल हुए हैं.
सरकार ने क्या कहा?
पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि भारत में वर्तमान में महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी लगभग 32 प्रतिशत है, जिसे और बढ़ाने की आवश्यकता है. उनका मानना है कि पंचायत स्तर पर महिलाओं को सशक्त बनाकर सामाजिक और आर्थिक विकास की गति को और तेज किया जा सकता है.
ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक बदलाव
वहीं, मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव सुशील कुमार लोहानी और संयुक्त सचिव अमित अग्रवाल ने भी इस पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देगा, बल्कि पंचायतों में उनकी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करने में भी अहम योगदान देगा.
About the Author
न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
